सुल्तानपुरः मुंबई में विनोद नें सीखा वड़ा बनानें की रेसिपी, गांव कादीपुर खुर्द में खोली दुकान, सुबह से ही खाने वालों की लगती है भीड़

Last Updated:September 26, 2026, 11:15 IST
Sultanpur News: सुल्तानपुर के कादीपुर खुर्द गांव में विनोद जायसवाल की वड़े की दुकान दूर-दराज से लोगों को आकर्षित करती है. मुंबई से सीखा हुनर और खास मसालों से बना वड़ा लोगों को खूब पसंद आता है. दुकान भले ही छोटी है, लेकिन इसकी पहचान काफी बड़ी हो चुकी है. दुकानदार विनोद जायसवाल बताते हैं कि उनके यहां बने वड़े का स्वाद लेने के लिए प्रतापगढ़ और जौनपुर समेत दूसरे जिलों से भी लोग आते हैं.
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सुल्तानपुर: जिले के गांव में छोटी सी दुकान पर मिलने वाले वड़े का स्वाद लोगों को इतना पसंद आता है कि यहां सिर्फ आसपास के गांवों से ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के जिलों से भी लोग पहुंचते हैं. दुकान भले ही छोटी है, लेकिन इसकी पहचान काफी बड़ी हो चुकी है. दुकानदार विनोद जायसवाल बताते हैं कि उनके यहां बने वड़े का स्वाद लेने के लिए प्रतापगढ़ और जौनपुर समेत दूसरे जिलों से भी लोग आते हैं. कई ग्राहक ऐसे हैं जो जब भी इस इलाके से गुजरते हैं, दुकान पर रुककर वड़ा खाना नहीं भूलते. आखिर इस छोटी सी दुकान के वड़े में ऐसा क्या खास है, जो लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है?
रेसिपी ऐसे करते हैं तैयार
विनोद जायसवाल लोकल 18 से बताते हैं कि उनके वड़े के स्वाद में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की भी अहम भूमिका है. वड़ा तैयार करने के लिए वह लाल मिर्च, हरी मिर्च, जीरा, हरी धनिया और आलू समेत कई चीजों का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा सरसों के तेल में वड़ा तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और खुशबू अलग नजर आती है. मुंबई में सीखे तरीके और अपने अनुभव के साथ विनोद इन सामग्रियों को मिलाकर वड़ा तैयार करते हैं. यही स्वाद ग्राहकों को पसंद आता है. छोटी सी दुकान से शुरू हुआ उनका यह काम अब आसपास के कई जिलों तक अपनी पहचान बना चुका है.
मुंबई से सीखा वड़ा बनाने का हुनर
सुल्तानपुर के कादीपुर खुर्द गांव में एक छोटी सी दुकान है, जहां मिलने वाले वड़े का स्वाद लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है. इस दुकान को विनोद जायसवाल चलाते हैं. खास बात यह है कि विनोद ने वड़ा बनाने का हुनर सुल्तानपुर में नहीं, बल्कि मुंबई में सीखा. वहां काम करने के दौरान उन्होंने वड़ा बनाने और उसे स्वादिष्ट बनाने की बारीकियां सीखीं. इसके बाद जब वह अपने गांव लौटे तो इसी हुनर को रोजगार का जरिया बना लिया. आज छोटी सी जगह पर उनकी दुकान चलती है, लेकिन उनके बनाए वड़े की पहचान काफी दूर तक पहुंच चुकी है.
40 किलोमीटर के क्षेत्र से आते हैं लोग
विनोद जायसवाल की दुकान भले ही आकार में छोटी है, लेकिन यहां आने वाले ग्राहकों की पहुंच काफी बड़ी है. स्थानीय लोगों के अलावा चंदा, कादीपुर और सुल्तानपुर के अलग-अलग इलाकों से लोग उनका वड़ा खाने पहुंचते हैं. इतना ही नहीं, प्रतापगढ़ और आसपास के दूसरे जिलों से आने वाले लोग भी उनकी दुकान पर रुककर वड़ा खाना पसंद करते हैं. कई ग्राहक ऐसे भी हैं, जो इस इलाके से गुजरते समय दुकान पर रुकते हैं. स्वाद पसंद आने के बाद कई लोग दोबारा यहां पहुंचते हैं. यही वजह है कि विनोद की छोटी सी दुकान अब स्थानीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी है.
About the AuthorRajneesh Kumar Yadav
Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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Sultanpur,Uttar Pradesh
First Published :
September 26, 2026, 11:15 IST



