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312 पर 7 विकेट गिर चुके थे… फिर आया रजाउल्लाह का बवंडर, 9 छक्के जड़कर की 18 साल पुराने विश्व कीर्तिमान की बराबरी

नई दिल्ली. इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में शर्मनाक हार के बाद जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पूरी टीम और कोचिंग स्टाफ में उलटफेर करने का साहसिक फैसला लिया, तो शायद ही किसी ने सोचा था कि इस उथल-पुथल से एक ऐतिहासिक पन्ना लिखा जाएगा. एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेले गए सीरीज के अंतिम टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने 21 साल के युवा तेज गेंदबाज रजाउल्लाह को पदार्पण का मौका दिया. इस युवा खिलाड़ी ने अपने डेब्यू पर वो कारनामा कर दिखाया, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में मिसाल बन गया.

मैच की दूसरी पारी में जब रजाउल्लाह (Razaullah) नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे, तब पाकिस्तान की हालत बेहद नाजुक थी. पहली पारी के आधार पर 320 रनों से पिछड़ने के बाद दूसरी पारी में अजान ओवैस, शान मसूद और बाबर आजम के अर्धशतकों ने पारी को संभालने की कोशिश तो की, लेकिन टीम 312 रनों पर अपने 7 विकेट गंवा चुकी थी. पाकिस्तान अब भी इंग्लैंड की बढ़त से पीछे था और पारी से हार का खतरा मंडरा रहा था.

रजाउल्लाह ने टेस्ट करियर के पहले ही मैच में 9 छक्के जड़कर बनाया विश्व कीर्तिमान.

संकटमोचन बनकर उभरे रजाउल्लाहऐसी दबाव वाली स्थिति में रजाउल्लाह ने रक्षात्मक खेलने के बजाय क्रीज पर उतरते ही इंग्लैंड के गेंदबाजों पर करारा हमला बोल दिया. उन्होंने केवल 63 गेंदों का सामना करते हुए 4 चौकों और 9 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली. नौवें नंबर के बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट 128.57 का रहा, जिसने इंग्लिश गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ कर रख दी. रजाउल्लाह ने दूसरे छोर पर मौजूद अपने साथी पुछल्ले बल्लेबाज मोहम्मद अब्बास के साथ मिलकर लगभग गेंद-दर-गेंद 121 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी की. 97वें ओवर में वे ऑफ स्पिनर डैन लॉरेंस की गेंद पर स्टंप आउट हुए, लेकिन जाने से पहले वे पाकिस्तान को 130 रनों की निर्णायक बढ़त दिला चुके थे.

टिम साउदी के 18 साल पुराने विश्व रिकॉर्ड की बराबरीअपनी इस एक ही पारी से रजाउल्लाह ने टेस्ट क्रिकेट के कई पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया. टेस्ट डेब्यू मैच में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में वे दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बन गए. उन्होंने इस विश्व रिकॉर्ड में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउदी की बराबरी कर ली. साउदी ने साल 2008 में नेपियर के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ ही अपने डेब्यू टेस्ट में नाबाद 77 रन बनाते हुए 9 छक्के जड़े थे. पिछले 18 सालों से साउदी इस रिकॉर्ड शिखर पर अकेले विराजमान थे, लेकिन अब रजाउल्लाह ने उनके साथ यह शीर्ष स्थान साझा कर लिया है.

डेब्यू टेस्ट में छक्कों के शहंशाहअगर टेस्ट पदार्पण पर सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले अन्य दिग्गजों पर नजर डालें, तो इस सूची में वेस्टइंडीज के काइल मेयर्स तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 2021 में बांग्लादेश के खिलाफ अपनी 210 रनों की ऐतिहासिक पारी में 7 छक्के लगाए थे. ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क ने 2004 में भारत के खिलाफ बेंगलुरु में 151 रन बनाकर 4 छक्के जड़े थे. इनके अलावा अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान, न्यूजीलैंड के काइल जेमिसन और दक्षिण अफ्रीका के लुइगी प्रिटोरियस तथा डेवाल्ड ब्रेविस ने भी अपने-अपने डेब्यू टेस्ट में 4-4 छक्के लगाने का कारनामा किया है. न्यूजीलैंड के ब्रेंडन टेलर (1965), वेस्टइंडीज के गॉर्डन ग्रीनिच (1974) और दक्षिण अफ्रीका के जेंडर डी ब्रुइन (2004) के नाम डेब्यू पर 3-3 छक्के दर्ज हैं.

नंबर 9 पर बनाया सबसे ज्यादा रनों का वर्ल्ड रिकॉर्डरजाउल्लाह का यह धमाका सिर्फ छक्कों तक ही सीमित नहीं रहा. नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अपने डेब्यू टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने का ऑल-टाइम वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अब रजाउल्लाह के नाम दर्ज हो गया है. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश के 81 रनों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. बॉश ने साल 2024 में सेंचुरियन के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ ही 93 गेंदों में 15 चौकों की मदद से नाबाद 81 रन बनाए थे. रजाउल्लाह ने भी ठीक 81 रन बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट बॉश से काफी तेज रहा.

दिग्गजों की लिसट में दर्ज कराया नामइस खास सूची में श्रीलंका के रमेश मेंडिस रतनायके तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं, जिन्होंने 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में 72 रन बनाए थे. भारत के बलविंदर संधू इस क्रम में चौथे स्थान पर हैं, जिन्होंने 1983 में हैदराबाद (सिंध) में पाकिस्तान के खिलाफ 71 रनों की जुझारू पारी खेली थी. इसके अलावा इंग्लैंड के डेवोन गॉफ (65 रन, 1994), दक्षिण अफ्रीका के मखाया जोन्डेकी (59 रन, 2003), वेस्टइंडीज के विंस्टन फर्ग्यूसन (नाबाद 56 रन, 1948), ऑस्ट्रेलिया के टॉमी मैथ्यूज (53 रन, 1912), दक्षिण अफ्रीका के चार्ल्स विंसेंट (53 रन, 1927) और इंग्लैंड के जॉन लीवर (53 रन, 1976) भी नौवें नंबर पर डेब्यू करते हुए अर्धशतकीय पारियां खेल चुके हैं.

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