तमन्ना का छठ गीत कितना सही, कितना फिल्मी? 400 साल पुराने मंदिर से क्या कनेक्शन, सिद्धार्थ का टॉयलेट बयान बना आफत

Last Updated:September 13, 2026, 18:15 IST
हाल में ही तमन्ना भाटिया का छठी मैया गाना रिलीज हुई, जिसने खूब सुर्खियां बटोरी. ये गाना तमन्ना और सिद्धार्थ मल्होत्रा की आने वाली फिल्म ‘द वन’ में है. इस गाने के पीछे एक मंदिर की कहानी ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है. चलिए बताते हैं कि गाने में दिखाए गए छठ के कितने दृश्य और रस्में असली परंपराओं पर आधारित हैं?
हाल में ही तमन्ना भाटिया और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट का हाल ही में रिलीज हुआ गाना ‘छठी मैया’ रिलीज हुआ. जिसने बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के महापर्व छठ पूजा और परंपराओं की याद दिलवा दी है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस गाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. कई पोस्ट में इसके पीछे की कहानी को पटना के पास स्थित सदियों पुराने एक मंदिर से जोड़ा जा रहा है.
छठी मैया गाने को विशाल मिश्रा ने कंपोज किया तो कौशल किशोर ने लिरिक्स लिखे. तमन्ना भाटिया पर फिल्माए गए गीत में सिद्धार्थ मल्होत्रा की झलक भी देखने को मिलती है. यह गाना फिल्म की ‘वन देवी’ की लोककथा और कहानी में दिखाए गए विश्वास के इर्द-गिर्द तैयार किया गया है.
अब इस गीत के बाद दव वन फिल्म की कहानी को वन देवी मंदिर से जोड़कर देखा जा रहा है. जोकि पटना में स्थित है. करीब 400 साल पुराना इस मंदिर का इतिहास है. बताया जा रहा है कि मेकर्स ने इस गाने को बनाने से पहले इस मंदिर में देवी के दर्शन किए थे. साथ ही स्थानीय लोगों से लेकर पुजारियों से बातचीत करके इसका महत्व जाना. इस मंदिर की कई रहस्यमयी मान्यताएं भी प्रचलित है.
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एक मशहूर लोककथा विद्यानंद मिश्रा से जुड़ी है. जिन्हें लेकर कहा जाता है कि वह विद्याचली माता के बड़े भक्त हुआ करते थे. मान्यता है कि वह देवी के दर्शन के लिए मिर्जापुर के विंध्याचल धाम जाया करते थे. मगर जैसे जैसे भक्त की उम्र बढ़ गई तो वह इतनी दूर जाने में असमर्थ थे. ऐसे में एक दिन देवी विद्याचली ने अपने भक्त को सपने में दर्शन दिए. देवी ने उन्हें अपनी पिंड का एक हिस्सा घर के पास लाकर स्थापित करने को कहा. फिर विद्यानंद मिश्रा ने जंगल में देवी के उस पवित्र अंश को स्थापित किया और वहीं बैठकर तपस्या करने लगे.
इस कथा का एक हिस्सा संन्यासी से जुड़ा भी है. कहते हैं कि जंगल में एक दिन एक संन्यासी विद्यानंद मिश्रा की तपस्या भंग करने की कोशिश करता है. तब भक्त एक घड़ा उसके पास रख देता है जिसमें सभी सवालों के जवाब थे. मगर संन्यासी ने उस घड़े को तोड़ दिया. जिसके बाद देवी आक्रोशित हो गई और संन्यासी को दंड दिया. यहीं से देवी का एक नाम कंका माता भी पड़ा. स्थानीय लोगों का मानना है कि कंका मां उन्हें बुरी शक्तियों से बचाती हैं.
‘छठी मैया’ में कितनी सही दिखाई गई है छठ पूजा? : छठ पूजा चार दिनों तक चलती है, जिसमें व्रत, नियमों का पालन, पूजा की तैयारी और सूर्य देव की आराधना की जाती है. सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाने वाले इस व्रत की खूब मान्यता है. इसी पूजा पर छठी मैया गाना फिल्माया गया है. पूरे गाने में व्रत व पूजा और अर्घ्य के दृश्य भी दिखाए गए हैं.
