NEET Paper Leak Case| Neet leak 2026 news: कौन है ‘नीट पेपर लीक’ का मास्टरमाइंड राकेश मंडावरिया?

Last Updated:May 12, 2026, 12:04 IST
NEET Paper Leak Case, Neet leak 2026 news: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के घेरे में है. राजस्थान के सीकर से लेकर केरल और देहरादून तक फैले कथित गेस पेपर नेटवर्क की जांच के बीच अब राकेश मंडावरिया नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. SOG का दावा है कि 410 सवालों वाला एक प्रश्न बैंक परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचाया गया था, जिसमें से करीब 120 सवाल असली पेपर से मिलते-जुलते पाए गए. 15 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और एजेंसियां जांच में जुटी हैं. आइए जानते हैं कि राकेश मंडावरिया कौन है?
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Neet leak news, Neet leak 2026 news, NEET NTA nic in, who is Rakesh Mandawaria: नीट का मास्टरमाइंड किसे कहा जा रहा है?
Neet leak 2026 news: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है. इस बार मामला कथित गेस पेपर के जरिए पेपर लीक और बड़े स्तर पर सवालों के प्रसार का है. राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में अब एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है- वह है राकेश मंडावरिया का. जांच एजेंसियों का दावा है कि राजस्थान के सीकर से शुरू हुआ यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है.22 लाख से ज्यादा छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था और अब पूरे मामले ने छात्रों,अभिभावकों और कोचिंग इंडस्ट्री के बीच हलचल मचा दी है. SOG यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह गेस पेपर सिर्फ अनुमान था या फिर इसके जरिए असली परीक्षा से जुड़े सवाल पहले ही छात्रों तक पहुंचा दिए गए थे?
आखिर कौन है राकेश मंडावरिया?
जांच एजेंसियों के मुताबिक राकेश मंडावरिया राजस्थान के सीकर जिले में पिपराली रोड पर एसके कंसल्टेंसी (SK Consultancy)नाम से एक संस्थान चलाता है. SOG को शक है कि इसी नेटवर्क के जरिए कथित प्रश्न बैंक छात्रों और कोचिंग सर्किल तक पहुंचा.सूत्रों के अनुसार मंडावरिया के पास अप्रैल महीने में ही यह कथित प्रश्न बैंक पहुंच गया था. जांच में यह भी सामने आया है कि सीकर से ही इस दस्तावेज की PDF कॉपी आगे छात्रों तक भेजी गई. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह सामग्री कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई.
सीकर कैसे बना पूरे मामले का सबसे बड़ा लिंक?
राजस्थान का सीकर लंबे समय से NEET और JEE कोचिंग हब माना जाता है. हजारों छात्र यहां मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. अब SOG की जांच में यही जिला पूरे विवाद का केंद्र बनता दिख रहा है.जांच एजेंसियों के मुताबिक सीकर से यह कथित गेस पेपर चूरू, झुंझुनूं और यहां तक कि उत्तराखंड के देहरादून तक पहुंचा. कई जगह छात्रों को इसकी प्रिंटेड कॉपी भी बांटी गई थी. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और कितने पैसों का लेनदेन हुआ?
केरल में पढ़ रहे MBBS छात्र का भी नाम आया सामने
जांच में यह भी सामने आया है कि चूरू का एक छात्र जो इस समय केरल के मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहा है उसे सीकर से इस कथित प्रश्न बैंक की PDF भेजी गई थी.पुलिस को शक है कि इसके बाद यह सामग्री WhatsApp ग्रुप्स और निजी चैनलों के जरिए तेजी से फैली. कई चैट रिकॉर्ड में Forwarded Many Times का टैग भी मिला है, जिससे बड़े स्तर पर प्रसार की आशंका बढ़ गई है.
क्या था यह ‘Guess Paper’?
राजस्थान पुलिस के ADG विशाल बंसल के मुताबिक जांच फिलहाल करीब 410 सवालों वाले एक गेस पेपर पर केंद्रित है. आरोप है कि इनमें से करीब 120 सवाल असली NEET परीक्षा से काफी मिलते-जुलते थे.विशाल बंसल ने कहा कि खासतौर पर बायोलॉजी और केमिस्ट्री सेक्शन के कई सवालों में स्ट्राइकिंग सिमिलैरिटी देखी गई है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन सवालों के जरिए करीब 600 अंकों तक का फायदा मिल सकता था हालांकि पुलिस और NTA दोनों ने अब तक आधिकारिक तौर पर इसे पेपर लीक नहीं कहा है. जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर कोई संगठित चीटिंग या आपराधिक गतिविधि हुई थी.
कितने लोग हिरासत में लिए गए?
अब तक इस मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. इनमें राजस्थान और उत्तराखंड के कई लोग शामिल हैं. सोमवार को जयपुर के मनीष नाम के एक व्यक्ति को भी SOG ने हिरासत में लिया जिसे जांच एजेंसियां कथित मास्टरमाइंड मान रही हैं.पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की कोशिश कर रही है. जांच का फोकस इस बात पर भी है कि यह सामग्री किन राज्यों में बेची गई और कितने पैसे लिए गए.
लाखों रुपये में बिकने का दावा
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि परीक्षा से दो दिन पहले इस कथित गेस पेपर की कीमत करीब 5 लाख रुपये तक बताई जा रही थी. परीक्षा नजदीक आते-आते इसकी कीमत घटकर करीब 30 हजार रुपये तक पहुंच गई.अगर यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बड़े संगठित रैकेट की तरफ इशारा कर सकता है.
NTA ने क्या कहा?
पूरा विवाद बढ़ने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कहा कि परीक्षा फुल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत आयोजित की गई थी. एजेंसी के मुताबिक प्रश्न पत्र GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों में भेजे गए थे और उन पर यूनिक वॉटरमार्क लगाए गए थे.इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और 5G जैमर भी लगाए गए थे.NTA ने कहा कि उसे 7 मई को कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली थी और अगले ही दिन मामला केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया. एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा.
About the AuthorDhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें
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