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जोधपुर में देश का पहला वंदे भारत डिपो, 2026 तक तैयार होने की उम्मीद! जानें क्या-क्या सुविधाएं रहेंगी

Last Updated:April 21, 2026, 18:16 IST

First Vande Bharat Train Depot: जोधपुर के भगत की कोठी में देश का पहला वंदे भारत डिपो बन रहा है, 360 करोड़ की लागत, जून 2026 तक पहला चरण पूरा, वंदे भारत और स्लीपर ट्रेनों की मेंटेनेंस होगी. बताया जा रहा है कि यह डिपो करीब 360 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा है. काम दो फेज में किया जा रहा है ताकि हर चीज चरणबद्ध तरीके से पूरी हो सके. यहां करीब 600 मीटर लंबा ट्रैक बनाया जा रहा है, जहां ट्रेनों की जांच और मेंटेनेंस आसानी से हो सके.जोधपुर में देश का पहला वंदे भारत डिपो, जानें क्या-क्या सुविधाएं रहेंगी!Zoomवंदे भारत

जयपुर. जयपुर से लेकर जोधपुर तक रेलवे से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है, जो धीरे-धीरे बड़ी बनती जा रही है. देश में तेज रफ्तार ट्रेनों की बात जब भी होती है तो सबसे पहले नाम आता है वंदे भारतई का. अब इसी वंदे भारत को लेकर एक नया कदम उठाया गया है, जो सीधे राजस्थान से जुड़ता है. जोधपुर में देश का पहला वंदे भारत डिपो तैयार किया जा रहा है, और इसे लेकर काम भी तेजी से चल रहा है.

यह डिपो सिर्फ एक साधारण यार्ड नहीं होगा. यहां वंदे भारत ट्रेन के साथ-साथ वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की भी देखरेख की जाएगी. मतलब साफ है कि आने वाले समय में जोधपुर रेलवे के नक्शे पर और ज्यादा अहम हो जाएगा. फिलहाल काम जोधपुर के भगत की कोठी इलाके में चल रहा है, जहां इस डिपो को पूरी तरह आधुनिक तरीके से तैयार किया जा रहा है. जमीन पर काम दिखने लगा है, और अधिकारियों की नजर भी इस पर बनी हुई है.

कैसा होगा ये डिपो, क्या-क्या सुविधाएं रहेंगीबताया जा रहा है कि यह डिपो करीब 360 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा है. काम दो फेज में किया जा रहा है ताकि हर चीज चरणबद्ध तरीके से पूरी हो सके. यहां करीब 600 मीटर लंबा ट्रैक बनाया जा रहा है, जहां ट्रेनों की जांच और मेंटेनेंस आसानी से हो सके. सबसे खास बात ये है कि यहां 3 पिट लाइन वाली कवर्ड इंस्पेक्शन बे भी बनाई जा रही है, जिससे ट्रेनों की नीचे से जांच करना आसान रहेगा.

इस तरह की सुविधा अभी हर जगह नहीं मिलती. यही वजह है कि इसे देश का पहला ऐसा डिपो कहा जा रहा है जो खासतौर पर वंदे भारत और उसके स्लीपर वर्जन के लिए बनाया जा रहा है. पूरी कोशिश यही है कि ट्रेनों की सर्विस बेहतर हो, खराबी जल्दी पकड़ी जाए और यात्रियों को सफर में दिक्कत कम हो. रेलवे इसे एक मॉडल के तौर पर भी देख रहा है, ताकि आगे और जगह ऐसे डिपो बनाए जा सकें.

कब तक तैयार होगा, क्या है आगे की योजनाकाम की रफ्तार को देखते हुए पहला चरण जून 2026 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है. यानी ज्यादा समय नहीं बचा है. अगर सब कुछ तय समय पर हुआ तो कुछ ही महीनों में इसका पहला हिस्सा तैयार हो जाएगा. इसके बाद दूसरे फेज पर काम जारी रहेगा.

रेलवे के लिए यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि आने वाले समय की तैयारी है. वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ रही है, स्लीपर वर्जन भी आ रहा है, ऐसे में उनके रखरखाव के लिए ऐसे डिपो जरूरी हो जाते हैं. जोधपुर का यह डिपो उसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

अभी काम जारी है, लेकिन जिस तरह से यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहा है, उससे साफ है कि आने वाले वक्त में जोधपुर रेलवे के लिए एक नया सेंटर बन सकता है. नजर अब इस बात पर रहेगी कि तय समय पर काम पूरा होता है या फिर इसमें देरी होती है.

About the AuthorAnand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

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Location :

Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

April 21, 2026, 18:16 IST

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