रेगिस्तान की धुन अब फ्रांस में बजेगी! सीकर का धोद बैंड 119 देशों के बाद फिर रचेगा इतिहास, भारत की दिखेगी शानदार शान

Last Updated:May 01, 2026, 13:15 IST
Rajasthan Folk Art : राजस्थान की समृद्ध कला अब एक बार फिर विदेशों में गूंजने जा रही है. सीकर के धोद गांव से निकला रहीस भारती का बैंड फ्रांस में होने वाले बड़े ट्रेड फेयर में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा. 25 सालों से लोक कला को जीवित रखने वाला यह ग्रुप 119 देशों में प्रस्तुति दे चुका है. इस बार भी उनकी रंगारंग प्रस्तुतियां विदेशी धरती पर राजस्थान की पहचान को और मजबूत करेंगी.
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सीकर : राजस्थान अपनी कला संस्कृति के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. कई कलाकार विश्व पटल पर यहां की संस्कृति को दुनिया भर में फैलने का काम कर रहे हैं. इसी कड़ी में फ्रांस में आयोजित होने वाले पवार द टूर्स ट्रेड फेयर में राजस्थानी कला की झलक देखने के लिए यहां के कलाकारों को आमंत्रित किया गया है. इस ट्रेड फेयर में धोद के रहीस भारती और उनके धोद ग्रुप को बुलाया गया है. इस आयोजन में रहीस भारती का धोद ग्रुप केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करेगा. पूरे भारत की तरफ से उन्हें इस आयोजन में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है.
आपको बता दें कि फ्रांस के सांत्र वाल द ल्वार क्षेत्र में 1 से 10 मई तक यह पवार द टूर्स ट्रेड फेयर आयोजित होगा. इस आयोजन में करीब 20 साल बाद भारतीय दल को गेस्ट के रूप में आमंत्रित किया गया है. 10 दिन तक चलने वाले इस उत्सव में राजस्थान की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी. धोद के रहीस भारती और उनके धोद ग्रुप को राजस्थान के 25 से अधिक कलाकार जयपुर महाराजा ब्रास बैंड, आफरीदी भारती ट्रियो और बॉलीवुड मसाला ऑर्केस्ट्रा के माध्यम से प्रस्तुतियां देंगे.
119 देशों में प्रस्तुतियां दे चुका धोद का भारती ग्रुपरहीस भारती ने बताया कि उनका ग्रुप पिछले 25 सालों से राजस्थानी कला और संस्कृति को आगे बढ़ने का काम कर रहा है. उनका ग्रुप राजस्थानी लोकगीत और नृत्य के माध्यम से राजस्थानी कला को जीवंत रखे हुए हैं. उन्होंने बताया कि उनका भारती ग्रुप अब तक स्पेन, स्वीडन, स्वीटजरलैंड, रियूनियन आईलैंड, जर्मनी और फिनलैंड सहित 119 देशों में 1500 से अधिक प्रस्तुतियां दे चुका है. आज भले ही रहीस भारती और उनके धोद बैंड का डंका पूरे विश्व में बज रहा है, लेकिन 25 साल पहले शुरू हुआ सफर आसान नहीं था. रहीस भारती के ग्रुप में 8 से 10 कलाकार होते हैं. इसमें संगीतकार, गायक, नर्तक, फकीर और कठपुतली कलाकार हैं. इस ग्रुप ने कई बड़े समारोहों में प्रस्तुति दी है. ग्रुप को एम्बेसडर ऑफ राजस्थान के रूप में भी जाना जाता है.
फ्रांसीसी लेखिका ने रहीस भारती पर लिखी किताब रहीस भारती की प्रेरणा यात्रा से प्रभावित होकर प्रसिद्ध फ्रांसीसी लेखिका मार्टिन ले कोज उन पर धोद: हार्टबीट ऑफ राजस्थान नाम से पुस्तक भी लिखी है, जो उनके संघर्ष, कलात्मक सफर और भारत फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी उजागर करती है. यही नहीं, धोद बैंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित ‘नमस्ते फ्रांस 2023’ ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के डायमंड ज्वेलरी समारोह, ग्रीस ओलंपिक और फार्मूला वन सिंगापुर ग्रांप्री जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में भी अपनी प्रस्तुति दे चुका है और भारत का नाम रोशन कर चुका है. अब राजस्थान की आत्मा और भारत की सांस्कृतिक पहचान को संगीत के माध्यम से एक बार फिर विश्व पटल पर प्रस्तुत करने जा रहा है.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
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