Mahogany Tree Farming: किसान भाई! खाली जमीन पर लगा डालिए ये पेड़, करोड़ों में होगा कारोबार, लागत भी नहीं लगेगी ज्यादा

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किसान भाई! खाली जमीन पर लगा डालिए ये पेड़, करोड़ों में होगा कारोबार
Last Updated:April 12, 2026, 13:09 IST
Mahogany Tree Farming: खेती में बढ़ते जोखिम और घटते मुनाफे के बीच अब किसान पारंपरिक फसलों से हटकर नई संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं. ऐसे में महोगनी की खेती एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है, जिसे ‘प्रॉपर्टी जैसी इनवेस्टमेंट’ भी कहा जा रहा है. एक बार पौधा लगाने के बाद भले ही इसमें समय लगता है, लेकिन जब पेड़ तैयार होता है तो किसान को लाखों का मुनाफा दे सकता है. महोगनी की लकड़ी बेशकीमती होती है. महोगनी की लकड़ी की विदेश में भी भारी डिमांड रहती है. (रिपोर्ट: सावन पाटिल/खंडवा)
खंडवा सहित मध्य प्रदेश में जहां अब तक गेहूं, चना, सोयाबीन और मक्का जैसी पारंपरिक फसलें प्रमुख रही हैं, वहीं अब किसान धीरे-धीरे वानिकी की ओर भी रुख कर रहे हैं. इसी कड़ी में महोगनी की खेती को लेकर जागरूकता बढ़ रही है. यह एक विदेशी प्रजाति का कीमती पेड़ है, जिसकी लकड़ी की मांग भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बहुत ज्यादा है.
महोगनी की लकड़ी का उपयोग फर्नीचर, प्लाईवुड, जहाज निर्माण, सजावटी सामान और मूर्तियां बनाने में किया जाता है. इसकी खासियत यह है कि यह लकड़ी पानी से प्रभावित नहीं होती, इसलिए इससे बने उत्पाद लंबे समय तक टिकाऊ और मजबूत रहते हैं. यही वजह है कि बाजार में इसकी कीमत सागौन (टीक वुड) से भी ज्यादा मानी जाती है.
खास बात यह है कि महोगनी के पेड़ों को बर्फीले इलाकों को छोड़कर किसी भी जलवायु में तैयार किया जा सकता है. इसको किसी भी तरह की मिट्टी में लगा सकते हैं. लेकिन अगर इसको दोमट मिट्टी में लगाया जाए तो यह और भी बेहतर विकास करता है. महोगनी का पौधा 50 फीट से लेकर 150 फीट की ऊंचाई तक चला जाता है.
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खास बात यह है कि महोगनी के पेड़ों को बर्फीले इलाकों को छोड़कर किसी भी जलवायु में तैयार किया जा सकता है. इसको किसी भी तरह की मिट्टी में लगा सकते हैं. लेकिन अगर इसको दोमट मिट्टी में लगाया जाए तो यह और भी बेहतर विकास करता है. महोगनी का पौधा 50 फीट से लेकर 150 फीट की ऊंचाई तक चला जाता है.
कृषि सलाहार बीडी संनखेरे के अनुसार, महोगनी की खेती उन किसानों के लिए सुनहरा मौका है जो लंबे समय का निवेश करना चाहते हैं. यह पेड़ लगभग 10 से 12 साल में पूरी तरह तैयार हो जाता है और इसके बाद एक पेड़ से ही अच्छी-खासी कमाई हो सकती है. महोगनी एक ऐसा पौधा है जिसकी लकड़ी, छाल और पत्तियां भी बेहद काम की होती हैं.
खास बात ये कि इसकी कुछ प्रजातियां 10-11 साल में ही उपयोग के लिए तैयार हो जाती हैं. इस खेती का एक बड़ा फायदा ये भी है कि इसमें ज्यादा पानी, खाद या देखभाल की जरूरत नहीं होती. किसान अपने खेत की मेड़ों पर भी महोगनी के पौधे लगा सकते हैं और बीच में दूसरी फसलें उगाकर दोहरा लाभ ले सकते हैं.
यानी एक तरफ नियमित फसलों से हर साल कमाई होती रहेगी और दूसरी तरफ 10-12 साल बाद पेड़ों से एकमुश्त बड़ी आय प्राप्त होगी. महोगनी की खासियत सिर्फ इसकी लकड़ी तक सीमित नहीं है. इसके बीज, छाल और पत्तियां भी औषधीय और अन्य उपयोगों में काम आती हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलते हैं.
मोहगनी की अंतरराष्ट्रीय मांग और बढ़ती कीमत इसे एक सुरक्षित और लाभकारी निवेश बनाती है. किसान इस दिशा में छोटी शुरुआत भी करते हैं, जैसे 10-20 पौधे लगाना, तो आने वाले वर्षों में यह उनके लिए एक मजबूत आर्थिक आधार बन सकता है.
अगर आप 10 साल बाद अचानक अमीर बनना चाहते हैं तो अपनी खेत की मेड़ पर ये पौधा लगा दें. सहगोन, शीशम, नीम नहीं ये विदेशी पेड़ कमाई का पूरा पैकेज है. इसकी लकड़ी तो विदेशों तक बिकती ही है, इसकी पत्तियां, छाल और बीज की भी खूब डिमांड है. इसके पत्तों और इस छाल का इस्तेमाल कई तरीके की औषधियों को तैयार करने में भी किया जाता है.
First Published :
April 12, 2026, 13:09 IST



