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आए थे बॉलिंग करने और ठोक दी डबल सेंचुरी, वो चार क्रिकेटर्स जिनकी बैटिंग देखती रह गई दुनिया

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आए थे बॉलिंग करने और ठोक दी डबल सेंचुरी, बैटिंग ऐसी कि देखती रह गई दुनिया

Last Updated:April 24, 2026, 18:09 IST

Unique Cricket Records: टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कभी-कभार गेंदबाज भी अपनी बैटिंग स्किल्स से दुनिया को चौंका देते हैं. इस आर्टिकल में हम ऐसे ही चार क्रिकेटर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने गेंदबाजी से तो धमाल मचाया ही, लेकिन अपनी बल्लेबाजी से भी तहलका मचाया. इन क्रिकेटर्स ने टेस्ट मैच में दोहरा शतक जड़कर हर किसी को हैरान कर दिया. आए थे बॉलिंग करने और ठोक दी डबल सेंचुरी, बैटिंग ऐसी कि देखती रह गई दुनियाZoomवसीम अकरम और जेसन गिलेस्पी के नाम दर्ज है दोहरा शतक.

नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ना हर क्रिकेटर के लिए अपने आप में एक खास उपलब्धि है. दुनिया में कई ऐसे बल्लेबाज हैं, जो इस फॉर्मेट में मौका मिलने के बावजूद इस उपलब्धि को नाम नहीं कर पाए. वहीं, डॉन ब्रैडमैन और कुमार संगाकारा जैसे कुछ गिने-चुने नाम ऐसे भी हैं, जिन्होंने डबल सेंचुरी का ढेर लगाया. इन सबसे इतर कुछ ऐसे भी खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में आए, जिनकी पहचान तो गेंदबाजी से हुई, लेकिन उन्होंने दोहरा शतक जड़ने का ऐतिहासिक कारनामा करके हर किसी को चौंका दिया. इनमें से कुछ तो नाइटवॉचमैन के रूप में क्रीज पर आए थे, लेकिन आगे दिन मैदान पर उतरकर गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिए. चलिए जानते हैं ऐसे ही चार क्रिकेटर्स के बारे में…

ऑस्ट्रेलिया के खूंखार गेंदबाज जेसन गिलेस्पी का दोहरा शतक क्रिकेट जगत की सबसे हैरान कर देने वाली कहानियों में से एक है. यह कारनामा उन्होंने साल 2006 में बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव टेस्ट में किया था. गिलेस्पी एक तेज गेंदबाज थे और उन्हें बल्लेबाजी के लिए ‘नाइट वॉचमैन’ के तौर पर भेजा गया था. किसी ने नहीं सोचा था कि वे इतनी लंबी पारी खेलेंगे. उन्होंने नाबाद 201 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी ‘नाइट वॉचमैन’ द्वारा बनाया गया यह सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है.

जेसन गिलेस्पी का बांग्लादेश के खिलाफ दोहरा शतक.

खास बात यह थी कि उन्होंने यह दोहरा शतक अपने 31वें जन्मदिन के मौके पर बनाया था. दिलचस्प यह भी है कि ये उनके करियर का आखिरी टेस्ट मैच साबित हुआ. इसके बाद उन्हें कभी दोबारा ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह नहीं मिली. गिलेस्पी ने 425 गेंदों का सामना किया था और 26 चौके व 2 छक्के लगाए थे. आज भी जब कभी बेहतरीन पुछल्ले बल्लेबाजों की बात होती है, तो गिलेस्पी के इस दोहरे शतक का जिक्र जरूर आता है.

About the AuthorShivam Upadhyay

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें

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First Published :

April 24, 2026, 18:09 IST

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