CCPA Penalty on Coaching Institutes: JEE-NEET टॉपर्स की फोटो दिखाकर फंसाने का खेल खत्म! 2 कोचिंग सेंटर पर लगा 15 लाख का जुर्माना

Last Updated:May 15, 2026, 16:34 IST
CCPA Penalty on Coaching Institutes: जेईई और नीट के रिजल्ट को लेकर भ्रामक विज्ञापन देने वाले दो कोचिंग संस्थानों पर सीसीपीए ने 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, ‘मोशन एजुकेशन’ और ‘सीएलसी सीकर’ पर स्टूडेंट्स को गुमराह करने और अहम जानकारियां छिपाने का आरोप है. जानिए पूरा मामला.CCPA Penalty on Coaching: टॉपर्स के फर्जी विज्ञापन दिखाने वाले कोचिंग संस्थानों पर लाखों का जुर्माना
नई दिल्ली (CCPA Penalty on Coaching Institutes). देश के लाखों स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई कोचिंग संस्थानों पर इस उम्मीद में खर्च करते हैं कि विज्ञापन में चमकते चेहरों जैसी सफलता उन्हें भी मिलेगी. लेकिन इन विज्ञापनों की सच्चाई अक्सर वैसी नहीं होती जैसी दिखाई देती है. उपभोक्ता संरक्षण नियामक (CCPA) ने इस पर सख्त एक्शन लेते हुए 2 प्रमुख कोचिंग संस्थानों- कोटा स्थित मोशन एजुकेशन और सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (CLC) पर 15 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है.
इन संस्थानों पर आरोप है कि उन्होंने टॉपर्स के रिजल्ट का श्रेय तो लिया लेकिन यह छिपा लिया कि वे स्टूडेंट किन कोर्स से जुड़े थे. सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा ने शुक्रवार को पारित आदेश में इन विज्ञापनों को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन माना है. जांच में सामने आया कि ये संस्थान अपनी सफलता दर को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहे थे और उन छात्रों की उपलब्धियों को भी अपना बता रहे थे जो या तो मुफ्त ऑनलाइन कोर्स से जुड़े थे या सिर्फ टेस्ट सीरीज का हिस्सा थे.
मोशन एजुकेशन: विज्ञापन में ‘Paid’ कोर्स, पर टॉपर्स निकले ‘फ्री’ वाले
जांच में पाया गया कि ‘मोशन एजुकेशन’ ने नीट में 91.2% और IIT-JEE एडवांस्ड में 51.02% पास दर का दावा किया था. विज्ञापन में पेड प्रोग्राम (Full Time Classroom Programme) को प्रमोट किया गया, लेकिन हकीकत यह थी कि ज्यादातर टॉपर्स ‘I-Eklavya’ नामक ऑनलाइन कोर्स से थे, जो चुनिंदा स्टूडेंट्स को मुफ्त में दिया जाता है. इतना ही नहीं, कुछ तो परीक्षा खत्म होने के बाद संस्थान से जुड़े थे, फिर भी उनकी सफलता का श्रेय ले लिया गया. साथ ही, विज्ञापन के लिए छात्रों या अभिभावकों की सहमति भी नहीं ली गई थी.
CLC सीकर: दावों में विरोधाभास और आधी-अधूरी जानकारी
सीकर के ‘करियर लाइन कोचिंग’ (CLC) ने दावा किया कि उनके यहां से ‘1650+ CLCians’ का चयन MBBS और IIT में हुआ है. जब सीसीपीए ने पूछताछ की तो संस्थान ने पहले कहा कि यह 1996 से अब तक का आंकड़ा है, लेकिन सुनवाई के दौरान इसे सिर्फ 2024 का बता दिया. इस विरोधाभास ने उनके दावे की पोल खोल दी. इसके अलावा, संस्थान ने यह नहीं बताया कि विज्ञापन में दिखाए गए कई छात्र केवल टेस्ट सीरीज का हिस्सा थे, न कि रेगुलर क्लासरूम प्रोग्राम के.
छिपाई गई जानकारी को माना ‘भ्रामक विज्ञापन’
सीसीपीए ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई स्टूडेंट क्रैश कोर्स, ऑनलाइन कोर्स या केवल टेस्ट सीरीज का हिस्सा है तो विज्ञापन में इसका स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए. इसे छिपाना ‘भ्रामक विज्ञापन’ और ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ की श्रेणी में आता है. दोनों संस्थानों को इन विज्ञापनों को तुरंत वापस लेने और भविष्य में पूरी पारदर्शिता बरतने का आदेश दिया गया है. फिलहाल, दोनों संस्थानों ने इस आदेश के खिलाफ उपभोक्ता आयोग (NCDRC) में अपील की है.
60 से ज्यादा संस्थानों पर सरकार की टेढ़ी नजर
यह कोई अकेला मामला नहीं है. सीसीपीए अब तक यूपीएससी (UPSC), आईआईटी-जेईई, नीट और बैंकिंग जैसे एग्जाम्स की कोचिंग देने वाले 60 से ज्यादा संस्थानों को नोटिस जारी कर चुका है. अब तक 31 संस्थानों पर कुल 1.39 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया जा चुका है. सरकार का मकसद साफ है- स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले विज्ञापनों को रोकना. यह कार्रवाई उन सभी कोचिंग सेंटर के लिए बड़ी चेतावनी है जो झूठे दावों के दम पर अपनी दुकान चला रहे हैं.
About the AuthorDeepali PorwalSenior Sub Editor
Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें
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