कुमार सानू का वो ब्लॉकबस्टर गाना, गाया था गुलशन कुमार-अनुराधा पौडवाल के लिए, आज भी है सबका फेवरेट

Last Updated:May 01, 2026, 18:50 IST
Kumar Sanu Superhit Song : 90 के दशक में सबसे ज्यादा क्रेज कुमार सानू के गानों का रहता था. ‘आशिकी’ फिल्म से वो रातोंरात स्टार बन गए थे. वैसे भी 90 का दशम भारतीय सिनेमा के गीत-संगीत के लिए गोल्डन पीरियड माना जा सकता है. वेस्टर्न म्यूजिक-भारतीय संगीत के मिश्रण से सजे कर्णप्रिय गानों ने हर दिल में खास जगह बनाई. उसी दौर में अनुराधा पौडवाल की आवाज टी-सीरीज की हर कैसेट में सुनाई देती थी. टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार से संगीतकार नदीम-श्रवण की मुलाकात अनुराधा पौडवाल ने ही कराई थी. दिलचस्प बात यह है कि एक बार नदीम-श्रवण ने गुलशन कुमार-अनुराधा पौडवाल के लिए एक ऐसा गाना बनाया जिसे आज भी पूरी दुनिया गुनगुनाती है. कुमार सानू की आवाज में यह गाना अमर हो गया. वो गाना कौन सा था, फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं…..
90 के दशक में नदीम-श्रवण के गानों की पॉप्युलैरिटी का आलम ऐसा था कि हर शादी-फंक्शन, पार्टी, पान की दुकान, बस-टेंपो में इनके गाने सुनाई देते थे. कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल की आवाज टी-सीरीज की ओर से प्रोड्यूस की गई हर फिल्म में सुनाई देती थी. टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार अपनी फिल्मों, गीत-संगीत का जबर्दस्त प्रमोशन किया करते थे. फिल्म मैगजीन, पत्र-पत्रिकाओं में गुलशन कुमार-अनुराधा पौडवाल के अफेयर के किस्से छपने लगे. अफेयर की चर्चा के बीच नदीम-श्रवण ने एक धुन बनाई और गुलशन कुमार को सुनाई. गुलशन कुमार को धुन बहुत पसंद आई. गीतकार समीर ने इस धुन पर गाना लिखा. गाना ‘दिल है की मानता नहीं’ फिल्म में शामिल किया गया था.
बॉलीवुड फिल्मों की कहानी-गाने-रोमांस इतने पॉप्युलर हुए कि दशकों बाद भी लोग उन्हें गुनगुनाते हैं. कॉलेज-स्कूल के फंक्शन में, या फिर दिल के जज्बात बयां करने के लिए इन गानों का सहारा लेते हैं. 12 जुलाई 1991 को ऐसी ही दिल को छू लेने वाली फिल्म आई थी. आमिर खान और पूजा भट्ट लीड रोल में थे. इस फिल्म के गाने बॉलीवुड प्रेमियों के जेहन में बसे हुए हैं. हालांकि यह इस जोड़ी की आखिरी फिल्म भी साबित हुई थी. आमिर खान ने पूजा के साथ फिर भी काम नहीं किया. बात हो रही है ‘दिल है के मानता नहीं’ की. गीतकार समीर ने पूरा किस्सा साझा किया था.
गीतकार समीर अनजान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘इंडस्ट्री में शोर-शराबा था कि गुलशन कुमार का अफेयर अनुराधा पौडवाल के साथ चल रहा है. नदीम से गुलशन किसी बात पर नाराज हो गए थे. उन्होंने कहा कि नदीम-श्रवण के साथ गाने बहुत कर लिए, अब दूसरे संगीतकार के साथ काम करते हैं. नदीम को इसका पता चला. मैंने कहा कि भाईजान गड़बड़ हो गया है. नदीम ने कहा कि आप चिंता मत कीजिए. मैं आज भी गुलशन जी से मिलूंगा और एक ऐसा गाना उन्हें सुनाऊंगा कि वो इनकार नहीं कर पाएंगे. उसे रिकॉर्ड ही करेंगे मगर तुमको एक काम करना होगा.’
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नदीम ने गीतकार समीर को एक काम सौंपा. बकौल समीर, ‘नदीम ने कहा कि मैं एक ऐसा गाना लिखूं जो गुलशन जी को पसंद आए. उन्हें ऐसा लगे कि ये अनुराधा पौडवाल के लिए एक गिफ्ट हो जाएगा. नदीम और मैं गुलशन कुमार से मिले. नदीम ने कहा कि पापाजी एक गाना बनाया है. गाना आप पर और दीदी (अनुराधा पौडवाल) पर है. जैसे ही उन्होंने गाना सुनाया, सबकी रिकॉर्डिंग कैसिंल कर दी गई. वो बोले कि यह गाना कल का कल रिकॉर्ड होगा.’
‘दिल है की मानता नहीं’ एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म थी जिसे गुलशन कुमार ने प्रोड्यूस किया था. महेश भट्ट ने इसका निर्देशन किया था. फिल्म का प्लॉट 1934 की हॉलीवुड फिल्म ‘इट हैपन्ड वन नाइट’ से इंस्पायर्ड था. आमिर खान-पूजा भट्ट की साथ में यह पहली फिल्म थी. दोनों सेट पर मजाकिया अंदाज में टॉम एंडी जेरी की तरह लड़ते रहते थे. हालांकि फिल्म हिट होने के बाद आमिर ने पूजा के साथ फिर कभी काम नहीं किया.
‘दिल है की मानता नहीं’ के गाने गीतकार समीर, फैज अनवर, रानी मलिक और अजीज खान ने लिखे थे. जब पहल ऑडियो रिलीज हुआ तो सभी गानों में बाबला मेहता की आवाज थी. बाद में रिलीज हुए एल्बम में कुमार सानू की आवाज थी. फिल्म का एल्बम बहुत पॉप्युलर हुआ. ‘तू प्यार है किसी और का’ गाना सलीम कौसर की गजल ‘मै ख्याल हूं किसी और का’ पर बेस्ड था. यह गाना टूटे दिल आशिकों की पहचन बना. इस फिल्म के 25 लाख ऑडियो कैसेट बिके थे.
‘दिल है कि मानता नहीं’ फिल्म की कहानी महेश भट्ट, उनके सौतेले भाई रॉबिन भट्ट और शरद जोशी ने लिखी थी. फिल्म में 56 मिनट के 11 गाने मूवी में रखे गए थे. करीब 2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 6 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी.
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