घर में बार-बार जम जाती है धूल? इन 6 उपायों से पाएं हमेशा के लिए छुटकारा, आसान है तरीका

Last Updated:December 28, 2025, 13:03 IST
Dust Cleaning Tips: घर में जमी धूल न केवल घर की सुंदरता को प्रभावित करती है, बल्कि यह एलर्जी और सांस की बीमारियों का कारण भी बन सकती है. माइक्रोफाइबर कपड़े और वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल धूल हटाने में अधिक प्रभावी है. बेडशीट, तकिया और कंबल को हर हफ्ते गर्म पानी में धोना चाहिए. फालतू सामान हटाने और छिपी जगहों की सफाई नियमित करना जरूरी है. जूते बाहर उतारने से घर में धूल और गंदगी का प्रवेश कम होता है. इन उपायों से घर साफ-सुथरा, स्वास्थ्यवर्धक और धूल मुक्त रहता है.
घर में जमी धूल न सिर्फ घर की सुंदरता को प्रभावित करती है, बल्कि यह एलर्जी और सांस की बीमारियों का कारण भी बन सकती है. घर को साफ और धूल मुक्त रखने के लिए नियमित सफाई बेहद जरूरी है. फर्श और फर्नीचर को रोजाना पोछा लगाएं और गीले कपड़े से पोंछें. पर्दे और कालीन को समय-समय पर धुलें. खिड़कियों और वेंटिलेशन सिस्टम की सफाई करें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर जमा धूल को हल्के ब्रश से साफ करें. इन सरल तरीकों से घर हमेशा साफ और स्वास्थ्यवर्धक बना रहेगा.

साधारण कपड़े की बजाय माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल घर की सफाई में ज्यादा प्रभावी होता है. यह धूल को इधर-उधर उड़ाने के बजाय अपनी सतह पर पकड़ लेता है, जिससे धूल कम फैलती है. सफाई करते समय कपड़े को हल्का गीला करना और भी असरदार साबित होता है. फर्नीचर, शेल्फ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर माइक्रोफाइबर कपड़े से पोछा लगाने से धूल आसानी से हट जाती है. नियमित उपयोग से घर साफ और स्वास्थ्यवर्धक बना रहता है, और एलर्जी या सांस की समस्याओं का खतरा भी कम होता है.

हफ्ते में कम से कम एक बार वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल जरूर करें. अगर वैक्यूम में HEPA फिल्टर है, तो यह हवा में मौजूद बारीक धूल और कीटाणुओं को 99% तक हटा देता है. फर्श, कालीन और कारपेट पर वैक्यूमिंग करने से घर में धूल जमा नहीं होती और एलर्जी का खतरा कम होता है. वैक्यूमिंग के बाद फर्श पर हल्का गीला पोछा लगाना भी धूल कम करने का असरदार तरीका है. नियमित सफाई से घर साफ-सुथरा और स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहता है.
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हम अपने बिस्तर पर दिनभर काफी समय बिताते हैं और इसी वजह से बेडशीट, तकियों और कंबल पर धूल, मृत त्वचा और पसीना जमा हो जाता है. यह एलर्जी और सांस की समस्याओं का कारण बन सकता है. इसलिए चादरों, तकिया कवर और कंबल को हर हफ्ते गर्म पानी में धोना चाहिए. गर्म पानी में धुलाई से बैक्टीरिया और धूल के कीटाणु आसानी से नष्ट हो जाते हैं. नियमित सफाई से बिस्तर साफ और हाइजीनिक रहता है और आप चैन की नींद ले सकते हैं.

घर में जितना अधिक फालतू और बेकार सामान रखा होगा, धूल उतनी ही जल्दी जमा होगी. छोटे सजावटी सामान, पुराने अखबार, बिना धुले कपड़े और बेकार खिलौने साफ-सफाई में बाधा डालते हैं और एलर्जी बढ़ा सकते हैं. इसलिए समय-समय पर इन चीजों को हटाना जरूरी है. कीमती या संवेदनशील सामान को खुले स्थान पर रखने के बजाय कांच की कैबिनेट में रखें. इससे धूल से बचाव होता है और सामान लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. नियमित रूप से फालतू सामान हटाने से घर साफ-सुथरा और हाइजीनिक रहता है.

घर की सफाई में अक्सर छिपी हुई जगहों की धूल नजरअंदाज हो जाती है. पर्दों, सोफे के पीछे, दरवाजों के ऊपर और अलमारी की ऊपरी सतहों पर धूल जम जाती है, जो एलर्जी और सांस की समस्याएं बढ़ा सकती है. हर हफ्ते डस्टर या हल्की ब्रश से पर्दों और ऊपरी सतहों की सफाई करें. सोफे और कुर्सियों के कोनों को वैक्यूम से साफ करना न भूलें. महीने में एक बार इन जगहों की गहरी सफाई करें ताकि घर पूरी तरह धूल मुक्त और स्वास्थ्यकर बना रहे.

घर में धूल का सबसे बड़ा स्रोत जूते होते हैं. बाहर की मिट्टी, कीटाणु और धूल जूतों के तलवे से घर में आसानी से आ जाती है, जिससे फर्श और कालीन गंदे हो जाते हैं और एलर्जी का खतरा बढ़ता है. इसका सरल उपाय यह है कि जूते घर के बाहर उतारे जाएं. दरवाजे पर पायदान या जूते रखने की जगह बनाएं और परिवार में नियम तय करें कि घर के अंदर जूते नहीं पहनेंगे. इससे बाहर की गंदगी और धूल घर में प्रवेश नहीं कर पाएगी और घर स्वच्छ रहेगा.
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December 28, 2025, 13:03 IST
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घर में बार-बार जम जाती है धूल? इन 6 आसान तरीकों से पाएं हमेशा के लिए छुटकारा



