सिंटा विवाद पर पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों ने तोड़ी चुप्पी, चोरी के आरोपों पर दिया जवाब

Last Updated:October 21, 2026, 16:48 IST
सिंटा विवाद के बीच अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों ने अपने ऊपर लगे चोरी के आरोपों पर चुप्पी तोड़ दी है. सिंटा के कार्यकारी समिति चुनाव में पद्मिनी सबसे ज्यादा वोट हासिल कर पहले स्थान पर रहीं, जबकि पूनम ढिल्लों दूसरे नंबर पर आईं. जीत के बाद दोनों अभिनेत्रियों ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि संगठन के पैसों का इस्तेमाल किसी निजी काम के लिए नहीं किया गया. पूनम ने एफडी तोड़ने की वजह भी बताई और कहा कि संगठन के बैंक खाते फ्रीज होने के कारण कामकाज जारी रखने के लिए पैसों की जरूरत थी.
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फिल्मी सितारों के बीच बढ़े मतभेद.
नई दिल्ली. सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) के कार्यकारी समिति चुनाव में अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने शानदार जीत दर्ज की है. उन्हें सबसे ज्यादा 604 वोट मिले. वहीं, अभिनेत्री पूनम ढिल्लों 601 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहीं. चुनाव में जीत के बाद दोनों अभिनेत्रियों ने संगठन में चल रहे विवाद और अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर खुलकर बात की.
पद्मिनी कोल्हापुरे ने जीत के बाद सभी वोटर्स का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि उनके लिए यह जीत किसी सर्टिफिकेट से कम नहीं है. उन्होंने उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने उन्हें वोट देकर पहले स्थान पर पहुंचाया. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कमेटी में कोई भी सदस्य नंबर वन या आखिरी नहीं है. सभी ने मुश्किल समय में साथ दिया है और यही सबसे बड़ी बात है.
चोरी के आरोपों पर पूनम ढिल्लों ने क्या कहा?
सिंटा में चल रहे विवाद के दौरान अभिनेत्री उपासना सिंह और कुनिका सदानंद ने पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों पर संगठन के जरूरी दस्तावेज और सामान गलत तरीके से हटाने के आरोप लगाए थे. दोनों अभिनेत्रियों पर चोरी करने के आरोप भी लगाए गए थे.इन आरोपों पर सफाई देते हुए पूनम ढिल्लों ने कहा कि संगठन के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए थे. ऐसे में कामकाज और सदस्यों के कल्याण से जुड़े खर्चों को चलाने के लिए पैसों की जरूरत थी. इसी वजह से फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तोड़ने का फैसला लिया गया था. पूनम ने साफ कहा कि एफडी तोड़ने का फैसला किसी निजी फायदे के लिए नहीं लिया गया था. न तो उन्होंने और न ही पद्मिनी कोल्हापुरे या कमेटी के किसी सदस्य ने संगठन के पैसे अपने निजी खाते में डाले थे. उन्होंने दावा किया कि जो भी पैसा खर्च हुआ है, उसका पूरा हिसाब लिखित रूप में मौजूद है.
तीन साल के कार्यकाल पर भी दी सफाई
सिंटा में कमेटी के तीन साल के कार्यकाल को लेकर भी पूनम ढिल्लों ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि संगठन में कोई भी फैसला किसी की मनमर्जी से नहीं लिया जाता है. इसके लिए पहले एजीएम यानी वार्षिक आम बैठक होती है और फिर प्रस्ताव पास किए जाते हैं. पूनम के मुताबिक, किसी भी बदलाव को लागू करने से पहले तय प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है. प्रस्ताव को संविधान के मुताबिक रजिस्ट्रार के पास भेजा जाता है और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही बदलाव लागू होता है.
बता दें कि उन्होंने दावा किया कि तीन साल के कार्यकाल से जुड़ा फैसला साल 2025 में हुई एजीएम में लिया गया था. उस समय उपासना सिंह संगठन की सचिव थीं और उन्होंने ही बैठक में इस फैसले की घोषणा की थी. अब चुनाव में जीत के बाद पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों की नजरें संगठन के कामकाज को आगे बढ़ाने पर हैं. वहीं, विवाद और आरोपों के बीच दोनों अभिनेत्रियों ने अपनी तरफ से सफाई देते हुए कहा है कि संगठन के पैसों का इस्तेमाल निजी कामों के लिए नहीं किया गया था.
About the AuthorMunish KumarSenior sub editor
न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
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First Published :
October 21, 2026, 16:48 IST



