अपना घर आश्रम में तैयार हुईं 8 हजार राखियां, हुनर से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

Last Updated:August 13, 2026, 09:05 IST
Bharatpur Apna Ghar Ashram Prabhujan Made Rakhis: भरतपुर के अपना घर आश्रम में महिला प्रभुजनों द्वारा 8 हजार से अधिक सुंदर हस्तनिर्मित राखियां तैयार की गई हैं. 50 से अधिक महिलाएं जयपुर और दिल्ली से मंगाई सामग्री से आकर्षक राखियां बना रही हैं. आश्रम परिसर के बाहर शोरूम में ये राखियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. आश्रम ने लोगों से इन राखियों को खरीदकर प्रभुजनों के स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की अपील की है.
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Bharatpur: भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम में इस बार रक्षाबंधन पर्व को सेवा, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता के एक अनोखे रूप में मनाया जा रहा है. आश्रम में रह रहीं महिला प्रभुजनों (आश्रितों) द्वारा अत्यंत आकर्षक और सुंदर हस्तनिर्मित राखियां तैयार की जा रही हैं. अब तक 8 हजार से अधिक राखियां बनाई जा चुकी हैं और इन्हें तैयार करने का कार्य लगातार जारी है.
रंग-बिरंगे धागों, मोतियों और अलग-अलग डिज़ाइनों से सजी इन राखियों में प्रभुजनों की मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास साफ नजर आता है. इस विशेष प्रकल्प में 50 से अधिक महिला प्रभुजन पूरी लगन और उत्साह के साथ जुटी हुई हैं. ये महिलाएं पूरे उत्साह के साथ राखियों को तैयार करने में अपना योगदान दे रही हैं.राखी निर्माण के दौरान प्रभुजनों को न केवल रचनात्मक कार्य से जुड़ने का अवसर मिल रहा है, बल्कि उनके भीतर आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान की भावना भी काफी मजबूत हो रही है. आश्रम का मुख्य उद्देश्य इस पावन पर्व को केवल एक उत्सव तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण के अभियान से जोड़ना है.
जयपुर और दिल्ली से मंगवाई गई कच्ची सामग्रीआश्रम से जुड़ी कुसुमलता अग्रवाल ने बताया कि राखियां तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री जयपुर और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से मंगवाई गई है. इसके बाद आश्रम की महिला प्रभुजन अपनी मेहनत और हुनर से इन सामग्रियों को सुंदर और आकर्षक राखियों का रूप दे रही हैं. अलग-अलग रंगों और आधुनिक डिजाइनों में तैयार की जा रही ये राखियां लोगों को काफी पसंद आ रही हैं.
आश्रम परिसर के बाहर शोरूम में बिक्री के लिए उपलब्धइन हस्तनिर्मित राखियों को आश्रम परिसर के बाहर स्थित शोरूम और कार्यालय में उचित मूल्य पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है. यहां आने वाले लोग अपनी पसंद के अनुसार राखियां खरीद सकते हैं. आश्रम प्रबंधन की ओर से आम जनता से यह विशेष अपील की गई है कि इस रक्षाबंधन पर बाजार की सामान्य व्यावसायिक राखियों के बजाय प्रभुजनों के हाथों से तैयार की गई इन हस्तनिर्मित राखियों को प्राथमिकता दें. लोगों द्वारा खरीदी गई प्रत्येक राखी प्रभुजनों के हुनर को प्रोत्साहन देने के साथ उनके आत्मविश्वास और सम्मान को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनेगी. इस तरह अपना घर आश्रम में तैयार हो रही ये राखियां भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ सेवा और स्वाभिमान का सुंदर संदेश दे रही हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
August 13, 2026, 09:05 IST



