आसिम मुनीर, शहबाज शरीफ कितना झूठ बोलोगे भाई…F-16, JF-17, HQ-9 सब हो गए थे तबाह – operation sindoor reality vs pakistan propaganda brahmos F-16 J-17

सौ बात की एक बात ये कि ऑपरेशन सिंदूर का एक साल पूरा होने पर सेना तो ऑपरेशन के बारे में बताकर पाकिस्तान के सारे प्रॉपगैंडा को ध्वस्त कर ही दिया लेकिन भारत की सेना की बात छोड़िये. पाकिस्तान में जो कहते रहते हैं या ट्रंप जो दावे करते रहे थे उस टाइम उस सब का सबसे तगड़ा जवाब तो दो ऐसी जगहों से आ चुका है जिनको पूरी दुनिया मानती है. इसलिए सबको वो जानना जरूरी है ताकि कोई कुछ कहे तो उसे साफ-साफ बताएं जा कर कि प्रॉपगैंडा क्या होता है और हकीकत क्या होती है. तो एक तो हैं जॉन स्पेंसर. जॉन स्पेंसर अमेरिका के एक बहुत बड़े मिलिट्री एक्सपर्ट हैं. जंग के मामलों में पूरी दुनिया उनकी बात मानती है.
जॉन स्पेंसर अमेरिका की सेना में थे 25 साल तक. और अब वो ‘अर्बन वॉरफेयर इंस्टिट्यूट’ के ‘एक्जेक्युटिव डायरेक्टर’ हैं और ‘मैडिसन पॉलिसी फोरम’ में ‘चेयर ऑफ वॉर स्टडीज’ हैं. और दुनिया भर में आधुनिक जंग के सबसे बड़े जानकार माने जाते हैं. कई किताबें लिख चुके हैं इसपर. और इसलिए उनकी कही बात को सब सीरियसली लेते हैं क्योंकि वो जंग को ऐनालाइज़ करते हुए किसी देश के पक्ष में नहीं बोलते. तथ्यों को आधार बनाते हैं, डेटा को आधार बनाते हैं, हथियारों ने कैसा प्रदर्शन किया इस सब को आधार बनाकर अपनी बात कहते हैं. खासकर आज के हाई-टेक युद्ध पर. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर अपना पूरा ऐनालिसिस तैयार किया है. तो एक तो ये देखना जरूरी है कि जॉन स्पेंसर ने क्या कहा ऑपरेशन सिंदूर पर. और दूसरा है स्विट्ज़रलैंड का ‘सेंटर फ़ॉर मिलिटरी हिस्टरी ऐंड पर्सपेक्टिव स्टडीज़’. ये दुनिया का प्रतिष्ठित मिलिटरी थिंक टैंक है जो जंगों के इतिहास को रिकॉर्ड करता है. इसने भी रिपोर्ट जारी की है ऑपरेशन सिंदूर पर. और जॉन स्पेंसर ने भी इस रिपोर्ट को कोट किया है अपने विशलेषण में. तो भारतीय सेना ने तो पूरी कहानी बता ही दी कि क्या हुआ था लेकिन उसको साइड में भी रख दीजिये, तो ये स्विट्जरलैंड की रिपोर्ट क्या कहती है और जॉन स्पेंसर ने क्या बताया है वो देखते हैं.
भारतीय सैन्य नीति का प्रदर्शन
तो ये तो आप जानते ही हैं कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने बड़े पैमाने पर हमला किया. और भारत ने कहा कि ये पाकिस्तान ने करवाया. जवाब में भारत ने 7 मई 2025 से 10 मई 2025 तक 88 घंटे का ऑपरेशन सिंदूर चलाया. जॉन स्पेंसर कह रहे हैं कि ये सिर्फ हमला नहीं था, बल्कि नई भारतीय सैन्य नीति का प्रदर्शन था. 7 मई की रात भारत ने अचानक हमला किया तो पाकिस्तान चौंक गया था. भारत ने रात के अंधेरे में पाकिस्तान और POK में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. ड्रोन से हमला किया, लॉन्ग-रेंज मिसाइलों से हमला किया और लॉयटरिंग म्युनिशन से भारत ने ये हमला किया था. लॉयटरिंग म्युनिशन का मतलब घूम-घूम कर टारगेट पर जा कर फटने वाले बम. यानी एक तरह से आत्मघाती ड्रोन. ऐसे बम जिनके कंप्यूटर में टारगेट फीड कर दिया जाता है और वो वहां जा कर फट जाते हैं. यानी पहली ही रात से ये आधुनिक युग की जंग थी. और थिंक टैंक की रिपोर्ट कहती है कि भारत ने पहली ही रात में आधुनिक हथियारों में अपनी महारत दिखा दी थी. हमले इतने तेज़ और सटीक थे कि आतंकी कैंपों में आग लग गई.
