रक्षाबंधन से 11 दिन पहले टूटी उम्मीदों की कलाई, दो बहनों ने खोया इकलौता भाई…. झुंझुनूं के हवलदार संदीप का हार्ट अटैक से निधन

Last Updated:August 17, 2026, 12:58 IST
Jhunjhunu News: झुंझुनूं के बाकरा गांव निवासी 33 वर्षीय आर्मी हवलदार संदीप कुमार झाझड़िया का हार्ट अटैक से निधन हो गया. जोधपुर में तैनात संदीप 10 दिन पहले ही छुट्टी पर घर आए थे. शनिवार रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर बीडीके अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. रक्षाबंधन से 11 दिन पहले दो बहनों ने अपना इकलौता भाई खो दिया. सेना के जवानों ने सैन्य सम्मान से पार्थिव देह गांव पहुंचाई, जहां 8 किमी लंबी तिरंगा यात्रा निकाल कर संदीप को अंतिम विदाई दी गई.
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Havildar Sandeep Kumar Death: छुट्टी पर घर आया था सेना का जवान, एक रात में बदल गई पूरे परिवार की दुनिया
Jhunjhunu: राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बाकरा गांव के वीर सपूत और भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत 33 वर्षीय संदीप कुमार झाझड़िया का हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया. रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार से महज 11 दिन पहले घटी इस दर्दनाक घटना से न केवल परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. हवलदार संदीप कुमार की वर्तमान में जोधपुर में पोस्टिंग थी और वे करीब 10 दिन पहले ही छुट्टी लेकर अपने घर आए थे.
परिजनों के अनुसार शनिवार रात संदीप को अचानक सीने में तेज दर्द उठा. हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल झुंझुनूं के राजकीय जिला बीडीके अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनका आपातकालीन उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. मात्र 33 वर्ष की आयु में सेना के जवान के असामयिक निधन की खबर से बाकरा गांव सहित पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया.
सैन्य सम्मान के साथ निकली 8 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्राहवलदार संदीप कुमार झाझड़िया की पार्थिव देह को जयपुर से पहुंची सेना के जवानों की टुकड़ी ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव पहुंचाया. फूलों से सजे सेना के विशेष वाहन में उनकी पार्थिव देह रखी गई. झुंझुनूं जिला मुख्यालय से बाकरा गांव तक लगभग 8 किलोमीटर की दूरी में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई. डीजे पर गूंजते देशभक्ति के तरानों और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ हजारों की संख्या में ग्रामीण, युवा और पूर्व सैनिक तिरंगा थामे वीर जवान को अंतिम विदाई देने पहुंचे.
रक्षाबंधन से 11 दिन पहले दो बहनों का इकलौता भाई छिनासंदीप कुमार करीब डेढ़ साल पहले ही सिपाही पद से पदोन्नत होकर हवलदार बने थे. उनके पिता महिपाल सिंह झाझड़िया भी सेना में हवलदार पद से सेवानिवृत्त हैं. परिवार में उनकी मां सजना, पत्नी सुमन और दो छोटे मासूम बेटे (8 वर्षीय रॉकी व 3 वर्षीय यतीन) हैं. संदीप तीन भाई-बहनों में इकलौते भाई थे. रक्षाबंधन का पर्व महज 11 दिन बाद है, ऐसे में जिस भाई की कलाई पर बहनें राखी बांधने की उम्मीद लगाए बैठी थीं, उस इकलौते भाई के असमय चले जाने से परिवार टूट चुका है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jhunjhunu,Jhunjhunu,Rajasthan
First Published :
August 17, 2026, 12:35 IST



