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2 साल में 4 लाख कुत्ते खा गए कोरियन? डॉग मीट पर रोक से पहले दक्षिण कोरिया में क्यों मचा बवाल?

Last Updated:June 28, 2026, 19:52 IST

दक्षिण कोरिया अगले साल डॉग मीट पर प्रतिबंध लागू करने की तैयारी कर रहा है. साल 2024 में 4 लाख से 4.5 लाख के बीच कुत्ते पाले जा रहे थे. यह गिनती गिरकर लगभग 20 हजार रह गई है. लेकिन अधिकारियों के पास यह दिखाने के लिए कोई रिकॉर्ड नहीं है कि कुत्ते कहाँ गए. डॉग मीट पर रोक! 2 साल में 4 लाख कुत्ते गायब, साउथ कोरिया में क्यों मचा बवाल?Zoomपिंजरे में कुत्ते (AI Generated Photo)

दक्षिण कोरिया में अगले साल डॉग मीट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगने वाला है. लेकिन उससे पहले करीब 4 लाख कुत्तों के बारे में कुछ पता नहीं लग पा रहा है. सरकार के पास भी इसकी कोई जानकारी नहीं है. डॉग मीट बैन के तहत कुत्तों को मांस के लिए पालना, मारना और बेचना गैरकानूनी होगा. लेकिन इस फैसले के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. आखिर लाखों कुत्तों का क्या हुआ?

4.5 लाख से 20 हजार हुई गिनती

सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 2024 में देश में 4 से 4.5 लाख कुत्ते मांस के लिए पाले जा रहे थे. लेकिन अब उनकी घटकर सिर्फ करीब 20 हजार रह गई है. हैरानी की बात यह है कि सरकार के पास इस बात का कोई रिकॉर्ड नहीं है कि बाकी लाखों कुत्ते कहां चले गए.

जनवरी 2024 में दक्षिण कोरिया ने ऐतिहासिक कानून पारित किया था, जिसके तहत फरवरी 2027 से डॉग मीट उद्योग पूरी तरह बंद हो जाएगा. नियम तोड़ने पर तीन साल तक की जेल हो सकती है. सरकार ने फार्म मालिकों को कारोबार बंद करने के लिए हर कुत्ते पर 6 लाख वॉन तक मुआवजा देने की भी घोषणा की.

क्या खा लिए गए इतने कुत्ते?

एएफपी की एक रिपोर्ट में पूर्व डॉग फार्म मालिक ने कहा कि दक्षिण कोरिया में लंबे समय तक खाने के लिए पाले जाने वाले कुत्तों और पालतू कुत्तों को अलग नजर से देखा जाता था. जब उनसे गायब हुए लाखों कुत्तों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि संभावना है कि उनमें से ज्यादातर को पहले ही खा लिया गया हो.

इस बयान पर पशु अधिकार संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई. उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में कुत्तों को बचाने की क्षमता किसी भी संगठन के पास नहीं थी.

कुछ कुत्तों को लिए गया गोद

कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार का काम सिर्फ यह जांचना है कि फार्म से कुत्ते हटाए गए हैं या नहीं. कुत्तों के बाद क्या हुआ, इसकी जिम्मेदारी सरकार की नहीं है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि अब तक सिर्फ 623 कुत्तों को गोद लिया गया, जबकि 500 से भी कम कुत्तों को शेल्टर भेजा गया. ऐसे में लाखों कुत्तों का कोई हिसाब नहीं है.

पशु अधिकार संगठन का मानना है कि कानून लागू होने से पहले ही बड़ी संख्या में कुत्तों को मार दिया गया है. अगर इतने ज्यादा कुत्तों को बचाया या गोद दिलाया गया होता तो पशु संगठनों को इसकी जानकारी जरूर होती.

डॉग फार्म हो गए बंद

सरकार के मुताबिक, देश के 82 प्रतिशत यानी 1265 डॉग फार्म बंद होने के लिए आवेदन कर चुके हैं. वहीं कई फार्म मालिकों का कहना है कि सरकार ने उनकी रोजी-रोटी छीन ली. दूसरे कारोबार में जाने के लिए भी पर्याप्त मदद नहीं दी. यह मामला अब सिर्फ डॉग मीट पर प्रतिबंध का नहीं, बल्कि लाखों गायब कुत्तों के रहस्य का भी बन गया है, जिसका जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है.

About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor

मैं इस समय App टीम का हिस्सा हूं. App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…और पढ़ें

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