‘सिर्फ मीटिंग करने से कुछ नहीं होगा’: SCO समिट में राजनाथ सिंह ने चेताया, तनाव और जंग से टूट रही सप्लाई चेन

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तकनीक से बढ़ रही देशों के बीच खाई, तनाव और जंग से टूट रही सप्लाई चेन: राजनाथ
Last Updated:October 20, 2026, 13:04 IST
Rajnath Singh in SCO Summit: राजनाथ सिंह ने कहा कि आज दुनिया ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां वैश्विक आर्थिक माहौल लगातार अनिश्चित होता जा रहा है. अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे संघर्ष और देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर सप्लाई चेन यानी सामान की आपूर्ति पर पड़ रहा है.राजनाथ सिंह ने ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.
Rajnath Singh in SCO Summit: ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की अहम बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुनिया के मौजूदा हालात पर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने दो टूक शब्दों में चेताया कि दुनिया इस वक्त बेहद नाजुक और खतरनाक मोड़ पर खड़ी है. वैश्विक स्तर पर गहराते तनाव और युद्ध जैसे हालात अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचा रहे हैं.
राजनाथ सिंह ने साफ किया कि अगर वक्त रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जरूरी सामान की किल्लत और आर्थिक असमानता का संकट विकराल रूप ले लेगा. इस दौरान उन्होंने एनर्जी, फूड सिक्योरिटी और तेजी से बदलती नई टेक्नोलॉजी के खतरों पर दुनिया के नेताओं का ध्यान खींचा.
राजनाथ सिंह ने मंच से कहा, ‘आज पूरी दुनिया अनिश्चितता के खतरनाक दौर में प्रवेश कर चुकी है.’ देशों के आपसी टकराव और जंग जैसे माहौल ने ग्लोबल सप्लाई चेन की कमर तोड़ दी है. एक देश से दूसरे देश तक जरूरी सामान पहुंचाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है. सीमाओं पर जारी तनातनी का सीधा असर अब आम आदमी की जेब और वैश्विक व्यापार पर दिखने लगा है.
एनर्जी और फूड सिक्योरिटी पर गहराया खतरादुनियाभर में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा का मुद्दा अब सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है. रक्षा मंत्री ने इन चिंताओं को उठाते हुए आगाह किया…* कच्चे तेल और गैस समेत ऊर्जा संकट आने वाले दिनों में कई देशों की रफ्तार रोक सकता है.* अनाजों और जरूरी खाद्य पदार्थों की कमी से भुखमरी और महंगाई का खतरा बढ़ रहा है.* बुनियादी जरूरतों को पूरा करना कई मुल्कों के लिए अब अस्तित्व की लड़ाई बन गया है.
नई टेक्नोलॉजी और बढ़ता सामाजिक अंतरआधुनिक तकनीक दुनिया की अर्थव्यवस्था का चेहरा तेजी से बदल रही है. हालांकि यह बदलाव सबके लिए एक जैसा फायदेमंद साबित नहीं हो रहा है. रक्षा मंत्री के मुताबिक, एडवांस टेक्नोलॉजी की इस अंधी दौड़ ने देशों और समाजों के बीच खाई को और चौड़ा कर दिया है. संपन्न देश जहां तेजी से आगे निकल रहे हैं, वहीं कमजोर देश इस होड़ में पिछड़ते जा रहे हैं.
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसे समय में SCO की असली सफलता इस बात से तय होगी कि सदस्य देश साझा मुद्दों पर कितनी सहमति बना पाते हैं और मिलकर उन पर कितना काम करते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते वैश्विक हालात में केवल बैठकें करना काफी नहीं है. जरूरी है कि SCO देश आपसी सहमति के आधार पर साझा चुनौतियों का समाधान निकालें और सहयोग को आगे बढ़ाएं.
About the Authorराकेश रंजन कुमार
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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October 20, 2026, 13:04 IST



