Rajasthan

अशोक गहलोत के सामने ही इस कांग्रेसी नेता ने खोली अंदरूनी कलह की पोल; कहा- मैं बच गया!

Last Updated:May 01, 2026, 21:12 IST

Ashok Gehlot Statement: भरतपुर के सूपा में एक कार्यक्रम के दौरान आज कई तड़कते-भड़कते बयान सामने आए. ये बयान राजस्थान की राजनीति, कांग्रेस की अंदरूनी कलह से लेकर विश्व स्तर तक के थे. अशोक गहलोत ने पाकिस्तान में शांति वार्ता पर सवाल उठाए. वहीं कांग्रेस के ही एक नेता ने कांग्रेस की अंदरूनी हालत पर खुलकर नाराजगी जताई. अशोक गहलोत के सामने ही इस नेता ने खोली अंदरूनी कलह की पोल; कहा- मैं बच गया!Zoomभरतपुर में अशोक गहलोत का बयान

दीपक पुरी/भरतपुर. भरतपुर में एक कार्यक्रम के दौरान सियासत का माहौल अचानक गर्म हो गया. मंच पर बातें विकास और समाज की होनी थी, लेकिन बयान ऐसे आए जिन्होंने देश से लेकर प्रदेश की राजनीति तक चर्चा छेड़ दी. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मंत्री अशोक चांदना दोनों के बयान अब अलग-अलग तरह से सुर्खियों में हैं. एक तरफ अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर सवाल उठे, तो दूसरी तरफ कांग्रेस के अंदर की स्थिति पर भी खुलकर बात हुई.

कार्यक्रम भरतपुर के गांव सूपा में था, जहां पूर्व विधायक विजेंद्र सिंह की मूर्ति का अनावरण किया गया. इसी मंच से नेताओं ने अपने-अपने अंदाज में बातें रखीं. लेकिन जो कहा गया, उसने सीधे तौर पर बड़े सवाल खड़े कर दिए, खासकर देश की छवि और पार्टी की अंदरूनी हालत को लेकर.

गहलोत का सवाल, शांति वार्ता कहां होनी चाहिए थीपूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति क्यों बनी कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के माहौल में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता हो रही है. उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद से जुड़ा देश बताते हुए कहा कि भारत में लगातार आतंकवादी भेजे जाते हैं. ऐसे देश में अगर शांति वार्ता होती है तो दुनिया में गलत संदेश जाता है. गहलोत ने साफ कहा कि यह वार्ता दिल्ली में होनी चाहिए थी, ताकि दुनिया को यह दिखता कि भारत शांति की पहल करने वाला देश है और विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

उनका कहना था कि जब पूरी दुनिया पाकिस्तान को आतंकवाद से जोड़कर देखती है, तब वहां इस तरह की बातचीत होना कई सवाल खड़े करता है. उनके बयान के बाद मंच पर मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई.

चांदना का इशारा, पार्टी के अंदर क्या चल रहा हैवहीं उसी कार्यक्रम में अशोक चांदना ने कांग्रेस के अंदर की स्थिति पर खुलकर बात रखी. उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेताओं को जैसे किसी की नजर लग गई हो, जो धीरे-धीरे राजनीति से दूर होते जा रहे हैं. उन्होंने मंच से ही कई नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि वह खुद बच गए, वरना शायद वह भी इस सूची में शामिल हो जाते. यह बात उन्होंने अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा के सामने कही.

चांदना ने शकुंतला रावत का उदाहरण देते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद उन्हें तीसरे स्थान पर जाना पड़ा. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बन रही है. उनके मुताबिक जब तक इन बातों पर खुलकर विचार नहीं होगा, तब तक राजनीतिक जागरूकता नहीं आ सकती. उन्होंने यह भी कहा कि सच को सच कहना और आंख में आंख डालकर बोलने का साहस होना जरूरी है. जो ऐसा करेगा, वही समाज को सही दिशा दिखा पाएगा.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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