पिता की मेहनत रंग लाई, टैक्सी चालक की बेटी बनी RAS अफसर, EWS में 21वां स्थान लाकर रचा इतिहास

Last Updated:April 23, 2026, 07:31 IST
Gunjan Sharma RAS Success Story: बाड़मेर की गुंजन शर्मा ने कठिन परिस्थितियों में मेहनत और हौसले के दम पर RAS 2024 परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. टैक्सी चालक पिता की बेटी गुंजन ने दूसरे प्रयास में ऑल राजस्थान में 667वीं और EWS वर्ग में 21वीं रैंक प्राप्त की. बचपन से ही पिता के संघर्ष को देखकर उन्होंने बड़ा लक्ष्य तय किया. 2023 में मैन्स में असफल रहने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दोगुनी मेहनत के साथ तैयारी कर सफलता हासिल की.
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बाड़मेर. कहते हैं मेहनत और हौसले के आगे हालात भी झुक जाते हैं, और इसे सच कर दिखाया है एक टैक्सी चालक की बेटी गुंजन शर्मा ने. सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को जिंदा रखा और दूसरे प्रयास में RAS परीक्षा 2024 में शानदार सफलता हासिल की. गुंजन ने 667वीं ऑल इंडिया रैंक और EWS वर्ग में 21वीं रैंक प्राप्त कर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन किया है. गुंजन के पिता एक टैक्सी चालक हैं, जो दिन-रात मेहनत कर परिवार का गुजारा करते हैं.
बचपन में वे अपनी बेटी को पैदल स्कूल भेजते थे और खुद अन्य बच्चों को टैक्सी से स्कूल छोड़ने जाते थे. उसी समय गुंजन ने अपने पिता की मेहनत और संघर्ष को करीब से देखा और कुछ बड़ा करने का संकल्प लिया. उन्होंने कठिन हालातों के बीच पढ़ाई जारी रखी और लगातार मेहनत करती रहीं. कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. आज उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी सपना दूर नहीं होता. गुंजन की इस उपलब्धि से उनके पिता का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है.
2023 में मैंस में पिछड़ गई थी गुंजन
गुंजन के पिता मोहन शर्मा स्कूल की टैक्सी चलाते है. गुंजन ने साल 2023 का आरएएस का एग्जाम दिया था, लेकिन वह मैन्स में पिछड़ गई. जिस दिन साल 2023 का परीक्षा परिणाम आया था ठीक उसके एक महीने बाद उसने साल 2024 की आरएएस प्री को पार कर लिया. गुंजन ने खुद के चयन का सारा श्रेय पिता और मां की मेहनत और समर्पण भाव को दिया है.
गुंजन ने ईडब्ल्यूएस वर्ग में 21वां स्थान हासिल किया
गुंजन की प्रारंभिक शिक्षा बाल मंदिर स्कूल से और 12वी मयूर नोबल एकेडमी से हुई. गुंजन ने बाड़मेर के एमबीसी गर्ल्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद आरएएस की तैयारी में जुट गई. पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली लेकिन गुंजन ने हार नहीं मानी और असफलता को सबक मानकर अपनी रणनीति में सुधार किया और दोगुनी मेहनत के साथ दोबारा तैयारी शुरू की. आरएएस 2024 परीक्षा में गुंजन ने ईडब्ल्यूएस वर्ग में 21वीं और ऑल राजस्थान में 667वी रैंक हासिल की है.
पिता की मेहनत को नहीं होने दिया जाया
गुंजन के पिता मोहन गौड़ ग्रेजुएशन पास है जबकि मां लता देवी महज आठवीं पास है. इसके बावजूद टैक्सी चालक पिता ने अपने बच्चों को पढ़ाने में कोई कसर नही छोड़ी. गुंजन ने भी पिता की मेहनत को बेकार नहीं जाने दिया. कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसने पढ़ाई को ही अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया. साधनों की कमी थी, लेकिन हौसले मजबूत थे इसी बदौलत आरएएस परीक्षा में सफलता हासिल की है. गुंजन के बड़े भाई इन दिनों सीआईएसएफ डिप्टी कमांडेंट की ट्रेनिग ले रहे हैं. वहीं उनका छोटा भाई ग्रेजुएशन कर रहा है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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Location :
Barmer,Rajasthan
First Published :
April 23, 2026, 07:31 IST


