हरियाणा से आकर राजस्थान में सिक्का जमाया था अतर सिंह भड़ाना ने, जानें पूरी कहानी

भरतपुर. पंचायत चुनावों के बीच पूर्वी राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर थाना इलाके में रविवार देर रात की गई बीजेपी के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या से बवाल मच गया है. क्रेशर लीज के रास्ते के लेकर चल रहे विवाद में मौत के घाट उतारे गए भड़ाना मूलतया राजस्थान के पड़ोसी राज्य हरियाणा के रहने वाले थे. उन्होंने वहां से राजस्थान के भरतपुर में आकर अपनी राजनीति शुरू की थी. बाद में यहीं पर खनन का कारोबार किया. इसी कारोबार ने अंतत: उनकी जान ले ली. भड़ाना की हत्या के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर करीब आधा दर्जन से ज्यादा हमलावरों को डिटेन कर लिया है. उनसे पूछताछ कर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.
जानकारी के अनुसार अतर सिंह भड़ाना भरतपुर के बयाना की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम रहे हैं. भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बयाना के विधायक तक का उनका राजनीतिक सफर रहा है. अतर सिंह भड़ाना का जन्म 1 मार्च 1957 को हरियाणा के फरीदाबाद जिले के पाली गांव में हुआ. उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से बीए की पढ़ाई की. कृषि परिवार से जुड़े भड़ाना हरियाणा से राजस्थान आकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे भाजपा संगठन में अपनी जगह बनाई.
बयाना से भारी मतों से जीते थे विधानसभा चुनाव
दिसंबर 2001 में अतर सिंह भड़ाना को राजस्थान भाजपा किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. इसके बाद 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बयाना से चुनाव मैदान में उतारा. चुनाव में भड़ाना को 41 हजार 377 वोट मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 19 हजार 405 वोटों के अंतर से शिकस्त देकर राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया. उसके बाद भड़ाना ने वैर थाना इलाके के रायपुर भौंड़ा गांव में खनन कार्य का व्यवसाय शुरू किया.
कांग्रेस से चुनाव हारने के बाद वापस बीजेपी में लौट आए थे भडानापांच साल तक बीजेपी से विधायक रहने के बाद साल 2008 के विधानसभा चुनाव से पहले उनका बीजेपी से मोहभंग हो गया और वे कांग्रेस में शामिल हो गए. भड़ाना के जनाधार को देखते हुए साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उनको भरतपुर जिले की नगर विधानसभा क्षेत्र से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा. लेकिन इस बार भड़ाना को सफलता नहीं मिल पाई और वे चुनाव हार गए. उसके बाद भड़ाना वापस बीजेपी में लौट आए.
दो साल से विवाद गहरा गया थाभड़ाना ने भौंडा गांव में क्रेशर प्लांट चालू किया. उसके बाद इस लीज के रास्ते को लेकर उनका ग्रामीणों से झगड़ा हुआ. ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी लीज और प्लांट के लिए बनाया गया रास्ता चरागाह भूमि है. यह लीज भडाना की पत्नी कमलेश के नाम पर बताई जा रही है. इसके विरोध में ग्रामीणों का लंबे समय से धरना प्रदर्शन चल रहा था. भौंड़ा गांव में क्रेशर और लीज संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच बीते दो साल से विवाद गहरा गया था.
25 सितंबर से लीज पर रहकर काम करवा रहे थे भड़ानाग्रामीणों का यह भी आरोप था कि वहां अवैध खनन के लिए लगातार ब्लास्टिंग की जाती है. उसके धमकों से ग्रामीण ठीक से सो भी नहीं पाते हैं. वहीं वहां काम करने वाले कर्मचारी जंगली जानवरों का शिकार भी करते हैं. अतर सिंह भड़ाना के परिजनों और समर्थकों का कहना है कि वे 25 सितंबर से लीज पर रहकर काम करवा रहे थे. परिजनों का आरोप है कि इसी बात को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों ने रविवार रात वहां बड़ी संख्या में पहुंचकर भड़ाना पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया.
परिजनों ने फायरिंग का भी लगाया है आरोप
इसमें अतर सिंह बुरी तरह से जख्मी हो गए. भड़ाना के परिजनों ने वहां फायरिंग किए जाने का भी आरोप लगाया है लेकिन पुलिस ने उसकी पुष्टि नहीं की है. मारपीट में घायल हुए अतर सिंह को पहले दौसा अस्पताल ले जाया गया. बाद में उनकी गंभीर हालात को देखते हुए तत्काल जयपुर रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. बहरहाल मौके पर पुलिस जाब्ता तैनात है. भडाना के परिजन और समर्थक आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
पैतृक गांव में किया जाएगा अंतिम संस्कार
अतर सिंह भड़ाना के शव का जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के मुर्दाघर में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है. अस्पताल में भड़ाना के बेटे अर्जुन सिंह भड़ाना समेत बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद हैं. बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम के बाद शव उनके पैतृक गांव हरियाणा के फरीदाबाद स्थित पैतृक गांव पाली ले जाया जाएगा. वहीं पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. भडाना की मौत के बाद राजस्थान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाएं हैं.



