सीकर सांगलिया में पशु चिकित्सालय के लिए 5 बीघा जमीन दान

Last Updated:April 24, 2026, 09:26 IST
Sikar Kojaram Sevda Donates Land for Animal Hospital: सीकर के सांगलिया गांव में भामाशाह कोजाराम सेवदा ने अपने माता-पिता की याद में पांच बीघा जमीन दान कर 30 लाख रुपए की लागत से एक आधुनिक पशु चिकित्सालय उपकेंद्र का निर्माण करवाया है. इस अस्पताल का लोकार्पण पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सांसद अमराराम सहित कई दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ. कोजाराम के इस सराहनीय कदम से क्षेत्र के पशुपालकों को अब बीमार और घायल पशुओं के इलाज के लिए निजी डॉक्टरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
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Sikar News: राजस्थान के सीकर जिले के सांगलिया गांव में समाज सेवा और पितृभक्ति का एक ऐसा अद्भुत उदाहरण सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है. यहाँ के निवासी और भामाशाह कोजाराम सेवदा ने अपने स्वर्गीय माता-पिता की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए अपनी करोड़ों की संपत्ति समाज और बेजुबान पशुओं के हित में समर्पित कर दी है. कोजाराम ने न केवल अपनी पाँच बीघा बेशकीमती जमीन दान की, बल्कि उस पर 30 लाख रुपए की लागत से एक आधुनिक पशु चिकित्सालय उपकेंद्र का निर्माण भी करवाया है. इस नेक कार्य की चर्चा अब हर जुबान पर है और जो भी इसके बारे में सुन रहा है, वह भामाशाह की मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहा है.
इस नवनिर्मित ‘स्व. कुशला राम सेवदा राजकीय पशु चिकित्सालय उपकेंद्र’ का लोकार्पण और मूर्ति अनावरण कार्यक्रम अत्यंत गौरवमयी और धूमधाम भरे माहौल में आयोजित किया गया. इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए सीकर के सांसद अमराराम, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, अखिल भारतीय सांगलिया धूणी के पीठाधीश्वर ओमदास महाराज और दांतारामगढ़ विधायक वीरेंद्र सिंह सहित कई बड़ी हस्तियां सांगलिया पहुँचीं. कार्यक्रम के दौरान संत ओमदास महाराज ने कोजाराम के इस कदम को ‘महादान’ की संज्ञा दी. उन्होंने कहा कि जीवन में सबसे बड़ा पुण्य वही है, जो बेजुबानों और समाज के कल्याण के लिए किया जाए.
माता-पिता के सम्मान में समर्पित किया जीवनभामाशाह कोजाराम सेवदा ने इस अवसर पर भावुक होते हुए कहा कि वे आज जीवन के जिस भी मुकाम पर हैं, वह केवल उनके माता-पिता के आशीर्वाद और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग की बदौलत है. उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित किया और आज उनकी जो भी पहचान है, वह उन्हीं के संघर्षों का परिणाम है. कोजाराम ने कहा, “मैने सोचा कि माता-पिता की याद में कुछ ऐसा किया जाए जिससे उनका नाम हमेशा के लिए अमर हो जाए और समाज का भला भी हो. इसी सोच के साथ मैंने अपनी पांच बीघा जमीन और यह अस्पताल बेजुबानों की सेवा के लिए समर्पित किया है.”
पशुपालन क्षेत्र को मिलेगी नई संजीवनीक्षेत्र के पशुपालकों के लिए यह अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं है. कोजाराम ने बताया कि इलाके में एक आधुनिक पशु चिकित्सालय की लंबे समय से कमी महसूस की जा रही थी. पशुओं के बीमार होने या घायल होने पर ग्रामीणों को महंगे प्राइवेट डॉक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता था. अब इस नए सरकारी उपकेंद्र में आधुनिक तकनीक से पशुओं की जांच और इलाज हो सकेगा. कोजाराम ने संकल्प लिया है कि वे भविष्य में भी सेवा कार्य जारी रखेंगे और यदि अस्पताल में किसी भी संसाधन की कमी आती है, तो वे उसे निजी स्तर पर पूरा करेंगे. यह पहल पूरे राजस्थान के लिए एक मिसाल बन गई है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
April 24, 2026, 09:26 IST