S-400 ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के F-16 समेत कई फाइटर जेट को इंटरसेप्ट कर उसे तबाह कर दिया था. (फाइल फोटो/Reuters)
पाकिस्तान की फूट गईं आंखें, कुछ न कर सका
फिर पाकिस्तान ने जवाब दिया. पहले कुछ घंटों में उन्होंने भारतीय प्लेन को कुछ नुकसान पहुंचाया. तो रिपोर्ट कहती है कि ये जरूर हुआ था. और पहले के जमाने में जब जंगों को ऐनालाइज किया जाता था तो अगर फाइटर प्लेन को नुकसान पहुंच जाए तो उसको ही हेडलाइन माना जाता था. और जॉन स्पेंसर का भी यही आकलन है कि दुनिया के मीडिया ने उसी पुराने तरीके से जंग को देखने के नजरिये से पाकिस्तान के जवाब को उस वक्त देखा था. क्योंकि दुनिया के मीडिया में खबर फैल गई कि पाकिस्तान ने भारत को जवाब दिया. यानी उस पहले हमले का पाकिस्तानी प्रॉपगैंडा फैल गया. जॉन स्पेंसर कह रहे हैं कि अब जंग का आकलन ऐसे नहीं कर सकते. उनके मुताबिक ये पाकिस्तान का सिर्फ ‘टैक्टिकल’ मामला था, यानी रणनीति के लेवल पर पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया था. क्योंकि 8 मई को भारत ने प्लैन बदल दिया. और प्लैन था पाकिस्तान के ‘आंखें’ फोड़ देने का. ‘आंखें’ मतलब उसके एयर डिफेंस सिस्टम. भारत ने दूसरे दिन पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टमों पर हमला बोल दिया था. 8 मई को 8 जगहों पर हमले किए भारत ने और चुनिया और पासरूर में पाकिस्तान के रेडार तबाह कर दिये और उसकी HQ-9 मिसाइल बैटरी फोड़ डाली. और फिर इस्तेमाल किए ‘लॉयटरिंग म्युनिशन’ यानी टारगेट पर जा कर फटने वाले बम. पाकिस्तान के रेडार बंद हो गए. यानी उसका आते हुए हमलों को ‘देखने’ का सिस्टम कमजोर पड़ गया.
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ीं 10 खास बातें
ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने जहां पूरे अभियान का ब्योरा देकर पाकिस्तान के दुष्प्रचार को चुनौती दी, वहीं अंतरराष्ट्रीय सैन्य विशेषज्ञों और थिंक टैंकों की रिपोर्टों ने भी भारत के दावों को मजबूती दी है.
अमेरिका के प्रसिद्ध सैन्य विश्लेषक John Spencer ने ऑपरेशन सिंदूर को नई भारतीय सैन्य नीति का प्रदर्शन बताया है. स्पेंसर 25 वर्षों तक अमेरिकी सेना में रहे हैं और आधुनिक युद्ध रणनीति के विशेषज्ञ माने जाते हैं.
स्पेंसर के अनुसार 7 मई 2025 की रात भारत ने पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलों और लॉयटरिंग म्युनिशन से सटीक हमला किया, जिससे पाकिस्तान पूरी तरह चौंक गया.
स्विट्ज़रलैंड स्थित Center for Military History and Perspective Studies की रिपोर्ट में भी कहा गया कि भारत ने पहले ही चरण में आधुनिक हथियारों और हाई-टेक युद्ध क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया.
रिपोर्टों में माना गया कि शुरुआती घंटों में पाकिस्तान ने भारतीय विमानों को कुछ नुकसान पहुंचाया, लेकिन जॉन स्पेंसर के अनुसार यह केवल टैक्टिकल सफलता थी और रणनीतिक स्तर पर पाकिस्तान बढ़त नहीं बना पाया.
8 मई को भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाते हुए चुनिया और पासरूर क्षेत्रों में रडार तथा HQ-9 मिसाइल बैटरियों को तबाह किया. स्पेंसर ने इसे दुश्मन की आंखें फोड़ने जैसी कार्रवाई बताया.
विश्लेषण के मुताबिक 9 मई को भारत ने S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए करीब 300 किलोमीटर दूर से पाकिस्तान के कई रक्षा ठिकानों और लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया, जिससे पाकिस्तानी वायुसेना में अफरातफरी मच गई.
जॉन स्पेंसर ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब प्लेन बनाम प्लेन नहीं बल्कि “सिस्टम बनाम सिस्टम” हो चुका है. भारतीय IACCCS और आकाशतीर सिस्टम ने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइलों को निष्क्रिय कर दिया, जबकि चीन निर्मित HQ-9 और PL-15 सिस्टम प्रभावी साबित नहीं हुए.
