सिरोही में आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं का प्रदर्शन, खाने में मिले कीड़े तो 50 छात्राएं पहुंचीं कलेक्ट्रेट

Last Updated:August 16, 2026, 18:52 IST
Sirohi Tribal Girls Hostel Food Issue: सिरोही के आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की लगभग 50 छात्राओं ने खराब भोजन और अव्यवस्थाओं के खिलाफ कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर विरोध जताया. छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल के खाने में कीड़े मिलते हैं और शिकायत करने पर वार्डन अमर्यादित भाषा का प्रयोग करती हैं. जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने छात्राओं से करीब एक घंटे तक बातचीत की. उन्होंने एसडीएम और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए और छात्राओं को सरकारी गाड़ियों से सुरक्षित हॉस्टल वापस भिजवाया.
सिरोही में आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं का प्रदर्शन, खाने में कीड़े और वार्डन पर आरोप
Sirohi: राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित शासकीय आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी और घटिया भोजन प्रबंधन को लेकर छात्राओं का असंतोष सड़कों पर आ गया. हॉस्टल की लगभग पचास छात्राएं अपनी समस्याओं की सुनवाई न होने पर पैदल ही कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर निकल पड़ीं. छात्राओं का कहना है कि वे काफी समय से हॉस्टल में मिल रहे भोजन और बदहाल सफाई व्यवस्था से परेशान थीं. बार-बार हॉस्टल प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद जब स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, तो उन्होंने एकजुट होकर अपनी आवाज सीधे प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचाने का निर्णय लिया.
छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर के समक्ष अपनी व्यथा सुनाते हुए आरोप लगाया कि हॉस्टल में दिया जाने वाला खाना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत असुरक्षित है. छात्राओं के अनुसार उन्हें परोसे जाने वाले भोजन में नियमित रूप से कीड़े मिल रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है. इसके अलावा जब भी किसी छात्रा ने इस बात का विरोध किया या शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, तो हॉस्टल वार्डन द्वारा उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया. छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि वार्डन उन्हें अपमानजनक शब्द कहती हैं और जातिगत व सामाजिक रूप से नीचा दिखाने की मंशा से “तुम सब ग्वार हो” जैसी अभद्र टिप्पणियां करती हैं.
जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने सुनीं समस्याएंमामले की जानकारी मिलते ही सिरोही के जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने छात्राओं को अपने कार्यालय में बुलाया और उनसे सीधा संवाद स्थापित किया. कलेक्टर ने लगभग एक घंटे तक छात्राओं की हर एक बात को ध्यानपूर्वक सुना. उन्होंने हॉस्टल के मेस की स्थिति, पेयजल, साफ-सफाई और वार्डन के व्यवहार से जुड़े सभी बिंदुओं पर विस्तृत विवरण लिया. इस दौरान छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में फैली अव्यवस्थाओं की पूरी सूची अधिकारियों के सामने रखी. कलेक्टर ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि उनके स्वास्थ्य और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
प्रशासनिक मुस्तैदी: जांच कमेटी गठित और सुरक्षित वापसीस्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने तुरंत उपखंड अधिकारी (SDM), तहसीलदार और शिक्षा विभाग के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (ADPC) को मौके पर तलब किया. उन्होंने अधिकारियों की एक संयुक्त जांच समिति गठित कर पूरे मामले की गहन निष्पक्ष जांच के आदेश दिए. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है. इसके साथ ही छात्राओं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए कलेक्टर ने उन्हें चार सरकारी वाहनों के माध्यम से सकुशल हॉस्टल भिजवाया. अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Sirohi,Sirohi,Rajasthan
First Published :
August 16, 2026, 18:52 IST



