Parliament Brawl : संसद में नेताओं ने चलाए लात-घूंसे…खून तक निकाल लिया, फिर स्पीकर ने दी ऐसी सजा, छुपाना पड़ा मुंह

आर्मेनिया की संसद में उस वक्त लोकतंत्र तार-तार हो गया, जब एक बहस के दौरान हंगामा इतना बढ़ गया कि सांसद आपस में भिड़ गए. जो संसद देश के कानून बनाने के लिए जानी जाती है, वो अखाड़े में तब्दील हो गई. संसद की सीधी कार्रवाई यानी लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाते दिखे. एक चुनावी वादे को लेकर शुरू हुई बहस में गाली-गलौज हुई, कपड़े फाड़े गए और खून-खच्चर तक हो गया. बात यहां तक पहुंच गई कि संसद परिसर के बाहर एंबुलेंस बुलानी पड़ी. इस दौरान स्पीकर ने कुछ ऐसा किया सभी सांसदों को शर्म से मुंह छुपाना पड़ा.
चुनावी वादे पर बहस और अखाड़ा बनी संसद!
ये शर्मनाक घटना गुरुवार को उस समय हुई जब आर्मेनियाई संसद में ऑडिट चैंबर के एक सदस्य के चुनाव को लेकर बहस चल रही थी. सब कुछ सामान्य चल रहा था, तभी सत्ताधारी पार्टी ‘सिविल कॉन्ट्रैक्ट’ के सांसद तरोन चाखोयान पोडियम पर आए.
चाखोयान ने भाषण देते हुए विपक्षी दल के नेता नरेक करापेत्यान के एक रिश्तेदार द्वारा चुनाव से पहले दिए गए विवादित बयान का जिक्र कर दिया. वो बयान एक ऐसे चुनावी वादे के बारे में था, जिसमें विपक्ष ने सत्ता में आने पर महिलाओं की संतुष्टि के लिए एक अलग ‘मंत्रालय’ बनाने की बात कही थी.
आर्मेनियाई समाचार एजेंसी ‘आर्मेनप्रेस’ के मुताबिक, चाखोयान ने विपक्षी नेता करापेत्यान को याद दिलाया कि उनके चचेरे भाई ने उस विवादित बयान के लिए अभी तक जनता से माफी नहीं मांगी है. बस इसी बात पर संसद का पारा चढ़ गया.
सीट से उठकर पोडियम तक पहुंचे सांसद, फिर चलने लगे लात-घूंसे
‘स्ट्रॉन्ग आर्मेनिया’ गुट के नेता नरेक करापेत्यान ने पहले अपनी सीट पर बैठे-बैठे ही सत्ता पक्ष के सांसद को तीखा जवाब दिया. लेकिन बात वहीं खत्म नहीं हुई. गुस्साए करापेत्यान अपनी सीट से उठे और सीधे पोडियम की तरफ बढ़ गए, जहां चाखोयान भाषण दे रहे थे.
दोनों नेताओं के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई. इसके बाद जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई अन्य सांसद भी इस लड़ाई में कूद पड़े. संसद के भीतर ही एक-दूसरे को घूंसे मारे जाने लगे, लातें चलीं और जमकर भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं.
ये पूरा ड्रामा सिर्फ संसद भवन के हॉल तक ही सीमित नहीं रहा. देखते ही देखते ये मारपीट संसद के गलियारे तक फैल गई. वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य सांसदों ने बीच-बचाव करने की बहुत कोशिश की, लेकिन उग्र सांसदों को शांत कराना नामुमकिन लग रहा था.
कपड़े फटे, नाक से निकला खून: संसद के बाहर बुलानी पड़ी एंबुलेंस
ये मारपीट इतनी भयानक थी कि इसमें कई सांसद गंभीर रूप से घायल हो गए. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस खूनी झड़प के बाद संसद भवन के बाहर एंबुलेंस बुलानी पड़ी.
विपक्षी सांसद अंद्रानिक गेवोर्गयान: इस मारपीट में उनकी नाक पर गंभीर चोट आई और खून बहने लगा.
सांसद रूबेन मखितार्यान: झड़प के दौरान उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए.
हंगामे के बाद मेडिकल स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर घायल सांसदों का प्राथमिक इलाज किया.
‘लाइव टीवी बंद नहीं किया ताकि जनता सच देख सके’: स्पीकर
इस पूरे बवाल के बाद संसद के डिप्टी स्पीकर रूबेन रुबिनयान ने विपक्षी नेता नरेक करापेत्यान को इस घटना का मुख्य जिम्मेदार ठहराया. रुबिनयान ने बताया कि उन्होंने ब्रेक के दौरान पूरे घटनाक्रम की वीडियो फुटेज देखी है और उन्हें सत्ता पक्ष के सांसद चाखोयान के भाषण में कोई अभद्र शब्द नहीं मिला.
डिप्टी स्पीकर ने संसद में कहा ‘मिस्टर करापेत्यान, आप अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए. आपने अपनी सीट से ही आपत्तिजनक बातें कहीं और फिर उठकर तरोन चाखोयान को मारने की कोशिश की’. उन्होंने ये भी बताया कि जब मारपीट शुरू हुई, तो विपक्षी सांसद गार्निक दावत्यान ने भी चाखोयान को मुक्का मारा था.
सबसे दिलचस्प बात ये रही कि जब ये सब हो रहा था, तो स्पीकर ने लाइव टेलीकास्ट को बंद करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने जानबूझकर लाइव ब्रॉडकास्ट जारी रखा ताकि देश की जनता अपनी आंखों से देख सके कि संसद के अंदर उनके चुने हुए प्रतिनिधि क्या कर रहे हैं.
आर्मेनियाई लोकतंत्र पर उठे गंभीर सवाल
एक छोटे से चुनावी बयान पर शुरू हुई बहस का इस तरह हिंसक अखाड़े में तब्दील हो जाना आर्मेनिया की राजनीति के गिरते स्तर को दर्शाता है. जनता जिन नेताओं को देश के विकास और नीतियां बनाने के लिए संसद भेजती है, उनका इस तरह लाइव कैमरे के सामने लात-घूंसे चलाना न केवल शर्मनाक है, बल्कि लोकतंत्र की मर्यादा पर भी एक बड़ा धब्बा है. इस घटना के बाद से ही आर्मेनिया की राजनीति में हड़कंप मचा हुआ है और सोशल मीडिया पर लोग इन सांसदों की कड़ी निंदा कर रहे हैं.



