Udaipur MB Hospital Cath Lab | एमबी अस्पताल में दो नई कैथ लैब

Last Updated:May 01, 2026, 10:58 IST
New Cath Labs in MB Hospital Udaipur for Heart Patients: उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय में दो नई अत्याधुनिक कैथ लैब शुरू होने जा रही हैं, जिससे हार्ट मरीजों को तत्काल इलाज मिल सकेगा. वर्तमान में केवल एक लैब होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, जो अब खत्म हो जाएगा. नई लैब में आधुनिक मशीनों के जरिए एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाएं तेजी से की जा सकेंगी. यह सुविधा संभाग के हजारों मरीजों के लिए आपात स्थिति में जान बचाने वाली साबित होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाएगी.
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Udaipur News: उदयपुर संभाग के सबसे बड़े राजकीय महाराणा भूपाल (MB) चिकित्सालय के कार्डियोलॉजी विभाग में अब हार्ट मरीजों को बड़ी राहत मिलने वाली है. अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या और आपातकालीन स्थितियों को देखते हुए दो नई अत्याधुनिक कैथ लैब (Cath Lab) शुरू करने का निर्णय लिया है. इन लैब्स का निर्माण कार्य वर्तमान में अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही इन्हें मरीजों के लिए खोल दिया जाएगा. इन नई लैब्स में आधुनिक तकनीक से लैस मशीनें स्थापित की जा रही हैं, जो हृदय संबंधी जांच और जटिल उपचार को अधिक तेज, सटीक और सुरक्षित बनाएंगी.
कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में केवल एक ही कैथ लैब संचालित है. उदयपुर संभाग के अलावा आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों जैसे गुजरात और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में मरीज यहाँ इलाज के लिए पहुंचते हैं. मरीजों का भारी दबाव होने के कारण कई बार उन्हें एंजियोग्राफी या एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाओं के लिए एक से दो दिन तक इंतजार करना पड़ता था. हृदय रोगों के मामले में यह देरी मरीज की स्थिति को गंभीर बना सकती थी. अब दो नई लैब शुरू होने से प्रतीक्षा समय (Waiting Time) लगभग समाप्त हो जाएगा.
आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षक साबित होगी लैबडॉ. शर्मा के अनुसार, नई कैथ लैब की शुरुआत से आपात स्थिति में मरीजों की जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाएगी. हार्ट अटैक जैसे मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ का विशेष महत्व होता है, जहाँ हर मिनट कीमती होता है. नई सुविधाओं के साथ एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर इम्प्लांटेशन जैसी जटिल हृदय प्रक्रियाएं बिना किसी देरी के की जा सकेंगी. इससे न केवल सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों का रुख भी नहीं करना पड़ेगा.
संभाग के चिकित्सा ढांचे को मिली मजबूतीअस्पताल प्रशासन का मानना है कि यह सुविधा शुरू होने के बाद महाराणा भूपाल चिकित्सालय का कार्डियोलॉजी विभाग उत्तर भारत के अग्रणी सरकारी विभागों की सूची में शामिल हो जाएगा. अत्याधुनिक मशीनों के आने से जटिल से जटिल ब्लॉकेज को खोलने और वॉल्व से संबंधित प्रक्रियाओं को करने में आसानी होगी. यह पहल उदयपुर और आसपास के जनजातीय क्षेत्रों के लिए एक जीवन रक्षक स्वास्थ्य सुविधा के रूप में उभरी है, जो आने वाले समय में हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर लेकर आएगी.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Udaipur,Udaipur,Rajasthan



