न शहर न गांव, यूपी का नेशनल हाइवे बना नया प्रॉपर्टी हॉटस्पॉट, कीमत कम लेकिन बढ़ रही डिमांड

NH-24 Real estate Hotspot in UP: जब बात रियल एस्टेट या प्रॉपर्टी की आती है तो लोगों के जेहन में बड़े शहर, कस्बे या गांवों का ख्याल आता है लेकिन अब माहौल बदल रहा है. यूपी का राष्ट्रीय राजमार्ग-24 यानि नेशनल हाइवे (NH-24) अब प्रॉपर्टी का नया हॉटस्पॉट बनकर उभर रहा है. इस हाइवे के आसपास जमीन, दुकानें और घर खरीदने की भारी डिमांड देखी जा रही है.
कभी सिर्फ ट्रांजिट रूट के रूप में देखा जाने वाला एनएच-24 अब दिल्ली-एनसीआर का प्रमुख रियल एस्टेट हब बनता जा रहा है. जहां पहले इसे नोएडा और पूर्वी दिल्ली के विकल्प के तौर पर देखा जाता था, वहीं अब यह इलाका अपनी बेहतर कनेक्टिविटी, सुविधाओं और संतुलित कीमतों के कारण खरीदारों की पहली पसंद बनता जा रहा है.
यह दिल्ली को यूपी के महत्वपूर्ण शहरों (गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर) से जोड़ता है. यह प्रमुख एक्सप्रेसवे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का हिस्सा है और राष्ट्रीय राजधानी को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाला सबसे व्यस्त मार्ग है.
कीमतों में तेज उछाल, फिर भी एंट्री आसान
रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म PropEquity की एक रिपोर्ट बताती है कि 2019 से 2024 के बीच गाजियाबाद में प्रॉपर्टी कीमतों में करीब 139 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं 2025 की पहली तिमाही में भी करीब 8 परसेंट की सालाना बढ़त देखने को मिली. रिपोर्ट यह भी बताती है कि एनसीआर के कुल हाउसिंग स्टॉक में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है.
इसके बावजूद, एनएच-24 के कई इलाकों में कीमतें अभी भी पूर्वी दिल्ली और सेंट्रल नोएडा के मुकाबले 20-30% तक कम हैं, जिससे नए खरीदारों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है.
इन्फ्रास्ट्रक्चर ने बदली तस्वीरएनएच-24 का चौड़ीकरण, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, आरआरटीएस कनेक्टिविटी, मेट्रो की पहुंच और हिंडन एयरपोर्ट की नजदीकी ने इस इलाके को नई पहचान दी है. बेहतर कनेक्टिविटी के चलते यहां से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों तक सफर आसान और तेज हो गया है.
मनोज गौर, CMD, गौर ग्रुप का कहना है, ‘गाजियाबाद अब साफ तौर पर ‘अफोर्डेबल-हाउसिंग’ के दायरे से बाहर निकलकर एक ज्यादा ‘एस्पिरेशनल’ दौर में प्रवेश कर रहा है, और इस विकास का ज्यादातर हिस्सा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के किनारे हो रहा है. इस इलाके का एक मुख्य फायदा यह है कि यहां से दिल्ली पहुंचने में लगभग 30 मिनट का समय लगता है, जो नोएडा या गुड़गांव के कई इलाकों की तुलना में काफी कम है. 14-लेन वाले इस एक्सप्रेसवे से मिली यह बेहतर कनेक्टिविटी, सीधे तौर पर घरों की बढ़ती मांग के रूप में सामने आ रही है. जब हमने ‘वेव सिटी’ में ‘गौर NYC रेजिडेंस’ लॉन्च किया था, तो खरीदारों की प्रतिक्रिया जबरदस्त रही थी. पूरा प्रोजेक्ट महज़ तीन दिनों के भीतर ही बिक गया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड बन गया.
लाइफस्टाइल के साथ बेहतर विकल्प
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी कहते हैं कि आज का खरीदार सिर्फ सस्ता घर नहीं चाहता, बल्कि अच्छी लाइफस्टाइल भी चाहता है. एनएच-24 ऐसा कॉरिडोर है जहां यह संतुलन अभी भी संभव है. यहां इंटीग्रेटेड टाउनशिप, गेटेड कम्युनिटी और सेल्फ-सफिशिएंट प्रोजेक्ट्स अब सामान्य हो गए हैं. जेड काउंटी जैसे प्रोजेक्ट्स इसी सोच को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं. आज क्लब हाउस, हरियाली और रिटेल स्पेस जैसी सुविधाएं कोई खास लग्जरी नहीं रह गई हैं, बल्कि ये बेसिक जरूरत बन चुकी हैं. खास बात यह है कि ये सभी सुविधाएं अभी भी ऐसी कीमतों पर मिल रही हैं, जो एनसीआर के दूसरे हिस्सों में एंट्री लेवल मानी जाएंगी.
बदल रही है डिमांड की प्रकृति
विशेषज्ञों के अनुसार, इस कॉरिडोर में डिमांड का स्वरूप भी बदला है. यहां न सिर्फ एंड-यूजर, बल्कि निवेशक भी सक्रिय हैं. सिद्धार्थ विहार जैसे इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे इकोसिस्टम के चलते खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ी है.
प्रतीक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रतीक तिवारी कहते हैं कि NH-24 कॉरिडोर में अभी जो माहौल दिख रहा है, उसने इसे सचमुच एक लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन बना दिया है. गाजियाबाद जैसे इलाके आज लग्जरी लिविंग के प्रति बढ़ती पसंद को दिखाते हैं, जिसकी वजह बदलती उम्मीदें और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है. RRTS एक अहम बदलाव लाने वाला साबित हुआ है, जिसने खरीदारों के इस कॉरिडोर को देखने के नजरिए को पूरी तरह से बदल दिया है. सिद्धार्थ विहार जैसी जगहें अब प्रीमियम लिविंग का पर्याय बन गई हैं. यहां का खरीदार जागरूक और सोच-समझकर फैसला लेने वाला है.
जबकि अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल की मानें तो एनएच-24 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के विकसित होने के बाद गाजियाबाद का रियल एस्टेट एक नए ट्रांजिशन फेज में प्रवेश कर चुका है. पहले जहां यह इलाका मुख्य रूप से किफायती हाउसिंग के लिए जाना जाता था, वहीं अब यहां मिड-सेगमेंट और प्रीमियम हाउसिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है. बेहतर कनेक्टिविटी, खासकर दिल्ली तक 25-30 मिनट में पहुंचने की सुविधा, इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है. वेव सिटी, सिद्धार्थ विहार और आसपास के सेक्टर्स में इंटीग्रेटेड टाउनशिप का तेजी से विकास हो रहा है, जो खरीदारों को ‘वर्क-लाइव-प्ले’ का पूरा इकोसिस्टम दे रहा है.
निवेशकों को मिल रहा बेहतर रिटर्न
स्थानीय निवासियों के अनुभव भी इस बदलाव की पुष्टि करते हैं. शुरुआती दौर में कम कीमत के कारण यहां निवेश करने वाले लोगों को अब अच्छा रिटर्न मिल रहा है. यही वजह है कि आज भी एनएच-24 कॉरिडोर निवेश के लिहाज से आकर्षक बना हुआ है, जहां आने वाले समय में किराए और प्रॉपर्टी कीमत—दोनों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है.



