Rajasthan

Gas Cylinder Shortage in Rajasthan Weddings 2026

Last Updated:April 17, 2026, 10:24 IST

Gas Cylinder Shortage in Rajasthan Weddings 2026: राजस्थान में अक्षय तृतीया से शुरू हो रहे शादियों के सीजन में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने खाने के मेन्यू को बदल दिया है. रसद विभाग द्वारा प्रति शादी केवल 2 से 3 सिलेंडर आवंटित किए जाने के कारण लोगों को मिठाइयों और फास्ट फूड स्टॉल्स में कटौती करनी पड़ रही है. प्रशासन ने विकल्प के तौर पर लकड़ी और कोयले की भट्टियों का उपयोग करने की सलाह दी है. सिलेंडर पाने के लिए अब शादी का कार्ड और प्रार्थना पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे शादी वाले परिवारों में अफरा-तफरी का माहौल है.

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राजस्थान. प्रदेश में 19 अप्रैल से अक्षय तृतीया के अबूझ सावे के साथ ही शादियों की शहनाइयां गूंजने वाली हैं. लेकिन इस बार वैवाहिक आयोजनों पर खुशियों के साथ-साथ कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत का साया मंडरा रहा है. गैस सिलेंडरों की सीमित आपूर्ति और प्रशासन द्वारा तय किए गए कड़े कोटे ने हलवाइयों और शादी वाले परिवारों के गणित को पूरी तरह बिगाड़ दिया है. आलम यह है कि गैस बचाने की जद्दोजहद में शादियों के पारंपरिक और शाही मेन्यू से कई पसंदीदा व्यंजन गायब हो रहे हैं. पहले जिन शादियों में 5 से 6 तरह की मिठाइयां परोसी जाती थीं, अब वहां सिलेंडरों की कमी के कारण उनकी संख्या घटाकर केवल 2 या 3 कर दी गई है. चाट-पकौड़ी, डोसा और पनीर टिक्का जैसे लोकप्रिय ‘लाइव काउंटर’ जो भारी मात्रा में गैस की खपत करते हैं, उन्हें भी कई जगहों पर मेन्यू से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.

शादियों में हलवाइयों की भट्टियां अब गैस की कमी के कारण पहले जैसी नहीं धधकेंगी. रसद विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कम सिलेंडरों में काम चलाने के लिए भोजन के आइटम सीमित रखे जाएं. हलवाइयों का कहना है कि पहले लोग कम से कम 5 तरह की मिठाइयों का ऑर्डर देते थे, लेकिन अब स्थिति यह है कि लोग केवल 2 या कभी-कभी तो सिर्फ 1 मिठाई से ही काम चला रहे हैं. शादियों का मुख्य आकर्षण रहने वाले चटपटे फास्ट फूड और चाट-पकौड़ी के स्टॉल्स अब बहुत कम नजर आएंगे, क्योंकि इनके लिए लगातार जलने वाली अतिरिक्त गैस की आवश्यकता होती है.

रसद विभाग के कड़े आदेश और पारंपरिक विकल्पविभिन्न जिलों के रसद अधिकारियों ने सिलेंडरों के वितरण को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं. पाली के जिला रसद अधिकारी कमल किशोर पंवार के आदेशानुसार शहरी क्षेत्रों में केवल 3 और ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 2 कमर्शियल सिलेंडर ही आवंटित किए जा रहे हैं. यदि मेहमानों की संख्या अधिक है और खाना ज्यादा बनाना है, तो प्रशासन की ओर से लोगों को कोयले और लकड़ियों की पारंपरिक भट्टियों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है. अधिकारियों ने परिवारों से निवेदन किया है कि वे मेहमानों की संख्या और खाने के व्यंजनों की सूची को सीमित रखें ताकि उपलब्ध गैस में ही कार्य संपन्न हो सके.

आम जनता की पीड़ा और मजबूरी का मेन्यूप्रशासन के इन फैसलों से शादी वाले घरों में भारी तनाव का माहौल है. लोग शादी का कार्ड लेकर रसद कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है. पाली के सुंदर नगर निवासी नरेश भाटी ने बताया कि उनके बेटे की शादी में 900 मेहमान आने वाले हैं और हलवाई ने 8 सिलेंडरों की मांग की है, लेकिन प्रशासन इतने सिलेंडर देने को तैयार नहीं है. मजबूरी में उन्हें मिठाइयों और फास्ट फूड के स्टॉल्स कम करने पड़ रहे हैं. वहीं घीसाराम जैसे कई अभिभावकों ने सिलेंडर की कमी के डर से मेहमानों की संख्या ही कम कर दी है और खाने की लिस्ट छोटी कर ली है ताकि जो थोड़े-बहुत सिलेंडर मिलें, उनमें इज्जत के साथ शादी संपन्न हो सके.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें

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Location :

Pali,Pali,Rajasthan

First Published :

April 17, 2026, 10:22 IST

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