तमन्ना भाटिया छठी मैया गाने में बांस का सूप लेकर छठ घाट पर महिलाओं के बीच नजर आती हैं. वह व्रती की तरह 16 श्रृंगार करके सूर्य देव की पूजा और अर्घ्य की तैयारी भी करती हैं. पूरा गाना छठ महापर्व के पारंपरिक रंग में रंगा हुआ है. म्यूजिक से लेकर पूजा के दृश्यों और पहनावे तक, हर चीज में पारंपरिक और भक्तिमय अंदाज देखने को मिलता है.
मगर छठ पूजा करने वाले भक्त इस गाने को लेकर एक अलग मत रखते हैं. लोगों का मानना है कि गीत के सीन पारंपरिक से ज्यादा सिनेमाई लगते हैं. इसे पूरी तरह से बॉलीवुड टच दिया गया है. बांस का सूप छठ पूजा का अहम हिस्सा है, लेकिन गाने में उसे जिस तरह से इस्तेमाल किया गया है. वह असली पूजा की प्रक्रिया से पूरी तरह मेल नहीं खाता. वहीं बिहार और झारखंड के लोगों ने भी कपड़ों से लेकर पूजा के तौर तरीकों पर रिएक्ट किया. उनका मानना है कि जिस तरह पूजा की थाली और सामाग्री रखी गई है इसमें भी काफी अंतर है.
अब आते हैं तमन्ना भाटिया के लुक पर. वह गाने में उल्टे पल्ले की लाल साड़ी और सिर पर लाल दुपट्टा डाले दिख रही हैं. वैसे छठ पूजा में ज्यादातर महिलाएं सीधे पल्लू की साड़ी पहनती हैं. खैर इन बदलावों का मतलब यह नहीं कि गाने में छठ पूजा को गलत दिखाया गया है.
छठ पूजा का त्यौहार आस्था का पर्व है. ये किसी दिखावे या कपड़ों पर केंद्रीत नहीं. बल्कि भक्तों के कठिन उपवास और अनुशासन का तरीका है. व्रती के साथ साथ पूरा परिवार पूजा में भाग लेता है. पूरी तरह से साफ सफाई और शाकाहारी तरह से प्रसाद व भोग बनाया जाता है. जिसमें खूब नियमों का पालन किया जाता है. अब यही वजह है कि ये गाना असली पूजा से ज्यादा बॉलीवुड की एक परफॉर्मेंस है. इसके बावजूद तमन्ना का गाना छठी मैया और सूर्य देव के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और भावनात्मक जुड़ाव को जरूर दिखाता है.
गाने में भी एक कहानी है. कैसे तमन्ना का किरदार सिद्धार्थ के किरदार के सवाल उठाने के बावजूद छठ पूजा करने पर अड़ा रहता है. फिर दोनों का विश्वास देखने को मिलता है. इसी तरह दोनों की फिल्म का कनेक्शन द वन मंदिर की कहानी और छठ पूजा से जोड़ा जा रहा है. फिल्म 25 सितंबर 2026 को रिलीज होगी.
सिद्धार्थ मल्होत्रा जहां एक ओर छठ जैसे महत्व से जुड़ा प्रोजेक्ट कर रहे हैं. वहीं उनका कई साल पुराना भोजपुरी विवाद भी गरमा गया है. बात है 2018 की. जब वह मनोज बाजपेयी और रकुल प्रीत सिंह के साथ बिग बॉस 11 में फिल्म ‘अय्यारी’ के प्रमोशन में पहुंचे थे. तब स्टेज पर मनोज बाजपेयी ने उनसे एक वाक्य भोजपुरी में बोलने को कहा था. सिद्धार्थ ने ऐसा करने के बाद कहा था कि उन्हें ‘लैट्रीन’ वाली फीलिंग आई. ये सुनकर कई लोग एक्टर से नाराज हो गए थे. लोगों ने कहा था कि एक्टर का ये बयान उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाता है.
कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि ‘छठी मैया’ गाने में मेकर्स ने दोनों बातों का ख्याल रखा है. उन्होंने छठ पूजा को पूरी तरह पारंपरिक प्रस्तुति के बजाय बॉलीवुड के अंदाज में दिखाया है. जहां छठ घाट, सूप, पूजा, अर्घ्य, भक्ति और छठी मैया के प्रति आस्था को दिखाया गया है. वहीं कॉस्ट्यूम, डांस और कुछ सीन्स को फिल्मी अंदाज में पेश किया गया है.
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September 13, 2026, 18:15 IST



