4 साल से क्यों अधूरा पड़ा है सन सिटी-अत्तापुर पुल, अभी तक बना सिर्फ 2 पिलर

Last Updated:September 08, 2026, 17:49 IST
Hyderabad News : हैदराबाद में बांदलगुड़ा जागीर स्थित सन सिटी और अत्तापुर को जोड़ने वाले पुल का निर्माण 4 साल से रुका है. अधूरे पुल से हजारों लोग और स्कूली बच्चे परेशान हैं. शुरुआती चरण में पिलर खड़े किए गए, लेकिन इसके बाद बजट और प्रशासनिक तालमेल की कमी के चलते काम ठप पड़ गया.
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हैदराबाद. विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और आधुनिक फ्लाईओवरों के लिए पहचान बना रहे हैदराबाद का एक इलाका ऐसा भी है, जहां विकास की रफ्तार बीते चार साल से थमी हुई है. बांदलगुड़ा जागीर स्थित सन सिटी और अत्तापुर को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित पुल निर्माण कार्य वर्षों से अधर में लटका है. कुछ पिलर खड़े करने के बाद निर्माण एजेंसी और प्रशासन ने काम बंद कर दिया, जिसका खामियाजा रोजाना हजारों स्थानीय नागरिकों और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, ईसा नदी और नाले के पार कनेक्टिविटी को सुगम बनाने के लिए इस पुल परियोजना की शुरुआत की गई थी. उद्देश्य था कि सन सिटी, जनचैतन्य कॉलोनी और आसपास के बड़े रिहायशी इलाकों के लोगों को मुख्य अत्तापुर और मेहदीपटनम मार्ग तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर न काटना पड़े. शुरुआती चरण में पिलर खड़े किए गए, लेकिन इसके बाद बजट और प्रशासनिक तालमेल की कमी के चलते काम ठप पड़ गया. आज यह अधूरा ढांचा सरकारी लापरवाही का प्रतीक बनकर खड़ा है.
नाले से होकर जा रहे लोग, और कोई रास्ता नहींपुल का निर्माण रुकने के कारण स्थानीय लोगों के पास कोई सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग नहीं बचा है. लोग नाले के किनारे बने संकरे, कच्चे और बदहाल रास्ते का इस्तेमाल बाईपास के रूप में करने को मजबूर हैं. यह रास्ता इतना संकरा और जर्जर है कि दोपहिया वाहनों का संतुलन बिगड़ना आम बात हो गई है. स्थिति तब और बदतर हो जाती है, जब इसी रास्ते से भारी वाटर टैंकर, डंपर और अन्य व्यावसायिक वाहन गुजरते हैं. बारिश के दिनों में मिट्टी धंसने और नाले का जलस्तर बढ़ने से यहां बड़े हादसे का खतरा लगातार मंडराता रहता है.
2022 में डाले गए दो पिलर
2021 के अंत और 2022 की शुरुआत के दौरान राज्य सरकार और हैदराबाद सड़क विकास निगम लिमिटेड की ओर से इस पुल परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी. यह मूसी और ईसा नदी पर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए मंजूर किए गए 14 नए ब्रिजों के प्रोजेक्ट का हिस्सा था. 2022 में एजेंसी तय होने के बाद शुरुआती चरण में ईसा नदी और नाले के हिस्से में पिलर की नींव डालने और दो पिलर खड़े करने का काम शुरू हुआ था. वर्ष 2022 के अंत से 2023 के बीच ही यह काम अचानक बंद हो गया. यानी पिछले करीब 3 से 4 वर्षों से यह ढांचा सिर्फ पिलरों तक ही सीमित है.
स्कूली बच्चों को भी उठानी पड़ रही परेशानीसन सिटी और आसपास के इलाके में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और निजी स्कूल स्थित हैं. अत्तापुर और चिन्तलमेट की ओर से आने वाले छात्रों और स्कूल बसों को या तो लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है या फिर इस जोखिम भरे रास्ते से गुजरना होता है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन और जीएचएमसी के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. नागरिकों की मांग है कि मानसून और दुर्घटनाओं के खतरे को देखते हुए इस पुल का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर तुरंत दोबारा शुरू कराया जाए.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
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First Published :
September 08, 2026, 17:49 IST



