NEET Exam रद्द होते ही फूटा कोटा के छात्रों का गुस्सा, बोले- हर परिवार दोबारा तैयारी का खर्च नहीं उठा सकता

Last Updated:May 13, 2026, 15:05 IST
NEET Exam Cancelled: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट रद्द होने के बाद देशभर के छात्रों में चिंता और असमंजस का माहौल है. देश की प्रमुख कोचिंग नगरी कोटा में पढ़ाई कर रहे छात्रों ने परीक्षा दोबारा आयोजित करने को लेकर अपनी परेशानियां जाहिर की हैं. कई छात्रों का कहना है कि एक बार फिर से तैयारी करना मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद मुश्किल होगा. विद्यार्थियों के अनुसार कोटा में रहकर कोचिंग, हॉस्टल, भोजन और अन्य खर्च पहले ही परिवारों पर बड़ा बोझ डाल चुके हैं. छात्रों ने कहा कि हर परिवार दोबारा महीनों तक तैयारी और रहने का खर्च नहीं उठा सकता. कुछ अभिभावकों ने भी बच्चों के बढ़ते तनाव और भविष्य को लेकर चिंता जताई.
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कोटा. NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में भारी नाराजगी है. विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने महीनों मेहनत की, लेकिन पेपर लीक ने उनका पूरा साल खराब कर दिया. छात्रों ने मांग की कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा भी JEE की तरह ऑनलाइन कराई जाए, ताकि पेपर लीक पर रोक लग सके.
कोटा सहित कई शहरों के छात्रों ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सख्ती के बावजूद पेपर लीक होना सिस्टम पर सवाल खड़े करता है. उनका कहना है कि NEET सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और परिवार की उम्मीदों से जुड़ा सपना है. अब दोबारा परीक्षा की तैयारी से मानसिक दबाव बढ़ गया है. वहीं, कथित गेस पेपर के सवाल असली पेपर से मिलने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम की घोषणा की है.
छात्र तन्मय गुर्जर का कहना है मैं नवी से कोटा में नीट की तैयारी कर रहा हु नीट का पेपर अच्छा चला गया था लेकिन फिर से अब पेपर देना पड़ेगा फिर जाने कैसा पेपर होगा यह सरकार की कमी है इसमें सुधार होना चाहिए ऑनलाइन भी एग्जाम हो सकते हैं.
बार-बार से नीट का एग्जाम लीक होना ठीक नहींस्टूडेंट सुमित का कहना है कि बार-बार से नीट का एग्जाम लीक होना ठीक नहीं है इसका खामियाजा हम छात्रों को भुगतना पड़ रहा है ऐसे हमारा भरोसा टूटता जा रहा है हम काफी मेहनत करते हैं फिर एग्जाम देते हैं पहले एग्जाम अच्छा जा चुका है अब फिर से तैयारी करके एग्जाम देना पड़ेगा एग्जाम अब कैसा जाएगा कुछ पता नहीं है
जिम्मेदारी एनटीए और सरकार दोनों की बनतीछात्र लखन का कहना है घर वाले बड़ी मुश्किल से बच्चों को बाहर पढ़ने भेजते हैं. कोई पैसे जोड़कर तो कोई लोन लेकर पढ़ाई करवाता है. लेकिन नीट परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक ने मेहनती छात्रों का भविष्य खतरे में डाल दिया है. हर किसी के लिए दोबारा तैयारी कराना संभव नहीं होता. ऐसे मामलों से छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है और उनका मनोबल टूट रहा है. अगर पेपर लीक नहीं होता तो मेहनत करने वाले कई छात्रों का चयन हो जाता. इतनी हाई सिक्योरिटी के बावजूद पेपर लीक होना बड़ी लापरवाही है, जिसकी जिम्मेदारी एनटीए और सरकार दोनों की बनती है.
पेपर लीक की खबरों ने छात्रों का भरोसा तोड़ दियास्टूडेंट हिमांशु का कहना है माता-पिता बड़ी मुश्किल से बच्चों को बाहर भेजकर नीट की तैयारी करवाते हैं. छात्र पूरे साल मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से सबसे ज्यादा नुकसान मेहनती छात्रों को होता है. एनटीए ने परीक्षा को सुरक्षित बताया था, फिर भी पेपर लीक की खबरों ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है. हर परिवार बार-बार तैयारी का खर्च नहीं उठा सकता. इससे छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है और उनका भविष्य असमंजस में पड़ गया है.
पेपर ज्यादा हार्ड या लंबा आता हैस्टूडेंट्स फ़ेबा का कहना है कि पेपर लीक होना पूरी तरह गलत है. लाखों विद्यार्थियों ने सालभर कड़ी मेहनत और लगन के साथ नीट परीक्षा की तैयारी की थी. ऐसे मामलों से छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ता है और कई बार सुसाइड जैसे गंभीर कदम उठाने की आशंका भी बन जाती है. छात्रों का कहना है कि पेपर लीक होने से उनका आत्मविश्वास टूट जाता है. उनका मानना है कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखना नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की जिम्मेदारी है. साथ ही यदि नीट परीक्षा दोबारा आयोजित होती है और पेपर ज्यादा हार्ड या लंबा आता है, तो कटऑफ में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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