सफाई को सेवा बनाया, अब जनता ने चुनावी मैदान में उतारा, जानिए अलवर के विपिन की कहानी

अलवर. आमतौर पर चुनाव के दौरान नेता जनता के बीच पहुंचकर विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन अलवर शहर के वार्ड नंबर 33 में इस बार कहानी कुछ अलग है. यहां एक साधारण युवक ने बिना किसी सरकारी पद, मानदेय या राजनीतिक लालच के करीब एक साल से अपने वार्ड की सफाई को ही सेवा का जरिया बना लिया है. विपिन रोज सुबह करीब साढ़े 6 बजे हाथ में झाड़ू लेकर घर से निकलते हैं और 100 से ज्यादा घरों के सामने खुद सफाई करते हैं.
वार्ड की गलियों और मुख्य रास्तों से कचरा हटाने के साथ वह लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करते हैं. सफाई का काम पूरा करने के बाद विपिन अपनी आजीविका के लिए डिस्पोजल आइटम की सप्लाई का काम करते हैं. उनके इसी निस्वार्थ सेवाभाव से प्रभावित होकर वार्ड के लोगों ने उन्हें इस बार पार्षद का चुनाव लड़ाने का फैसला किया है. मोहल्ले के लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के पूरे वार्ड को अपना परिवार समझकर सेवा कर रहा है, वह जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी लोगों के बीच रहकर काम करेगा.
रोज 100 से ज्यादा घरों के आगे लगाते हैं झाड़ू
विपिन का दिन सुबह साढ़े 6 बजे शुरू होता है. वह हाथ में झाड़ू लेकर वार्ड की गलियों में निकल जाते हैं. सबसे पहले लोगों के घरों के सामने सफाई करते हैं और इसके बाद मुख्य रास्तों से कचरा हटाते हैं. करीब 100 से ज्यादा घरों के सामने रोजाना सफाई करने के साथ वह आसपास रहने वाले लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हैं. सफाई पूरी करने के बाद वह अपने डिस्पोजल आइटम सप्लाई के काम पर निकल जाते हैं.
नारनौल में भी करते थे मोहल्ले की सफाई
विपिन पहले हरियाणा के नारनौल में रहते थे. वहां भी वह अपने मोहल्ले में खुद झाड़ू लगाते और गंदगी हटाते थे. विपिन की मां बताती हैं कि जब बेटे ने दूसरों के घरों के सामने से गोबर और कचरा उठाना शुरू किया तो उन्होंने उसे कई बार टोका. हालांकि विपिन ने सफाई करना नहीं छोड़ा. उसका कहना था कि आसपास गंदगी देखकर उससे रहा नहीं जाता. मां के मुताबिक विपिन स्वभाव से बेहद सरल हैं और अब पूरा मोहल्ला उनके साथ खड़ा है.
महिलाओं ने कहा- इसी को बनाना है पार्षद
स्थानीय महिला पूनम यादव का कहना है कि अपनों के लिए तो हर कोई काम करता है, लेकिन विपिन पूरे वार्ड को अपना परिवार मानते हैं. वह रोज सफाई करने के साथ लोगों को जागरूक भी करते हैं. कौशल्या देवी के मुताबिक विपिन ईमानदार और सुलझे हुए युवक हैं. मोहल्ले की कई महिलाएं तय कर चुकी हैं कि इस बार उन्हें ही पार्षद बनाना है. उनका मानना है कि ऐसा व्यक्ति जनप्रतिनिधि बनेगा तो वार्ड की पानी और सफाई जैसी समस्याओं को प्राथमिकता से उठाएगा.
पानी से लेकर सार्वजनिक समस्याओं तक रहते हैं आगे
वार्ड निवासी गिरीराज सिंह कहते हैं कि सरकारी सफाईकर्मी आएं या नहीं, विपिन बिना किसी स्वार्थ के रोज झाड़ू लगाने पहुंचते हैं. पानी का संकट हो या कोई अन्य सार्वजनिक समस्या, वह लोगों की मदद के लिए सबसे आगे खड़े नजर आते हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक विपिन का सहज व्यवहार भी उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाता है. अब वार्ड के लोगों ने उनके इसी सेवाभाव को चुनाव में जनप्रतिनिधित्व का मौका देने का फैसला किया है. विपिन भी लोगों के इस भरोसे को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं.



