सुबह सिरदर्द से खुलती है नींद तो हो जाएं सतर्क, इन लक्षणों में तुरंत जाएं अस्पताल वरना पडे़गा भारी

फरीदाबाद: अचानक होने वाला सिरदर्द अक्सर लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार सिरदर्द तनाव, थकान या शरीर में पानी की कमी की वजह से भी हो सकता है, लेकिन कुछ तरह के सिरदर्द ऐसे होते हैं, जिन्हें सामान्य मानना भारी पड़ सकता है. अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो, पहले कभी ऐसा दर्द महसूस न हुआ हो या उसके साथ उल्टी, कमजोरी, बेहोशी और दौरे जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए. सुबह उठते ही तेज सिरदर्द होना भी हर बार सामान्य नहीं माना जा सकता है.
फरीदाबाद के अमृता अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर, न्यूरोसर्जरी डॉ. सत्यकाम बरुआ ने लोकल18 से बातचीत में सिरदर्द से जुड़े इन खतरे के संकेतों के बारे में जानकारी दी.
पहली बार अचानक तेज सिरदर्द होना खतरे का संकेत
डॉ. सत्यकाम बरुआ बताते हैं कि हर तरह का सिरदर्द खतरनाक नहीं होता और हर सिरदर्द में घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन कुछ तरह के सिरदर्द ऐसे हैं, जिनमें तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए. पहला ऐसा सिरदर्द है, जो व्यक्ति ने पहले कभी महसूस ही नहीं किया हो. कभी-कभी इस तरह के सिरदर्द को थंडरक्लैप हेडेक कहा जाता है. इसमें दर्द इतना तेज हो सकता है कि मरीज को ऐसा महसूस हो कि उसका सिर फट रहा है.
सिरदर्द के साथ बुखार कमजोरी या दौरे हों तो रहें सतर्क
डॉ. सत्यकाम बताते हैं कि अगर सिरदर्द के साथ बुखार आ रहा है या हाथ-पैर में कमजोरी जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्या हो रही है, तो यह भी खतरे का संकेत हो सकता है. इसके अलावा, अगर सिरदर्द के साथ दौरे पड़ रहे हैं, तो इसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे सभी लक्षणों में डॉक्टर से मिलना जरूरी है.
अगर सिरदर्द के साथ उल्टी हो रही है, मरीज बेहोश हो गया है या उसे दौरे पड़ रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल की इमरजेंसी में दिखाना चाहिए. इन लक्षणों के साथ घर पर इंतजार करना ठीक नहीं है.
सुबह उठते ही तेज सिरदर्द हो तो न करें नजरअंदाज
सुबह उठने के समय होने वाले सिरदर्द को लेकर डॉ. सत्यकाम बताते हैं कि अगर सिरदर्द के कारण नींद खुल रही है या व्यक्ति सिरदर्द की वजह से सो नहीं पा रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासकर सुबह बहुत तेज सिरदर्द हो और उसके साथ उल्टी भी हो, तो मरीज को नजदीकी अस्पताल में दिखाना चाहिए या न्यूरोलॉजिस्ट अथवा न्यूरोसर्जन से सलाह लेनी चाहिए.
हर सिरदर्द में एमआरआई या सीटी स्कैन जरूरी नहीं
डॉ. सत्यकाम यह भी स्पष्ट करते हैं कि हर व्यक्ति को सिरदर्द होने पर एमआरआई या सीटी स्कैन कराने की जरूरत नहीं होती. हल्का सिरदर्द हुआ और चला गया, तो कई बार इसकी वजह तनाव भी हो सकती है. लेकिन अगर सिरदर्द बुखार के साथ हो, बहुत तेज हो, दौरे पड़ रहे हों, हाथ-पैर में कमजोरी हो रही हो या लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ है और मरीज के व्यवहार में बदलाव आने लगा है, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. डॉक्टर मरीज की स्थिति देखकर तय करेंगे कि एमआरआई या सीटी स्कैन की जरूरत है या नहीं.
सुबह सिरदर्द होने पर पिएं पानी, लगातार दर्द हो तो कराएं जांच
सुबह के समय होने वाले सामान्य सिरदर्द के बारे में डॉ. सत्यकाम बताते हैं कि कई बार सुबह उठने पर शरीर में पानी की कमी हो सकती है. ऐसे में उठते ही चाय पीने के बजाय सबसे पहले एक गिलास हल्का गुनगुना पानी पीना चाहिए. इससे शरीर में पानी की कमी दूर हो सकती है और सामान्य सिरदर्द में आराम मिल सकता है.
लेकिन अगर लगातार एक सप्ताह या 10 दिन तक सुबह सिरदर्द होता रहे, तो इसे चिंता की बात मानकर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए.
सिरदर्द के इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
डॉ. सत्यकाम बताते हैं कि हर सिरदर्द खतरनाक नहीं होता, लेकिन कुछ खतरे के संकेतों को याद रखना जरूरी है. अगर अचानक बहुत तेज सिरदर्द हो या उसके साथ उल्टी, बेहोशी, दौरे, हाथ-पैर में कमजोरी, बुखार या व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करना ही सही कदम है.



