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भरतपुर संग्रहालय में सजी अनमोल धरोहर! नोंह से मिली दुर्लभ मूर्तियों में दिखी शिव-पार्वती विवाह की अद्भुत झलक

Last Updated:April 25, 2026, 09:50 IST

Noh sculptures Bharatpur Museum: भरतपुर संग्रहालय में नोंह क्षेत्र से प्राप्त उत्तर गुप्तकालीन दुर्लभ वस्तुएं इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. इन प्राचीन मूर्तियों में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का सुंदर दृश्य उकेरा गया है, जो उस समय की उत्कृष्ट कला और शिल्पकला को प्रकट है. यह संग्रह न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट है, बल्कि भारतीय इतिहास और संस्कृति की समृद्ध विरासत को भी सामने लाता है. इन मूर्तियों को देखने के लिए पर्यटक और इतिहास प्रेमी बड़ी संख्या में संग्रहालय पहुंच रहे हैं, जिससे भरतपुर पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है.

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भरतपुर: भरतपुर का राजकीय संग्रहालय ऐतिहासिक धरोहरों का एक अनमोल खजाना है. जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को प्राचीन कला और संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिलती है. इसी संग्रहालय में सजी नोंह क्षेत्र से प्राप्त उत्तर गुप्तकालीन दुर्लभ मूर्तियां इन दिनों विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. इन मूर्तियों की खासियत यह है कि इन्हें उस दौर के कुशल मूर्तिकारों ने बेहद बारीकी और कलात्मकता के साथ पोर्ट्रेट शैली में तैयार किया है.

हर एक आकृति में सूक्ष्मता और संतुलन साफ झलकता है. जो उस समय के उच्च स्तर के शिल्प कौशल को दर्शाता है. मूर्तियों की बनावट भाव-भंगिमा और अलंकरण इस बात का प्रमाण हैं कि प्राचीन भारत में कला कितनी विकसित और समृद्ध थी. इनमें सबसे खास मूर्ति भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह दृश्य को दर्शाती है. इस अद्भुत शिल्प में विवाह के पवित्र क्षण को इतने जीवंत तरीके से उकेरा गया है कि देखने वाला सहज ही उस युग में पहुंच जाता है.

मूर्तिकला ने नई ऊंचाइयों को छुआशिव-पार्वती के भाव उनके वस्त्र और आभूषण तथा आसपास की संरचना को इतनी खूबसूरती से तराशा गया है कि यह मूर्ति श्रद्धा और कला दोनों का अनूठा संगम बन जाती है. संग्रहालय के निदेशक राजन सिंह  ने लोकल 18 को बताया कि ये मूर्तियां उत्तर गुप्तकालीन कालखंड की हैं. जो भारतीय कला के स्वर्णिम युगों में से एक माना जाता है. इस काल में मूर्तिकला ने नई ऊंचाइयों को छुआ और धार्मिक विषयों को अत्यंत सौंदर्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया

संग्रहालय में कई दुर्लभ और ऐतिहासिक मूर्तियां संरक्षितराजन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि संग्रहालय में कई दुर्लभ और ऐतिहासिक मूर्तियां संरक्षित हैं. जिनमें नोंह से प्राप्त ये शिव-पार्वती विवाह की मूर्ति विशेष रूप से अनोखी है. उन्होंने बताया कि यह मूर्ति न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. बल्कि यह उस समय के कलाकारों की अद्भुत प्रतिभा और सृजनशीलता को भी दर्शाती है.

आज यह मूर्ति न केवल इतिहास प्रेमियों बल्कि आम दर्शकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. भरतपुर आने वाले पर्यटक इस अनमोल धरोहर को देखने के लिए संग्रहालय जरूर पहुंच रहे हैं. जिससे स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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Location :

Bharatpur,Rajasthan

First Published :

April 25, 2026, 09:50 IST

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