न पीआर, न शोरशराबा, शादी नहीं चुना अकेलापन, हीरोगिरी में नहीं मिली सफलता तो बन बैठा सबसे खतरनाक विलेन

Last Updated:April 17, 2026, 12:50 IST
बॉलीवुड में हीरो बनने का सपना देखने वाले हर कलाकार को मालूम है कि सफलता का फॉर्मूला क्या है? पीआर, हाइप, सोशल मीडिया शोर और कभी-कभी पर्सनल लाइफ को भी शादी की तरह पेश करना. लेकिन, इस एक्टर ये सब रास्ते ठुकरा दिए. न कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस, न कोई इंटरव्यू का शोर, न ही शादी की तरह सुविधाजनक हीरो इमेज को अपनाया. आज ये एक्टर बॉक्स ऑफिस पर तबाही मचा रहा है.
नई दिल्ली. न कोई पीआर मशीन, न लाइमलाइट में रहने की चाह और न ही निजी जिंदगी को लेकर कभी कोई दिखावा…फिर भी पर्दे पर मौजूदगी ऐसी कि नजरें हटाना मुश्किल. इंडस्ट्री के चमकदार शोर से दूर रहकर भी इस हीरो ने अपनी एक अलग पहचान बनाई, लेकिन सफर हमेशा आसान नहीं रहा. हीरो के तौर पर मिली ठंडी प्रतिक्रिया ने राह बदली और फिर वही शख्स पर्दे पर ऐसा रंग लेकर लौटा कि दर्शक दहल उठे. कभी चुपचाप, कभी रहस्यमयी अंदाज में, इस कलाकार ने अपने सलेक्शन से बार-बार चौंकाया है. शादी से दूरी और अकेलेपन को अपनाने के फैसले ने भी इसे और दिलचस्प बना दिया. अब सवाल ये है कि आखिर कौन है ये चेहरा, जिसने बिना शोर किए अपने किरदारों से सबसे ज्यादा शोर मचाया?
2009 से 2021 के बीच उनका करियर खासा उतार-चढ़ाव भरा रहा. ये एक्टर और कोई नहीं बल्कि अक्षय खन्ना हैं. 2009 से 2021 तक अक्षय ने फिल्मी दुनिया में काम तो किया, लेकिन नाम नहीं कमा सके. इस दौरान उन्होंने करीब 13 फिल्मों में काम किया, जिसमें 4 फ्लॉप और 4 डिजास्टर रहीं. करीब एक दशक तक अक्षय खन्ना का नाम बॉक्स ऑफिस पर ‘फ्लॉप मशीन’ बन चुका था.
यही वो समय था जब उन्होंने अपने करियर का सबसे बड़ा और समझदारी भरा फैसला लिया. हीरो की पारंपरिक छवि से बाहर निकलकर ग्रे और विलेन किरदारों की ओर रुख करना. यही बदलाव उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. अक्षय खन्ना ने अपनी एक्टिंग की गहराई को नेगेटिव और जटिल किरदारों में ढालना शुरू किया. उनके किरदार सिर्फ खलनायक नहीं थे, बल्कि उनमें एक अलग तरह की साइकॉलॉजिकल परत होती थी, जो दर्शकों को बांधे रखती थी. यही वजह रही कि कम स्क्रीन टाइम में भी वह फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर उभरे.
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इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बना साल 2022 में आई फिल्म दृश्यम 2. इस फिल्म में उनके पुलिस ऑफिसर के किरदार ने कहानी में जबरदस्त टेंशन पैदा की. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 240 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया और सुपरहिट साबित हुई. अक्षय खन्ना का संयमित लेकिन तीखा अभिनय दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों को बेहद पसंद आया. इसके बाद उनके करियर की दिशा पूरी तरह बदल गई. अब उन्हें सिर्फ हीरो के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे एक्टर के रूप में देखा जाने लगा जो कहानी को मजबूत बनाता है.
