आप भी किराये पर देते हैं कमरा? पहले ही कर लें ये सारे काम, वरना हो सकती है जेल!

Last Updated:May 01, 2026, 19:04 IST
Jaipur New Rules For Room Rent: जयपुर पुलिस ने चेताया, बिना पुलिस वेरिफिकेशन किरायेदार रखने पर भारतीय न्याय संहिता धारा 188 में कार्रवाई और जेल तक हो सकती है, मकान मालिकों की जिम्मेदारी तय होगी. दरअसल, पुलिस जांच में सामने आया है कि कई अपराधी दूसरे राज्यों से आकर जयपुर में फर्जी पहचान के साथ रह रहे हैं. ये लोग किराये के मकानों में छिपकर वारदातों की योजना बना रहे थे.
जयपुर में किराए पर कमरा देने के नियम
Jaipur News. जयपुर में किराये पर मकान देना अब सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी बन गया है. तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार और बाहरी लोगों की आवाजाही के बीच पुलिस ने सख्त चेतावनी जारी की है. अगर कोई मकान मालिक बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किरायेदार रखता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, यहां तक कि जेल भी जाना पड़ सकता है. इस चेतावनी के बाद शहर में किरायेदार रखने के नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
दरअसल, पुलिस जांच में सामने आया है कि कई अपराधी दूसरे राज्यों से आकर जयपुर में फर्जी पहचान के साथ रह रहे हैं. ये लोग किराये के मकानों में छिपकर वारदातों की योजना बना रहे थे. ऐसे मामलों में मकान मालिक अनजाने में ही उनकी मदद कर रहे थे, क्योंकि उन्होंने किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था. यही वजह है कि अब पुलिस इस मामले में पूरी सख्ती बरत रही है.
किरायेदार वेरिफिकेशन अब जरूरीपुलिस का साफ कहना है कि किरायेदार रखने से पहले उसका पूरा वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य है. इसके लिए ‘राज कॉप पुलिस सिटीज़न ऐप’ या नजदीकी थाने में जाकर जानकारी देना जरूरी होगा. वेरिफिकेशन के दौरान किरायेदार का नाम, पता, स्थायी निवास, पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड तक की जानकारी जुटाई जाती है. इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि मकान में रहने वाला व्यक्ति किसी संदिग्ध गतिविधि से जुड़ा न हो.
नियम तोड़े तो होगी कार्रवाईअगर कोई मकान मालिक इस नियम की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी. यह वही धारा है, जिसमें सरकारी आदेश की अवहेलना करने पर सजा का प्रावधान है. यानी अब लापरवाही करना महंगा पड़ सकता है. पुलिस का मानना है कि इस कदम से शहर में अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा.
हाल के मामलों ने बढ़ाई चिंताहाल के कुछ मामलों ने पुलिस की चिंता और बढ़ा दी है. बिंदायका थाना क्षेत्र में रोहित गोदारा गैंग से जुड़े शूटर बिना वेरिफिकेशन के किराये के मकान में रह रहे थे. वहीं जवाहर सर्किल इलाके में एक गर्भवती महिला से छेड़छाड़ का आरोपी राहुल भी फर्जी पहचान के साथ किराये पर रह रहा था. इतना ही नहीं, जयसिंहपुरा खोर इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति सहजाद नाम से करीब एक साल तक रहा, जिसका कोई पुलिस रिकॉर्ड सामने नहीं आया.
इसी तरह वैशाली नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने हाल ही में म्यांमार निवासी एक आरोपी अबू बकर को गिरफ्तार किया, जो बिना वेरिफिकेशन के जयपुर में रह रहा था. इन सभी मामलों में एक बात समान रही कि मकान मालिकों ने किरायेदार का सत्यापन नहीं कराया था. यही लापरवाही अब पुलिस के निशाने पर है.
पुलिस का कहना है कि अगर किरायेदार किसी बड़ी वारदात में शामिल पाया जाता है, तो मकान मालिक की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी. ऐसे में अब जरूरी हो गया है कि मकान मालिक सतर्क रहें और नियमों का पालन करें. जयपुर में बढ़ते अपराध और बाहरी गतिविधियों को देखते हुए यह कदम सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है. पुलिस की इस सख्ती से साफ है कि अब किराये पर मकान देना पहले जैसा आसान नहीं रहा और जिम्मेदारी निभाना जरूरी हो गया है.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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