राजस्थान में प्याज के दाम ने रुलाया, एक महीने में ₹15 से ₹50 किलो तक पहुंचा भाव, जानें आपके शहर का रेट

जयपुर: राजस्थान भर में पिछले कुछ हफ्तों से सब्जियों के दामों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है, जिससे आम आदमी की जेब पर भारी असर पड़ा है. विशेष रूप से रसोई की सबसे जरूरी जरूरत यानी प्याज के भावों में जबरदस्त उछाल आया है. राज्य के विभिन्न प्रमुख जिलों में प्याज की कीमतों में पिछले एक महीने के भीतर भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं का मासिक बजट गड़बड़ा गया है. थोक और खुदरा बाजारों में मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने के कारण कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं.
राज्य के विभिन्न संभागों और बड़े शहरों से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार, प्याज के दाम अब उपभोक्ताओं की पहुंच से बाहर होने लगे हैं. अधिकांश जिलों में जो प्याज एक महीने पहले 20 से 30 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा था, वह अब सीधे 40 से 50 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुका है.
जानें अपने शहर का रेट जोधपुर और जयपुर: जोधपुर में एक महीने पहले जो प्याज 10 से 15 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, उसके दाम बढ़कर आज 40 रुपये प्रति किलो हो गए हैं. इसी तरह राजधानी जयपुर में एक महीने पहले प्याज 30 से 35 रुपये प्रति किलो मिल रहा था, जो अब बढ़कर 40 रुपये प्रति किलो पर बिक रहा है.
अजमेर, कोटा और बीकानेर: अजमेर में एक महीने पहले प्याज के दाम मात्र 20 रुपये प्रति किलो थे, जो अब उछलकर सीधे 50 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं. कोटा और बीकानेर में भी यही हाल है; जहाँ एक महीने पहले प्याज 25 से 30 रुपये किलो मिल रहा था, वहाँ वर्तमान भाव अब 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं.
उदयपुर, अलवर और भरतपुर: उदयपुर में एक महीने पहले प्याज 20 से 25 रुपये किलो था, जो अब बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो हो गया है. इसी प्रकार कृषि उत्पादन के लिए मशहूर अलवर में एक महीने पहले जो प्याज 15 से 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, उसके वर्तमान खुदरा भाव अब 50 रुपये प्रति किलो दर्ज किए जा रहे हैं. भरतपुर में भी प्याज के भाव एक महीने पहले 40 रुपये थे, जो अब बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो हो गए हैं.
कीमतों में अचानक तेजी आने का कारणव्यापारियों और जानकारों के अनुसार, प्याज के दामों में आई इस अचानक तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं. पिछले कुछ दिनों में मौसम में आए बदलाव, नई फसल की आवक में देरी और भंडारण में कमी के चलते मंडियों में प्याज की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर आ गया है. इसके अलावा परिवहन लागत बढ़ने और अन्य राज्यों से आने वाली सप्लाई प्रभावित होने के कारण भी खुदरा बाजारों में कीमतें आसमान छू रही हैं.
आम जनता की बढ़ी चिंताप्याज के दामों में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी से गृहिणियों और आम नागरिकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं. रोजाना के खाने में इस्तेमाल होने वाले प्याज के दाम दोगुने होने से मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उपभोक्ताओं का मानना है कि यदि प्रशासन और सरकार ने समय रहते जमाखोरी पर लगाम नहीं लगाई और मंडियों में आपूर्ति को सुचारू नहीं किया, तो आने वाले दिनों में कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं. फिलहाल लोगों को नई फसल की आवक शुरू होने का इंतजार है ताकि उन्हें इन बढ़ी हुई कीमतों से कुछ राहत मिल सके.



