लंदन में कोरोना के XFG वेरिएंट से बढ़ी चिंता, WHO ने कहा निगरानी जरूरी, भारत में क्या है स्थिति

Last Updated:October 06, 2026, 12:08 IST
Covid XFG Variant : ब्रिटेन के लंदन में एक बार फिर से कोरोना के कुछ मामले सामने आए हैं. खास बात यह है कि यहां 2025 में पनपे XFG वैरिएंट का प्रकोप बढ़ा है. वैसे तो कोरोना अब उतनी चिंता की बात नहीं है लेकिन समय-समय पर दुनिया भर के देशों में यह तेजी से फैलने लगता है. लंदन के मामलों को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने निगरानी में रखने को कहा है. भारत में कोरोना की स्थिति में कोई उछाल नहीं है, इसलिए डरने की बात नहीं है.कोरोना का एक्सएफजी वैरिएंट. Photo : Canva
Covid-19 in London : 2020 का वो दौर शायद ही कोई भूल सकता है, जब कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में दस्तक दी थी. उस वक्त इस वायरस के बारे में जानकारी काफी कम थी और यह तेजी से फैल रहा था. वैक्सीनेशन और संक्रमण को रोकने के लिए कई स्तरों पर कोशिशें की गईं. देखते-देखते कोरोना महामारी से एंडेमिक बीमारी की ओर बढ़ गया, यानी इसके मामले अब समय-समय पर सामने आते रहते हैं और वायरस के अलग-अलग वेरिएंट भी सामने आते रहते हैं. अब एक बार फिर कोरोना के एक नए वेरिएंट XFG की चर्चा हो रही है. इसके मामले कई देशों में सामने आ रहे हैं और कुछ जगहों पर संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच इस वेरिएंट की पहचान हुई है.
ब्रिटेन में बढ़ रहे कोरोना के मामले
ब्रिटेन और खासकर लंदन में एक बार फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई है. कई मरीजों में जीनोम सीक्वेंसिंग के बाद XFG वेरिएंट की पहचान हुई है.
क्या है XFG वेरिएंट?
XFG एक रिकॉम्बिनेंट वेरिएंट है यानी यह वायरस के अलग-अलग वेरिएंट के हिस्सों के आपस में जुड़ने से बना है. XFG का पहला मामला जनवरी 2025 में सामने आया था. इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे Under Monitoring श्रेणी में रखा था, ताकि इसके फैलाव और व्यवहार पर लगातार नजर रखी जा सके. XFG ओमिक्रॉन फैमिली का ही एक रिकॉम्बिनेंट वेरिएंट है जो दो वेरिएंट्स LF.7 और LP.8.1.2 के मिलने से बना है. इसकी स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन के कारण यह शरीर की इम्युनिटी को चकमा देने में थोड़ा अधिक कारगर है, जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है.
XFG के क्या हैं लक्षण?
XFG से संक्रमित हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण दिखाई दें, ऐसा जरूरी नहीं है. अब तक सामने आए मामलों में खांसी, जुकाम, नाक बहना और सिरदर्द जैसे लक्षण देखे गए हैं. कुछ लोगों में मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द के साथ पेट से जुड़ी परेशानियां भी देखने को मिल सकती हैं वहीं, कुछ संक्रमित लोगों में कोई खास लक्षण भी नहीं दिखाई देते.
क्या XFG ज्यादा खतरनाक है?
फिलहाल ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि XFG वेरिएंट से गंभीर बीमारी या मृत्यु का खतरा पहले के वेरिएंट की तुलना में ज्यादा है. इसलिए केवल मामलों में बढ़ोतरी को देखकर घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि, नए वेरिएंट के व्यवहार और इसके प्रसार पर लगातार नजर रखना जरूरी है.
भारत में क्या है कोरोना की स्थिति?
भारत में फिलहाल कोरोना को लेकर किसी तरह की चिंताजनक स्थिति नहीं है. डॉक्टरों के मुताबिक मौसम बदलने के साथ समय-समय पर इन्फ्लुएंजा और दूसरे रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के मामले बढ़ते रहते हैं. हाल के समय में H1N1 और मौसमी फ्लू के मामले भी देखने को मिले हैं. इसी दौरान कोरोना के कुछ मामले भी सामने आए, क्योंकि रेस्पिरेटरी इंफेक्शन को लेकर टेस्टिंग की जा रही थी. डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल भारत में कोरोना को लेकर न तो कोई बड़ी लहर देखने को मिल रही है और न ही घबराने जैसी स्थिति है. हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को खांसी, बुखार, जुकाम या सांस से जुड़ी परेशानी है, तो सामान्य सावधानियां बरतना जरूरी है. यानी कोरोना अब हमारे बीच एक एंडेमिक बीमारी के तौर पर मौजूद है और समय-समय पर इसके अलग-अलग वेरिएंट सामने आते रहेंगे. ऐसे में घबराने के बजाय लक्षण होने पर सावधानी बरतना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.
First Published :
October 06, 2026, 12:08 IST



