कोटा की डॉक्टर इन्फ्लुएंसर हर्षिता गौतम | Dr. Harshita Gautam Kota Food Blogger Success

Last Updated:April 22, 2026, 09:50 IST
Dr. Harshita Gautam Kota Food Blogger Success: कोटा की होम्योपैथी डॉक्टर हर्षिता गौतम ने डॉक्टरी और फूड ब्लॉगिंग के बीच एक अनूठा संतुलन बनाकर सोशल मीडिया पर 10 मिलियन से ज्यादा की रीच हासिल की है. 5 दिन क्लिनिक में मरीजों की सेवा और 2 दिन अपने फूड-ट्रैवल पैशन को देने वाली डॉ. हर्षिता उन लोगों के लिए मिसाल हैं जो करियर और शौक में तालमेल नहीं बिठा पाते. उन्होंने समाज की आलोचनाओं की परवाह किए बिना अपने सपनों को जिया है.
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Dr. Harshita Gautam Kota Food Blogger Success: राजस्थान का कोटा शहर अब केवल इंजीनियरिंग और मेडिकल की कोचिंग के लिए ही नहीं, बल्कि उभरते हुए डिजिटल टैलेंट के लिए भी जाना जा रहा है. इसी कड़ी में एक बड़ा नाम जुड़ा है डॉ. हर्षिता गौतम का, जिन्होंने डॉक्टरी जैसे गंभीर पेशे और फूड ब्लॉगिंग जैसे रचनात्मक शौक के बीच एक शानदार तालमेल बैठाया है. डॉ. हर्षिता पेशे से एक सफल होम्योपैथी डॉक्टर हैं और कोटा के तलवंडी इलाके में ‘लाइफ क्योर होम्योपैथी’ नाम से अपना क्लिनिक संचालित करती हैं. जहाँ वे दिनभर मरीजों का इलाज करती हैं, वहीं सोशल मीडिया पर उनके फूड और ट्रैवल कंटेंट को लाखों लोग पसंद कर रहे हैं.
डॉ. हर्षिता के ब्लॉगिंग सफर की शुरुआत उनके कॉलेज के दिनों में हुई थी. उन्हें खाने का शौक था, जिसे उन्होंने कैमरे के जरिए दुनिया के सामने पेश करना शुरू किया. आज 5 साल की मेहनत के बाद उनके पास 40 हजार से ज्यादा समर्पित फॉलोअर्स हैं और उनके वीडियो की डिजिटल रीच 10 मिलियन (1 करोड़) से अधिक तक पहुँच गई है. डॉ. हर्षिता का मानना है कि जो काम एक शौक के तौर पर शुरू हुआ था, उसने आज उन्हें एक नई पहचान दी है. उनके कंटेंट में न केवल खान-पान का जायका होता है, बल्कि वे उस स्थान की संस्कृति और कहानियों को भी बखूबी पिरोती हैं.
5 दिन सेवा और 2 दिन पैशन का फॉर्मूलाडॉ. हर्षिता ने अपने व्यस्त जीवन को बहुत ही अनुशासित तरीके से दो हिस्सों में बाँटा है. सोमवार से शुक्रवार तक वे पूरी तरह से एक समर्पित डॉक्टर की भूमिका में होती हैं, जहाँ उनकी प्राथमिकता मरीजों का परामर्श और इलाज होती है. जैसे ही शनिवार की शाम आती है, उनका इन्फ्लुएंसर अवतार जाग जाता है. वीकेंड पर वे नए शहरों की यात्रा करती हैं और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को एक्सप्लोर करती हैं. उनका यह ‘5+2’ का फॉर्मूला उन युवाओं के लिए एक बड़ी सीख है जो काम के बोझ के कारण अपने सपनों को भूल जाते हैं.
आलोचनाओं का सामना और सफलता का मंत्रएक डॉक्टर होकर बाहर का खाना प्रमोट करने पर उन्हें कई बार आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ता है. इस पर डॉ. हर्षिता बड़ी बेबाकी से जवाब देती हैं कि जीवन में ‘बैलेंस’ ही सबसे जरूरी है. वे कहती हैं कि डॉक्टरी उनका कर्तव्य है जो समाज के प्रति है, लेकिन ब्लॉगिंग उनका वो जुनून है जो उन्हें मानसिक संतुष्टि देता है. उन्होंने समाज की परवाह किए बिना अपनी पढ़ाई भी पूरी की और अब अपने सपनों को भी जी रही हैं. उनका संदेश साफ है कि लोगों के जज करने के डर से अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ना चाहिए. आज डॉ. हर्षिता सिर्फ कोटा की नहीं, बल्कि राजस्थान की एक बड़ी ‘सिटी इन्फ्लुएंसर’ बन चुकी हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
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Location :
Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
April 22, 2026, 09:47 IST



