119 Year Old Cheque: 119 साल बाद भी सुरक्षित है बीकानेर स्टेट का ये चेक, 16×12 इंच का आकार बना खास आकर्षण

Last Updated:September 30, 2026, 13:10 IST
संग्रहकर्ता भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि यह चेक करीब 16×12 इंच आकार का है. उनका कहना है कि उस समय चेक सामान्य तौर पर इतने बड़े आकार के नहीं हुआ करते थे. इसी वजह से वे इसे बीकानेर स्टेट का अब तक का सबसे बड़ा चेक मानते हैं.
बीकानेर. पुराने दस्तावेजों और ऐतिहासिक धरोहरों में उस दौर की व्यवस्था, भाषा और राजकीय कामकाज की झलक देखने को मिलती है. ऐसे में बीकानेर स्टेट से जुड़ा करीब 119 साल पुराना एक ऐसा ही दुर्लभ चेक इन दिनों खास आकर्षण का केंद्र है. संग्रहकर्ता भारत भूषण गुप्ता के पास मौजूद यह चेक वर्ष 1907 का बताया गया है और इसकी सबसे खास बात इसका असामान्य रूप से बड़ा आकार है. भारत भूषण गुप्ता के संग्रह में सुरक्षित यह चेक अब बीकानेर के इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है. करीब एक सदी से अधिक पुराना यह कागज अपने आकार, लिखावट और उस पर दर्ज “बीकानेर स्टेट” की पहचान के कारण अपने आप में बेहद अनोखी ऐतिहासिक वस्तु है.
चेक पर ऊपर अंग्रेजी में “Bikaner State” लिखा हुआ है, जबकि हिंदी में “श्री बीकानेर दरबार” अंकित है. दस्तावेज के ऊपरी हिस्से में “श्री रामजी” भी लिखा दिखाई देता है. चेक पर तत्कालीन राजकीय वित्तीय व्यवस्था से जुड़े कई विवरण दर्ज हैं और नीचे “BY ORDER”, “SECRETARY, FINANCIAL DEPARTMENT, MAHKHMA KHAS” तथा “ACCOUNTANT GENERAL” जैसे शब्द भी अंकित हैं. इससे पता चलता है कि यह सामान्य निजी लेन-देन का कागज नहीं, बल्कि बीकानेर स्टेट की तत्कालीन वित्तीय व्यवस्था से जुड़ा दस्तावेज था. संग्रहकर्ता भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि यह चेक करीब 16×12 इंच आकार का है. उनका कहना है कि उस समय चेक सामान्य तौर पर इतने बड़े आकार के नहीं हुआ करते थे. इसी वजह से वे इसे बीकानेर स्टेट का अब तक का सबसे बड़ा चेक मानते हैं. हालांकि, इसे आधिकारिक रूप से सबसे बड़ा चेक साबित करने के लिए उस दौर के अन्य चेकों और अभिलेखों से तुलना आवश्यक होगी.
लिखावट और मुहरनुमा निशान बनाते है खास
चेक को करीब से देखने पर उस समय की लेखन शैली भी साफ नजर आती है. इसमें हाथ से लिखे गए विवरण, हस्ताक्षर और राजकीय अधिकारियों की स्वीकृति के निशान मौजूद हैं. चेक पर तारीख और रकम से संबंधित प्रविष्टियां भी हाथ से भरी गई हैं. समय के साथ कागज पुराना हो चुका है, लेकिन इसके ऊपर मौजूद लिखावट और मुहरनुमा निशान इसे ऐतिहासिक दस्तावेज के तौर पर खास बनाते हैं. खास बात यह भी है कि आज बैंकिंग व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले चेक कुछ ही इंच के होते हैं, जबकि यह ऐतिहासिक चेक अपने आकार में ही उस दौर की अलग वित्तीय व्यवस्था की कहानी बयां करता है. 1907 का यह दस्तावेज न केवल बीकानेर स्टेट की वित्तीय प्रणाली की झलक देता है, बल्कि तत्कालीन दस्तावेजी परंपरा और राजकीय कामकाज को समझने का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी हो सकता है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bikaner,Rajasthan
First Published :
September 30, 2026, 13:10 IST