10 मई की सुबह भारत ने ब्रह्मोस, SCALP-EG और रैम्पेज मिसाइलों से पाकिस्तान के कई एयरबेस, कमांड सेंटर, रनवे और रडार सिस्टम पर बड़े हमले किए. रिपोर्टों के अनुसार इस कार्रवाई में पाकिस्तान के 13 लड़ाकू विमान नष्ट हुए और भारत ने एयर सुपीरियरिटी हासिल कर ली.
जॉन स्पेंसर और स्विस थिंक टैंक दोनों का निष्कर्ष है कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की पुरानी सैन्य नीति को बदल दिया है. उनके अनुसार अब भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि पाकिस्तान से होने वाली आतंकी कार्रवाई को केवल आतंकवाद नहीं बल्कि युद्ध माना जाएगा.
हवा में गिरने लगे पाकिस्तानी F-16 और JF-17
जॉन स्पेंसर लिखते हैं कि भारत ने दुश्मन की आंखें ही फोड़ डालीं उस दिन. पाकिस्तान अभी ही अपने पहले दिन वाले जवाब पर ही खुश हो रहा था कि भारत ने रेडार फोड़ कर सारा मोमेंटम पकड़ लिया. और तीसरे दिन यानी 9 मई को भारत ने निकाला अपना S-400 और 300 किलोमीटर दूर घातक वार किया. और पाकिस्तान के 4 और एयर डिफेंस सिस्टमों पर हमले कर दिये. और फिर S-400 सिस्टम ने पाकिस्तान के सबसे अहम फाइटर एयरक्राफ्ट को करीब 300 किलोमीटर दूर से टारगेट किया. पाकिस्तान एयरफोर्स में अफरातफरी मच गई. उनके F-16 और JF-17 प्लेन हवा में गिरने लगे.
प्लेन vs प्लेन नहीं, बल्कि सिस्टम vs सिस्टम
जॉन स्पेंसर कहते हैं कि आधुनिक जंग अब प्लेन vs प्लेन नहीं, बल्कि सिस्टम vs सिस्टम की हो चुकी है. यानी एयर डिफेंस सिस्टम vs एयर डिफेंस सिस्टम. भारत के IACCCS और अकाशतीर सिस्टम ने पाकिस्तान के सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों को या तो जैम कर दिया या मार गिराया. पाकिस्तान का चीन में बने सिस्टम यानी HQ-9 और PL-15 काम ही नहीं कर पाए. फिर आया चौथा दिन, 10 मई सुबह 2:00 से सुबह 5:00 बजे के बीच के तीन घंटों में, यानी सबुह होने से पहले के अंधेरे में भारत ने फाइनल अटैक कर दिया पाकिस्तान के एयर बेस पर. 50 से ज्यादा ब्रह्मोस, SCALP-EG और रैम्पेज मिसाइलें दाग दीं. उसके एयर डिफेंस सिस्टम पहले ही उड़ा दिये थे. तो इस्लामाबाद के पास नूर खान एयर बेस, मुरीद एयर बेस, मध्य पाकिस्तान में रहीम यार खान एयर बेस, रफीकी एयर बेस, उससे दक्षिण में सक्खर एयर बेस सिंध में और सरगोधा एयर बेस, जेकबाबाद एयर बेस और भोलारी एयर बेस. सब पर अटैक कर दिया. कमांड सेंटर ध्वस्त कर दिये, उसके ड्रोन हैंगर ध्वस्त कर दिए, रनवे ध्वस्त कर दिए, रेडार ध्वस्त कर दिए.
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किन विशेषज्ञों और संस्थाओं ने भारत के दावों का समर्थन किया?अमेरिका के प्रसिद्ध सैन्य विशेषज्ञ John Spencer और स्विट्जरलैंड के प्रतिष्ठित थिंक टैंक Center for Military History and Perspective Studies ने अपनी रिपोर्ट और विश्लेषण में भारत के ऑपरेशन सिंदूर को आधुनिक सैन्य रणनीति का सफल उदाहरण बताया है.
जॉन स्पेंसर ने ऑपरेशन सिंदूर को किस तरह की सैन्य कार्रवाई बताया?जॉन स्पेंसर के अनुसार यह सिर्फ जवाबी हमला नहीं था, बल्कि भारत की नई सैन्य नीति का प्रदर्शन था. उन्होंने कहा कि भारत ने ड्रोन, लॉन्ग-रेंज मिसाइल और लॉयटरिंग म्युनिशन के जरिए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर बेहद सटीक और हाई-टेक हमला किया.
रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को कैसे कमजोर किया?रिपोर्ट में कहा गया कि भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम, रेडार और HQ-9 मिसाइल बैटरियों को निशाना बनाकर उसकी आंखें फोड़ दीं. इसके बाद पाकिस्तान आने वाले भारतीय हमलों को रोकने की स्थिति में नहीं रहा और उसके एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर पड़ गए.
आधुनिक युद्ध को लेकर जॉन स्पेंसर ने क्या बड़ा दावा किया?जॉन स्पेंसर ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब प्लेन बनाम प्लेन नहीं बल्कि सिस्टम बनाम सिस्टम हो चुका है. उनके अनुसार भारत के IACCCS और आकाशतीर सिस्टम ने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को निष्क्रिय कर दिया, जबकि चीन निर्मित HQ-9 और PL-15 सिस्टम प्रभावी साबित नहीं हुए.
ऑपरेशन सिंदूर का सबसे बड़ा रणनीतिक परिणाम क्या बताया गया?स्विस रिपोर्ट और जॉन स्पेंसर दोनों के मुताबिक भारत ने 72 घंटे के भीतर पाकिस्तान के बड़े हिस्से में एयर सुपीरियरिटी हासिल कर ली थी. पाकिस्तान के कई एयरबेस, रनवे, कमांड सेंटर और लड़ाकू विमान तबाह होने के बाद उसे युद्धविराम की मांग करनी पड़ी.
पाकिस्तान के 13 फाइटर प्लेन तबाह
पाकिस्तान के 13 फाइटर प्लेन नष्ट हो गए इस हमले में. और सुबह तक भारत ने पाकिस्तान के बड़े हिस्से में ‘एयर सुपीरियरॉरिटी’ हासिल कर ली. स्विस रिपोर्ट भी ये कह रही है और जॉन स्पेंसर भी. एयर सुपीरियॉरिटी मतलब पाकिस्तान के आसमान पर भारत का कब्जा हो गया था. पाकिस्तान इस हालत में नहीं था कि वहां कोई ऑपरेशन चला सके. और इसीलिए दोपहर होते-होते पाकिस्तान ने सीजफायर की मांग कर दी, युद्धविराम की मांग कर दी. जॉन स्पेंसर लिखते हैं 72 घंटे में भारत ने पाकिस्तान के आसमान पर अपना कंट्रोल बना लिया था. पाकिस्तान ऑपरेट नहीं कर पा रहा था. ये उस चौथे दिन के हमला से ही नहीं हुआ था. बल्कि उससे पहले जो ‘SEAD कैम्पैन’ चलाया था उसका नतीजा था. S-E-A-D यानी सप्रेशन ऑफ एनेमी एयर डिफेंस, जो आंखें फोड़ी थीं पाकिस्तान की, उसकी वजह से हो पाया था. एयर डिफेंस सिस्टम ही तबाह कर दिए थे तो पाकिस्तान भारत से आने वाले किसी भी हवाई हमले को रोकने की हालत में ही नहीं था.
भारत ने पुरानी नीति को पलट दिया
पहले दो दिन तो पाकिस्तान ने प्रोपेगैंडा फैलाया, लेकिन अंदर की बात तो वो भी जानता था कि चौथा दिन आते-आते क्या हो चुका था. जॉन स्पेंसर और स्विस रिपोर्ट ने सैटेलाइट तस्वीरों से और ऑपरेशनल डेटा से ये साबित किया पाकिस्तान जो उस वक्त दावे कर रहा था वो पूरी तरह सिर्फ अपना नुकसान छुपाने का पैंतरा था. जॉन स्पेंसर कह रहे हैं कि नैरेटिव कितना ही बना लो लेकिन जंग में तो हकीकतत जीतती है. और जॉन स्पेंसर कह रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर ने पुरानी जो भारत की नीति होती थी उसको पलट दिया है और अब भारत का नियम साफ है कि पाकिस्तान से आतंक आएगा तो वो ‘युद्ध’ माना जाएगा. जॉन स्पेंसर की विश्वसनीयता उनके अनुभव, उनकी निष्पक्षता और डेटा के आधार पर किए जाने वाले विश्लेषण से आती है. और स्विट्जरलैंड की रिपोर्ट एक निष्पक्ष यूरोपीय थिंक टैंक की डीटेल में की हुई स्टडी है और ये थिंक टैंक युद्धों का प्रामाणिक इतिहास दर्ज करता है और इसके आधार पर दुनिया में मिलिटरी रणनीति का अध्ययन किया जाता है. दोनों ने भारत की सेना जो कह रही है उस बात को मजबूती दी है और दोनों ने मिलकर पाकिस्तानी प्रोपगैंडा को खारिज किया है. और रही बात ट्रंप की कि वो क्या कह रहे थे, तो वो तो अब पूरी दुनिया जान चुकी है कि वो क्या कहते हैं, तो वो तो रहने ही दो. सौ बात की एक बात.