साल 2025 अक्षय के लिए काफी अच्छा साल साबित हुआ. पहले छावा और फिर धुरंधर के साथ उन्होंने विलेन के रोल में ऐसा कमबैक किया कि पूरा इंडस्ट्री हैरान है. छावा ने दुनिया भर में करीब 800 करोड़ का कारोबार किया. वहीं, आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर में भी अक्षय खन्ना ने कमाल कर दिया. रहमान डकैत के रोल में उन्होंने वो कमाल दिखाया कि फैंस भी रणवीर सिंह की नहीं बल्कि अक्षय के मुरीद हो गए. फिल्म ने दुनिया भर में 1300 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया था.
लेकिन, 2009-2021 के बीच अक्षय की 8 फिल्में ऐसी रहीं, जिन्होंने 10 करोड़ से भी कम कमाया. कुल मिलाकर 10-12 फिल्मों में से 4 फ्लॉप और 4 डिजास्टर. बजट और कलेक्शन का गैप इतना बड़ा कि प्रोड्यूसर्स दूर-दूर भागने लगे थे. इन फिल्मों में शॉर्ट कुट- द कॉन इज ऑन, आक्रोश, नो प्रॉब्लम, गली गली चोर है, मॉम, इत्तेफाक, सेक्शन 375, सब कुशल मंगल सब की बॉक्स ऑफिस पर लुटिया डूब गई.
अक्षय खन्ना की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर भले न चली, लेकिन उन्होंने चुप्पी को साधे रखा और सही वक्त का इंतजार किया. उन्होंने न तो किसी प्रोड्यूसर को ब्लेम किया, न सोशल मीडिया पर ट्रोल्स से लड़ाई की. न ही कोई सिम्पैथी बटोरी. घर में जिम, किताबें, स्क्रिप्ट पढ़ना और चुपचाप तैयारी. 2023-24 में उन्होंने दो बड़ी फिल्में साइन की. पहली छावा और दूसरी धुरंधर.
इन दोनों फिल्मों में वो हीरो को कड़ी टक्कर देते हुए नजर आए. निर्देशक ने उन्हें विलेन का रोल ऑफर किया. अक्षय ने बिना किसी प्रचार के हां कह दिया. शूटिंग के दौरान वे पूरी तरह अलग-थलग रहे। कोई पार्टी नहीं, कोई इंटरव्यू नहीं, कोई लीक फोटो नहीं. सिर्फ रोल में डूबे रहे. अक्षय ने हीरो बनकर जो नहीं कर सके, विलेन बनकर कर उन्होंने वो कर दिखाया.
अक्षय खन्ना की खासियत यही रही कि उन्होंने कभी भी भीड़ का हिस्सा बनने की कोशिश नहीं की. जहां दूसरे एक्टर लगातार हिट फिल्मों के पीछे भागते हैं, वहीं उन्होंने अपने किरदारों की क्वालिटी पर ध्यान दिया. यही कारण है कि भले ही उनके खाते में फ्लॉप और डिजास्टर फिल्मों की लंबी लिस्ट रही हो, लेकिन उनकी एक्टिंग पर कभी सवाल नहीं उठे.
आज अक्षय खन्ना उस मुकाम पर हैं जहां उन्हें ‘अंडररेटेड’ नहीं, बल्कि ‘अनप्रेडिक्टेबल’ कहा जाता है. वह कब, किस रोल में आकर पूरी फिल्म पर छा जाएं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. हीरो से विलेन बनने का उनका यह सफर सिर्फ एक इमेज चेंज नहीं, बल्कि करियर की री-इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण है. बॉलीवुड में जहां वापसी के लिए बड़े-बड़े कैंप और प्रमोशन की जरूरत पड़ती है, वहां अक्षय खन्ना ने साबित किया कि अगर अभिनय में दम हो, तो खामोशी भी सबसे बड़ा शोर बन सकती है.
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April 17, 2026, 12:50 IST



