Rajasthan

5 साल में हुई 3 खौफनाक वारदातों से हिल उठी थी टैक्सटाइल सिटी, जानें कब-क्या हुआ ?

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा के भीमगंज थाना क्षेत्र में वीर सावरकर चौक निवासी 72 साल की कमला देवी कांकरिया की हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं. पुलिस के मुताबिक, कमला देवी और आरोपी रवि तापड़िया के बीच पैसों का लेनदेन था. जांच में संपत्ति को लेकर लालच की आशंका भी सामने आई है.

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई. पहले शव को छत पर ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इसके बाद मकान के कॉरिडोर में लकड़ियां और पुराने टायर रखकर शव को जलाया गया. आरोप है कि बचे हुए अवशेषों को बोरी में भरकर कोठारी नदी में फेंक दिया गया. जिस जगह शव जलाया गया था, वहां सीमेंट लगाने और दीवारों पर पेंट करने की भी बात सामने आई है.

इस मामले में पुलिस ने रवि तापड़िया, हीरालाल सिंधी और आर्यन शर्मा को गिरफ्तार किया. वहीं, अन्य संदिग्धों की तलाश और कोठारी नदी में अवशेषों की खोज जारी होने की जानकारी दी गई. पुलिस जांच में सामने आए आरोपों की पुष्टि अदालत में होना बाकी है.

कमला देवी कांकरिया हत्याकांड से पूरा शहर सहम उठा है. यह पहली बार नहीं है जब भीलवाड़ा जिले में इस तरह की खौफनाक वारदात हुई है. इससे पहले भी बीते पांच साल में दो ऐसी वारदातें हो चुकी है जिनसे पूरा सूबा कांप उठा था. जानें कब-कब, क्या-क्या हुआ?

साइको किलर ट्रिपल मर्डर

भीलवाड़ा में दूसरा चर्चित मामला दीपक नायर से जुड़ा ट्रिपल मर्डर था. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अयप्पा मंदिर के चौकीदार लाल सिंह की हत्या की थी. इसके बाद जब पुलिस उसके घर पहुंची, तो वहां उसके दो दोस्तों रविन्द्र उर्फ मोनू टांक और संदीप भारद्वाज के अधजले शव मिले.

पुलिस जांच में सामने आया कि मोनू और संदीप आरोपी के बचपन के दोस्त थे. अक्सर उसके साथ रहते थे. पुलिस के मुताबिक, दोनों को दीपक ने अपने घर बुलाया था. इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई. मामले की जांच के दौरान शवों की स्थिति और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों ने जांच को गंभीर बना दिया.

इस केस में आरोपी के मोबाइल फोन की जांच भी अहम रही. पुलिस ने बताया कि उसकी गूगल सर्च हिस्ट्री में मकान की कुंडली, तंत्र-विद्या और प्राइम वीडियो पर खौफ सीजन 1 से जुड़ी सर्च मिलीं. उसने एक एस्ट्रोलॉजर से मैसेंजर पर बातचीत भी की थी. हालांकि, केवल किसी कार्यक्रम को सर्च करने या देखने से अपराध में उसकी भूमिका साबित नहीं होती. पुलिस इन डिजिटल सुरागों को दूसरे साक्ष्यों के साथ जोड़कर जांच कर रही थी.

पुलिस के मुताबिक, दीपक के खिलाफ पहले भी अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज थे. पूछताछ के दौरान उसके बार-बार बयान बदलने की बात भी सामने आई. जांच एजेंसियों ने मामले में ज्यादा से ज्यादा साक्ष्य जुटाने पर जोर दिया, ताकि अदालत में आरोपों को साबित किया जा सके.

कोटड़ी भट्टी कांड

भीलवाड़ा जिले का कोटड़ी भट्टी कांड राजस्थान की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है. यह वारदात 2 अगस्त 2023 को कोटड़ी थाना क्षेत्र में हुई थी. एक नाबालिग लड़की बकरियां चराने गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी. परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी.

अगले दिन यानी 3 अगस्त को, कोयले की भट्टी में लड़की के शरीर के अवशेष मिले. आरोप था कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसे जिंदा भट्टी में झोंक दिया गया. घटना सामने आते ही भीलवाड़ा सहित राजस्थान के कई हिस्सों में आक्रोश फैल गया. मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए और राजनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली.

पुलिस ने जांच के बाद नौ लोगों को आरोपी बनाया और उनके खिलाफ आरोपपत्र पेश किया. जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान अदालत ने सात आरोपियों को बरी कर दिया, जबकि कालू और कान्हा को दोषी करार दिया. उस समय सजा का ऐलान बाद में किया जाना था. ऐसे मामलों में अंतिम न्यायिक स्थिति की पुष्टि के लिए अदालत के नवीनतम आदेश देखना जरूरी है.

तीन घटनाएं एक बड़ा सवाल

कमला देवी हत्याकांड, दीपक नायर से जुड़ा ट्रिपल मर्डर और कोटड़ी भट्टी कांड तीनों मामलों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं. लेकिन इन सभी ने भीलवाड़ा और राजस्थान को गहरे स्तर पर प्रभावित किया. कहीं हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश के आरोप सामने आए, तो कहीं एक ही मामले में कई लोगों की जान गई. नाबालिग की मौत ने प्रदेशव्यापी आक्रोश पैदा किया.

इन घटनाओं से यह भी साफ होता है कि गंभीर अपराधों की जांच में सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच और गवाहों के बयान कितने अहम होते हैं. साथ ही, आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अदालत में साबित करना भी न्याय प्रक्रिया का अहम हिस्सा है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj