5 भारतीय बल्लेबाज… जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा बार बनाए 50 प्लस का स्कोर, रोहित-विराट में नंबर वन की जंग

Last Updated:July 02, 2026, 18:49 IST
5 Indian batsman most fifty plus score in t20i: रोहित शर्मा और विराट कोहली टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वाले टॉप खिलाड़ी हैं. इस लिस्ट में अभिषेक शर्मा महज 49 मैचों में 13 बार फिफ्टी प्लस स्कोर (2 शतक, 11 अर्धशतक) बनाकर पांचवें नंबर पर हैं. हाल में इंग्लैंड के खिलाफ 20 गेंदों में ऐतिहासिक पचासा जड़ने वाले अभिषेक गेंदों के लिहाज से सबसे तेज 100 इंटरनेशनल छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं.
भारतीय टी20 क्रिकेट इतिहास में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) का कद सबसे ऊंचा है. रोहित शर्मा ने भारत के लिए रिकॉर्ड 159 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिसकी 151 पारियों में उन्होंने 32.05 की औसत और 140.89 के स्ट्राइक रेट से सबसे ज्यादा 4231 रन बनाए हैं. वहीं, रन-मशीन विराट कोहली ने 125 मैचों की 117 पारियों में 48.69 की शानदार औसत से 4188 रन जोड़े हैं. ये दोनों खिलाड़ी इस फॉर्मेट में भारत के टॉप स्कोरर हैं.
अगर बात अर्धशतक और शतक यानी फिफ्टी प्लस (50 प्लस) स्कोर की करें, तो यहां भी यह जोड़ी शीर्ष पर है. विराट कोहली ने अपने करियर में 1 शतक और 38 अर्धशतकों की मदद से कुल 39 बार 50 से अधिक का स्कोर बनाया है, जो कि एक अद्भुत रिकॉर्ड है. वहीं कप्तान रोहित शर्मा ने 5 शतक और 32 अर्धशतकों के साथ कुल 37 बार यह कारनामा किया है.
जहां रोहित और विराट ने सालों की मेहनत के बाद अपना मुकाम हासिल किया, वहीं युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 49 टी20 इंटरनेशनल मैचों में ही अपना कद बहुत ऊंचा कर लिया है. अभिषेक ने अब तक खेली 48 पारियों में 33.6 की औसत से 1546 रन बना लिए हैं. वह इतनी जल्दी भारत के लिए टी20 में सबसे ज्यादा फिफ्टी प्लस स्कोर बनाने वाले टॉप 5 बल्लेबाजों का हिस्सा बन चुके हैं.
Add as Preferred Source on Google
1 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ चेस्टर ली स्ट्रीट में खेले गए पहले वनडे मैच में अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने 59 रनों की एक बेहद ही आतिशी और यादगार पारी खेली. हालांकि यह मुकाबला वनडे फॉर्मेट का था, लेकिन अभिषेक की इस पारी का इम्पैक्ट और उनकी टी20 इंटरनेशनल की फॉर्म ने मिलकर क्रिकेट जगत में एक नया इतिहास रच दिया.
अपनी इसी आतिशी बल्लेबाजी के दौरान अभिषेक शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने 100 छक्के भी पूरे कर लिए. गेंदों का सामना करने के लिहाज से वह टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 100 छक्के लगाने वाले दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज बन गए हैं. उनका यह रिकॉर्ड दिखाता है कि क्रीज पर आते ही वे किस कदर विरोधी गेंदबाजों पर टूट पड़ते हैं.
अभिषेक शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ केवल 20 गेंदों पर अपना अर्धशतक (पचासा) पूरा किया. इसी के साथ वह इंग्लैंड की धरती पर सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल अर्धशतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं. इस पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट आसमान छू रहा था, जिसने इंग्लिश गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ कर रख दी.
भारत के लिए सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वालों की सूची में तीसरे स्थान पर मिस्टर 360 डिग्री यानी सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) हैं. सूर्या ने 113 मैचों में 4 शतक और 25 अर्धशतक (कुल 29 बार 50 प्लस) की मदद से 3272 रन बनाए हैं, जिनका स्ट्राइक रेट 162.94 का है. चौथे नंबर पर केएल राहुल हैं, जिन्होंने 72 मैचों में 2 शतक और 22 अर्धशतक (कुल 24 बार 50+) के साथ 2265 रन बनाए हैं.
अभिषेक शर्मा अपने करियर में 2 शतक और 11 अर्धशतक लगाकर कुल 13 बार फिफ्टी प्लस का आंकड़ा पार कर चुके हैं. इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत वह भारत के टॉप-5 बल्लेबाजों में शामिल हैं. हालांकि, वह चौथे स्थान पर मौजूद केएल राहुल (24 बार 50+) से काफी पीछे हैं, इसलिए वह लंबे समय तक नंबर 5 के पायदान पर ही बने रह सकते हैं.
भले ही अभिषेक शर्मा नंबर 5 पर सुरक्षित दिख रहे हों, लेकिन उन्हें आने वाले समय में अपने पीछे आ रहे युवा खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिलने वाली है. उनके ठीक पीछे तिलक वर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे धाकड़ और आक्रामक बल्लेबाज कतार में खड़े हैं, जो एक-दो अच्छी पारियों के दम पर इस लिस्ट में ऊपर आ सकते हैं.
अभिषेक शर्मा के इस सफर में एक दिलचस्प वाकया भी शामिल है. हाल में आयरलैंड के खिलाफ खेली गई उनकी एक तूफानी पारी को पहले अर्धशतक माना गया था, लेकिन बाद में तकनीकी समीक्षा के बाद उनके खाते से एक रन कम कर दिया गया. इसके चलते वह पारी 49 रन पर सिमट गई और उनका एक अर्धशतक कम हो गया, वरना आज उनके आंकड़ों में एक और फिफ्टी प्लस स्कोर दर्ज होता.
अभिषेक शर्मा का 193.25 का हैरान करने वाला टी20 स्ट्राइक रेट यह साबित करता है कि वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक बन चुके हैं. रोहित-विराट के युग के बाद भारतीय क्रिकेट का भविष्य निश्चित रूप से ऐसे ही युवा कंधों पर सुरक्षित नजर आ रहा है.



