‘यह मेरा हीरो का घर था’, आशीर्वाद बंगला को ध्वंस देख भावुक हुईं मुमताज, बोलीं- म्यूजियम बनाने का था सपना

Last Updated:April 21, 2026, 14:50 IST
विक्की ललवानी से हाल ही में हुई बातचीत में मुमताज ने खन्ना के साथ अपने करीबी रिश्ते और बंगले से जुड़ी यादों को साझा किया. उन्होंने कहा कि यह बंगला उनके लिए सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि ‘मॉन्यूमेंट’ था. उन्होंने स्वीकार किया कि आज भी उस जगह को देखकर दर्द होता है.
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मुमताज ने एक इंटरव्यू में राजेश खन्ना और उनके बंगले की यादों को साझा किया है.
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का मुंबई स्थित मशहूर बंगला आशीर्वाद कभी बॉलीवुड का एक बड़ा लैंडमार्क हुआ करता था. लेकिन इस आइकॉनिक घर के टूटने की खबर ने कई लोगों की तरह दिग्गज अदाकारा मुमताज को भी गहरे तक प्रभावित किया है. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बंगले से जुड़ी अपनी यादों और भावनाओं को खुलकर साझा किया. उन्होंने राजेश खन्ना के ऐतिहासिक बंगले ‘आशीर्वाद’ के ध्वस्त होने पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने इस बंगले को ‘मॉन्यूमेंट’ की संज्ञा देते हुए कहा कि इसके जाने का दर्द आज भी उन्हें चुभता है.
विक्की ललवानी से हाल ही में हुई बातचीत में मुमताज ने खन्ना के साथ अपने करीबी रिश्ते और बंगले से जुड़ी यादों को साझा किया. उन्होंने कहा कि यह बंगला उनके लिए सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि ‘मॉन्यूमेंट’ था. उन्होंने स्वीकार किया कि आज भी उस जगह को देखकर दर्द होता है.
‘यह मेरा हीरो का घर था’
मुमताज ने कहा, ‘आज भी जब मैं उस इमारत को देखती हूं, तो कहती हूं ‘यह था मेरे हीरो का घर’. यह एक बड़ा लैंडमार्क था, एक स्मारक जैसा.’ मुमताज ने खुलासा किया कि उनका अपना घर, जो उन्होंने मीना कुमारी से खरीदा था, आशीर्वाद के बेहद करीब स्थित था. ‘कार्टर रोड पर जिस घर में हम रहते हैं, वह मीना कुमारी का था. यह राजेश खन्ना के बंगले के बहुत करीब था. मैं वहां अक्सर जाया करती थी.’
काका और अंजू का लाड़-प्यार
मुमताज ने राजेश खन्ना और उनकी एक्स गर्लफ्रेंड अंजू माहेंद्रू से मिली गर्मजोशी को भी याद किया. उन्होंने कहा, ‘जब अंजू उनके साथ थीं, वह मुझे बुलातीं और बैठातीं. यहां तक कि जब मैं मयूर से एंगेज हुई तो उन्हें भी साथ ले जाती. काका और अंजू हमारा इतना खयाल रखते थे- ‘यह लो, वह खाओ’. फिल्म इंडस्ट्री के लोग बहुत बड़े दिल वाले होते हैं.
म्यूजियम बनने का सपना अधूरा
मुमताज ने बताया कि राजेश खन्ना के निधन के बाद बंगले को म्यूजियम बनाने का सपना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. ‘वह सपना था कि उनके जाने के बाद यह म्यूजियम बन जाएगा. लेकिन जाने के बाद पता नहीं क्यों इसे बेच दिया गया. मैंने सुना कि कुछ आंतरिक मुद्दे थे, लेकिन डिटेल नहीं जानती. जब सच्चाई नहीं पता तो कमेंट नहीं करना चाहिए.’बता दें कि आशीर्वाद बंगला 2014 में करीब 90 करोड़ रुपये में बेचा गया था और 2016 में नए मालिक द्वारा ध्वस्त कर दिया गया. आज वह जगह एक हाईराइज बिल्डिंग बन चुकी है.
‘मैं बहुत एडजस्ट करती थी’
मुमताज ने काम के दौरान राजेश खन्ना की लेट आने की आदत का भी जिक्र किया. ‘ वे देर से आते थे, लेकिन काम पूरा कर जाते थे. हमारी समझ थी. मैं अकेले शॉट्स पहले कर लेती. डायरेक्टर मेरे सोलो शॉट्स पहले ले लेते. फिर जब वे आते तो कॉम्बिनेशन शॉट्स करते. मैं कहती-‘मेरे क्लोज-अप हो गए, अब आप अपना कर लो. मैं जा रही हूं.’ कभी-कभी बहस भी होती, लेकिन मैं बहुत एडजस्ट करती थी.’ मुमताज ने खुद को बेहद इमोशनल बताया. उन्होंने कहा कि जब मैं किसी से प्यार करती हूं या दोस्ती करती हूं तो वो हमेशा के लिए होती है. मैं काका और अंजू के बहुत करीब थी.
About the AuthorShikha Pandey
शिखा पाण्डेय Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें
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Location :
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
First Published :
April 21, 2026, 14:50 IST



