मारवाड़ी संस्कृति जैसा सुकून कहीं नहीं… पाली में अनोखी शादी, चीन से आए बाराती, बैलगाड़ी पर बैठा ‘बिजनेसमैन’ दूल्हा!

Last Updated:April 30, 2026, 18:01 IST
Baraatis From China Arrive in Pali: पाली के एक एनआरआई बिजनेसमैन ने अपनी शादी को ‘जड़ो’ से जोड़कर दुनिया भर में चर्चा बटोर ली है. चीन के शंघाई में बड़ा बिजनेस साम्राज्य संभालने वाले सुरेश जणवा चौधरी जब अपनी बारात लेकर निकले, तो न तो कोई मर्सिडीज थी और न ही बीएमडब्ल्यू; दूल्हा खुद पारंपरिक बैलगाड़ी पर सवार होकर दुल्हन लेने पहुँचा. महिलाएं लोकगीत गा रही थी.
इस शादी का सबसे दिलचस्प पहलू इसमें शामिल होने वाले मेहमान थे. सुरेश के बिजनेस से जुड़े चीन के कई दोस्त और भारत के विभिन्न राज्यों से आए अतिथि इस अनोखी बारात का हिस्सा बने. चीनी बारातियों के लिए बैलगाड़ी की सवारी और राजस्थान का ग्रामीण पहनावा एक जादुई अनुभव की तरह था. विदेशी मेहमानों ने भारतीय संस्कृति को न केवल करीब से देखा, बल्कि इसे अपने कैमरों में भी कैद किया.
भादरास निवासी सुरेश जणवा चौधरी पिछले 9 सालों से चीन के शंघाई में इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का बड़ा बिजनेस कर रहे हैं. सुरेश का कहना है कि उन्होंने दुनिया के कई देशों का कल्चर देखा, लेकिन मारवाड़ी संस्कृति जैसा सुकून कहीं नहीं मिला. इसी कल्चर को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अपनी शादी में ‘सूट-बूट’ और ‘टाई’ को दरकिनार कर पारंपरिक धोती और अंगरकी (कुर्ता) पहनना पसंद किया.
दूल्हे के भाई डॉ. मोहनलाल चौधरी, जिन्होंने खुद चीन में पढ़ाई की है, बताते हैं कि हम दोनों भाई भले ही विदेश में रहे हों, लेकिन हमारी इच्छा शुरू से ही अपनी मिट्टी और परंपरा को सम्मान देने की थी. इसीलिए 26 अप्रैल को हुई इस शादी में डीजे के शोर के बजाय महिलाओं के मंगल गीत और बैलगाड़ियों की खनक ने समां बांध दिया.
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दूल्हा सुरेश चौधरी पिछले 9 वर्षों से चीन के शंघाई शहर में इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का बड़ा कारोबार संभाल रहे हैं. सालों तक विदेश की चकाचौंध में रहने के बावजूद, जब उनकी शादी की बात आई, तो उन्होंने अपनी संस्कृति और जड़ों को प्राथमिकता दी. सुरेश का मानना था कि दिखावे की भीड़ में हम अपनी विरासत को भूलते जा रहे हैं, जिसे सहेजना बेहद जरूरी है.
भादरास से मुंडारा गांव तक निकली यह बारात किसी उत्सव से कम नहीं थी. सजी-धजी बैलगाड़ियों का लंबा काफिला जब सड़कों पर निकला, तो हर कोई ठिठक कर देखने लगा. दूल्हा खुद पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सबसे आगे वाली बैलगाड़ी पर सवार था. इस दौरान ग्रामीण परिवेश और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला. बारात में शामिल महिलाएं पारंपरिक लोकगीत गाते हुए चल रही थीं, जिससे पूरा माहौल भक्ति और हर्षोल्लास से भर गया.
पाली के सादड़ी में बिजनेसमैन की बैलगाड़ी पर बारात निकली. चीन से आए दूल्हे दोस्त भी बाराती बने. दूल्हा सबसे आगे चल रही बैलगाड़ी में पारंपरिक वेशभूषा में बैठा था. महिलाएं लोकगीत गा रही थी. ये शादी 26 अप्रैल को हुई. इसका वीडियो सामने आया. 26 अप्रैल को मुंडारा गांव में सुरेश चौधरी और प्रवीणा चौधरी का विवाह वैदिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ. इस विवाह ने समाज को यह संदेश दिया है कि व्यक्ति चाहे दुनिया के किसी भी कोने में पहुँच जाए, अपनी संस्कृति और परंपराओं का मान रखना ही असल बड़प्पन है. इस अनूठी शादी की चर्चा अब पूरे जिले के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी खूब हो रही है.
भादरास से मुंडारा तक करीब 10 किलोमीटर का सफर बारात ने बैलगाड़ियों में बैठकर तय किया. इस बारात की सबसे खास बात यह थी कि इसमें सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि चीन से आए सुरेश के दोस्त और बिजनेस पार्टनर होंगफंग और उनके अन्य साथी भी शामिल हुए.सात बैलगाड़ियों के काफिले में जब विदेशी मेहमान हाथ हिलाते हुए निकले, तो पूरे रास्ते लोग इस नजारे को देखते रह गए. बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और मुंबई से आए दिग्गज बिजनेसमैन भी लग्जरी कारों को छोड़ बैलगाड़ी की सवारी का आनंद लेते नजर आए.
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April 30, 2026, 18:01 IST



