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हाथ नहीं लगाए रिश्वत के नोट, तौलिए से उठाई 50 हजार की घूस, फिर ऐसे फंसा SHO

Last Updated:September 17, 2026, 12:46 IST

Jaipur ACB Arrests Sambhar SHO For 50000 Bribe: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा एक्शन लिया है. एसीबी की टीम ने सांभरलेक थाने के प्रभारी (एसएचओ) राममिलन मीणा को 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. दिलचस्प बात यह रही कि आरोपी पुलिस अधिकारी ने रिश्वत के पैसे पकड़ने के लिए हाथों की जगह सफेद तौलिए का इस्तेमाल किया ताकि नोटों पर लगा केमिकल उसके हाथों पर न लगे. लेकिन एसीबी ने जब उस तौलिए को केमिकल के घोल में धोया, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया और उसकी काली करतूत सामने आ गई.

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हाथ नहीं लगाए रिश्वत के नोट, तौलिए से उठाई 50 हजार की घूस, फिर ऐसे फंसा SHOZoomJaipur ACB Bribe Case: तौलिए से 50 हजार की घूस लेने का खेल, SHO की चालाकी ऐसे खुली ( AI Image )

Jaipur: भ्रष्टाचार के खिलाफ राजस्थान एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जयपुर जिले के सांभरलेक थाने में तैनात एसएचओ राममिलन मीणा को एसीबी टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी थाना प्रभारी द्वारा रिश्वत लेने का अपनाया गया नया तरीका था. आम तौर पर एसीबी की कार्रवाई में आरोपी के हाथ गुलाबी होने से जुर्म साबित होता है, लेकिन इस पुलिस अधिकारी ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक बेहद शातिर तरकीब निकाली थी. हालांकि, उसकी यह चालाकी ज्यादा देर तक काम नहीं आ सकी और तौलिए ने उसकी काली करतूत का भंडाफोड़ कर दिया.

जब कोई व्यक्ति रिश्वत लेता है, तो एसीबी पहले से ही नोटों पर एक खास तरह का केमिकल लगा देती है. जैसे ही आरोपी उन नोटों को अपने हाथों से छूता है, तो उसके हाथों में वह केमिकल लग जाता है. बाद में जब हाथ धुलाए जाते हैं, तो पानी का रंग गुलाबी हो जाता है. एसएचओ राममिलन मीणा इस पूरी प्रक्रिया से भली-भांति वाकिफ था. इसलिए जब परिवादी 50 हजार रुपये लेकर उसके पास पहुंचा, तो उसने नोटों को सीधे अपने हाथों से नहीं छुआ. उसने बड़ी ही चालाकी से परिवादी को टेबल पर पैसे रखने को कहा. इसके बाद उसने एक सफेद तौलिया लिया और उस तौलिए की मदद से नोटों को उठाकर टेबल की रैक में रख दिया. उसे पूरा विश्वास था कि हाथ न लगाने के कारण एसीबी उसे कभी रंगे हाथों नहीं पकड़ पाएगी.

कैसे खुली तौलिए से रिश्वत की पोलएसीबी की टीम ने जैसे ही थाने में दबिश दी, तो एसएचओ बेखौफ नजर आ रहा था. नियमानुसार एसीबी की टीम ने सबसे पहले एसएचओ राममिलन मीणा के दोनों हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल में धुलवाए. जैसा कि आरोपी ने सोचा था, उसके हाथों से कोई गुलाबी रंग नहीं निकला. घोल का रंग बिल्कुल नहीं बदला. पुलिस अधिकारी को लगा कि वह अब साफ बच गया है. लेकिन एसीबी के अधिकारी भी कम होशियार नहीं थे. उन्होंने पूरे घटनाक्रम को बारीकी से समझा और उस जगह की जांच की जहां नोट रखे गए थे. जब टीम ने उस सफेद तौलिए को जांच के दायरे में लिया और उसके उस हिस्से को केमिकल में धोया जिससे नोट पकड़े गए थे, तो पूरा घोल गुलाबी हो गया. तौलिए के कारण पुलिस अधिकारी की सारी होशियारी धरी की धरी रह गई.

क्यों मांगी जा रही थी घूसमिली जानकारी के अनुसार, परिवादी सड़क निर्माण के काम से जुड़ा हुआ था. आरोप है कि सांभरलेक एसएचओ राममिलन मीणा परिवादी को परेशान कर रहा था. वह सड़क निर्माण में लगे डंपर और अन्य वाहनों को थाने में बंद करने की धमकी दे रहा था. वाहनों को बिना किसी रुकावट के चलने देने और परेशान न करने के एवज में वह हर महीने 50 हजार रुपये की मासिक बंधी (रिश्वत) की मांग कर रहा था. परिवादी इस ब्लैकमेलिंग से तंग आ चुका था और उसने इसकी शिकायत सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में कर दी. हालांकि आरोपी राममिलन मीणा ने गिरफ्तारी के बाद एसीबी के सामने रिश्वत लेने की बात से साफ इनकार किया. उसका तर्क था कि परिवादी की कार एक दुर्घटना के मामले में जब्त थी और वह उसे छुड़ाने के लिए थाने आया था.

भ्रष्टाचारियों पर एसीबी का कड़ा प्रहारराजस्थान में सरकारी महकमों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए एसीबी लगातार अभियान चला रही है. यह घटना बताती है कि भ्रष्ट अधिकारी कानून से बचने के लिए कितने भी नए तरीके क्यों न निकाल लें, जांच एजेंसियों की सतर्कता के आगे वे बच नहीं सकते. तौलिए के इस्तेमाल से भले ही आरोपी के हाथ साफ रहे हों, लेकिन उसके काले कारनामे आखिरकार सामने आ ही गए. इस पूरी कार्रवाई ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं. फिलहाल, एसीबी की टीम आरोपी एसएचओ से आगे की पूछताछ कर रही है और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

September 17, 2026, 12:46 IST

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