सीकर के हिमांशु ने जुनून और मेहनत से पूरा किया क्रिकेट का सपना, आईपीएल में आरसीबी का रह चुके हैं हिस्सा

Last Updated:December 19, 2025, 10:33 IST
sikar Cricketer Himanshu Sharma Success Story: सीकर जिले के रूपगढ़ गांव के युवा क्रिकेटर हिमांशु शर्मा ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने जुनून और मेहनत से राष्ट्रीय और आईपीएल स्तर तक नाम कमाया. प्रारंभिक शिक्षा और क्रिकेट प्रशिक्षण के साथ उन्होंने लगातार अभ्यास किया और आरसीबी में लेग स्पिनर के रूप में जगह बनाई. वो आईपीएल में आरसीबी टीम का भी हिस्सा रहे हैं.रोजाना 6 से 8 घंटे अभ्यास करते हैं और देश के लिए खेलने की तैयारी करने में जुटे हैं. 
कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं होता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों. यह पंक्तियां सीकर जिले के रूपगढ़ गांव के युवा क्रिकेटर हिमांशु शर्मा की जीवन यात्रा पर एकदम परफेक्ट बैठती है. 6 जून 1998 को एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे हिमांशु ने सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बीच बड़े सपने देखे. गांव में क्रिकेट के आधुनिक साधन उपलब्ध नहीं थे, लेकिन जज्बा और लगन ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी.

रूपगढ़ जैसे छोटे गांव में आज भी क्रिकेट केवल शौक के रूप में खेला जाता है. बच्चे मिलकर गांव की तलाई या खुले मैदान में साधारण बल्ले और गेंद से खेलते है. लेकिन, हिमांशु ने इसी गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है. हिमांशु के पिता गौरीशंकर शर्मा खुद क्रिकेट प्रेमी थे और गांव की टीम के साथ खेलते थे. पिता को खेलते देख छोटा हिमांशु भी क्रिकेट प्रति दीवाना हो गया. यहीं से उसके मन में क्रिकेटर बनने का सपना धीरे-धीरे आकार लेने लगा.

पिता के तबादले के बाद परिवार सीकर आ गया, जहां हिमांशु की पढ़ाई के साथ क्रिकेट की साधना जारी रही. शुरुआत में पिता चाहते थे कि वह पढ़ाई पर ध्यान दे और क्रिकेट को शौक तक सीमित रखे, क्योंकि परिवार मध्यम वर्गीय था. इसके बावजूद हिमांशु स्कूल और स्थानीय टूर्नामेंट में लगातार अभ्यास करता रहा. उसकी मेहनत और लगन देखकर पिता का नजरिया बदला और फिर उन्हें पूरा सहयोग मिलने लगे.
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हिमांशु ने बाबा खींवादास महाविद्यालय सांगलिया में प्रवेश लिया, जहां क्रिकेट का बेहतर माहौल मिला. इसके साथ ही विद्या भारती सीकर की क्रिकेट अकादमी में कोच भवानी आचार्य से तीन वर्षों तक प्रशिक्षण लिया. 2019 में जयपुर जाकर आगे की तैयारी की, लेकिन कोरोना काल के कारण सीकर लौटना पड़ा. इस दौरान भी एक्सीलेंस क्रिकेट अकादमी दूजोद में अभ्यास जारी रखा.

कोरोना के बाद हिमांशु जयपुरिया क्रिकेट अकादमी से जुड़े, जहां पूर्व रणजी खिलाड़ी रोहित झालानी, पंकज गुप्ता और विनीत सक्सेना ने उनके खेल को नई दिशा दी. बीसीए के पूर्व चयनकर्ता यशवर्धन उचरिया के मार्गदर्शन से उनकी प्रतिभा आईपीएल टीमों तक पहुंची. मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दोनों ने ट्रायल लिया. 2023 में आरसीबी ने उन्हें लेग स्पिनर के रूप में टीम में शामिल किया. उसके बाद में 2024 में भी आरसीबी की टीम का ही हिस्सा रहे.

विराट कोहली को अपना फेवरेट खलाड़ी मनने वाले हिमांशु शर्मा आईपीएल के अलावा अभी हाल ही में हैदराबाद में आयोजत प्रतिष्ठित सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पांडिचेरी की टीम से खेलकर लौटे है. हिमांशु शर्मा का मानना है कि जीवन में कोई भी बाधा मजबूत इरादों को नहीं रोक सकती. सफलता के लिए जुनून और निरंतर मेहनत जरूरी है. वे आज भी रोजाना 6 से 8 घंटे अभ्यास करते हैं और देश के लिए खेलने का सपना देखते हैं. वे हर त्योहार अपने गांव रूपगढ़ में मनाते हैं और कहते हैं कि कितनी भी बड़ी सफलता मिले, अपनी जड़ों से जुड़े रहना बेहद जरूरी है.
First Published :
December 19, 2025, 10:33 IST
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हिमांशु ने मेहनत से पूरा किया क्रिकेट का सपना, IPL में भी आ चुके हैं नजर



