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मिथुन चक्रवर्ती की वो 5 फिल्में, कुमार सानू-उदित नारायण के एवरग्रीन सुपरहिट गाने, हर मूवी रही मैसिव हिट

Last Updated:May 15, 2026, 20:16 IST

Mithun Chakraborty Superhit Songs : 90 के दशक में बॉलीवुड सुपर स्टार मिथुन चक्रवर्ती का क्रेज छोटे शहरों में सबसे ज्यादा था. सिंगल स्क्रीन थिएटर पर मिथुन ही दर्शकों के दिल के राजा थे. छोटे शहरों का हर युवा उन दिनों मिथुन के स्टाइल को कॉपी करता था. मिथुन दा ने 1976 में अपने करियर का आगाज ‘मृगाया’ फिल्म से किया था. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला. 1982 में आई फिल्म ‘डिस्को डांसर’ से उन्हें पहचान मिली. 90 के दशक में कुमार सानू और उदित नारायण उनकी आवाज बने. कुआर सानू और उदित नारायण ने मिथुन चक्रवर्ती के लिए 10 ऐसे सदाबहार गाने गाए जो हमेशा के लिए संगीत प्रेमियों के दिल में बस गए. ये गाने कौन से हैं, आइये जानते हैं….

90 के दशक के सबसे पॉप्युलर सुपर स्टार मिथुन चक्रवर्ती को ‘गरीबों का अमिताभ बच्चन’ कहा जाता रहा है. मिथुन दा की फिल्मों के गाने, उनका एक्शन स्टाइल छोटे शहरों की युवा पीढ़ी खूब कॉपी करती थी. मिथुन की पॉप्युलैरिटी बढ़ाने में उनकी फिल्मों के गानों ने अहम भोमिका निभाई. कुमार सानू, सोनू निगम और उदित नारायण उनकी आवाज बने. मिथुन चक्रवर्ती के लिए सबसे ज्यादा हिट गाने कुमार सानू ने ही गाए. ये फिल्में थीं : त्रिनेत्र, तड़ीपार (1993), फूल और अंगार (1993), मेहरबान (1993), दलाल (1993), चीता (1994), नाराज (1994), शपथ (1998), जल्लाद, अहंकार और सूरज.

कुमार सानू ने 1991 में आई फिल्म ‘त्रिनेत्र’ में मिथुन चक्रवर्ती के लिए संभवत: पहली बार प्लेबैक सिंगिंग की थी. आनंद-मिलिंद के संगीत निर्देशन में बना एक गाना ‘मैं तुम्हें छोड़के कहां जाऊंगा’ कुमार सानू ने गाया था. यह गाना आज भी पॉप्युलर है. इस गाने के चार वर्जन फिल्म में रखे गए थे. मिथुन चक्रवर्ती-शिल्पा शिरोडकर, दीपा साही स्टारर इस फिल्म का डायरेक्शन हैरी बावेजा ने किया था. फिल्म में धर्मेंद्र भी अहम रोल में नजर आए थे. दीपा शाही मिथुन से 12 साल छोटी थीं, फिर भी उन्होंने मां का किरदार निभाया. मूवी 1991 में मुहर्रम के दौरान रिलीज की गई थी और बंपर ओपनिंग मिली थी.

कुमार सानू ने 1993 में मिथुन दा की फिल्म ‘शतरंज’, ‘तड़ीपार’, ‘आदमी’, ‘फूल और अंगार’, ‘मेहरबान’, ‘दलाल’ जैसी हिट फिल्मों में कई गाने गाए. इन सभी फिल्मों के गाने आज भी दिल को तड़पा देते हैं. 10 फरवरी 1993 को अशोक गायकवाड़ के निर्देशन में बनी ‘फूल और अंगार’ में मिथुन-शांतिप्रिया की जोड़ी लीड रोल में थी. म्यूजिक अनु मलिक का था. फिल्म के पॉप्युलर गानों में ‘चोरी चोरी दिल तेरा चुराएंगे’ और ‘हम तेरी मुहब्बत में, यूं पागल रहते हैं’ जैसे सॉन्ग शामिल थे. दोनों ही गाने रानी मलिक ने लिखे थे. कुमार सानू ने गाए थे. 1993 में ही रिलीज हुई फिल्म ‘आदमी’ का एक गाना ‘दिल तेरे नाम से धड़कता है’ कुमार सानू ने गाया था.

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1993 की फिल्म ‘शतरंज’ में कुमार सानू ने ‘दिल में तेरे प्यार का पैगाम लिख दूं’ गाया. 1993 की ‘दलाल’ फिल्म के लगभग सभी गाने कुमार सानू ने ही गाए थे. बप्पी लाहिरी का म्यूजिक था. फिल्म के पॉप्युलर गाने ‘अटरिया पे लोटन कबूतर’, ‘चोरी-चोरी मैंने भी तो अखियां मिलाईं रे’, ‘ठहरे हुए पानी में कंकड़ ना मार सांवरे’ थे. ये सभी गाने कुमार सानू ने की आवाज में थे. दलाल मूवी भी बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी.

1993 की ही मिथुन की एक और फिल्म ‘तड़ीपार’ में कुमार सानू ने चार गाने गाए थे. इस फिल्म का म्यूजिक नदीम-श्रवण ने दिया था. फिल्म का म्यूजिक आज भी सुपरहिट है. तड़ीपार फिल्म के सुपरहिट गाने थे : आज पहली बार दिल की बात की है, आपकी दुश्मनी कबूल मुझे. फिल्म का डायरेक्शन महेश भट्ट ने किया था. 1993 की एक फिल्म ‘मेहरबान’ का एक गाना सोनू निगम की आवाज में आज भी सुना जाता है. गाना मिथुन दा पर फिल्माया गया था. इस गाने के बोल हैं : अगर आसमा तक मेरे हाथ जाते, तो हम चांदनी से तेरी राहें सजाते.

1994 में मिथुन चक्रवर्ती की ‘चीता’ और ‘नाराज’ जैसी फिल्मों के गाने पॉप्युलर हुए थे. हरमेश मल्होत्रा के निर्देशन में बनी ‘चीता’ फिल्म 24 जून 1994 को रिलीज हुई थी. म्यूजिक जतिन-ललित का था. शिखा स्वरूप-अश्विनी भावे और मिथुन चक्रवर्ती लीड रोल में थे. इस फिल्म का एक गाना ‘ये तेरा सजना संवरना, बिन साजन के बेकार है’ आज भी शादी-विवाह, पार्टी-फंक्शन में सुनने को मिल जाता है. इसी साल रिलीज हुई ‘जनता की अदालत’ फिल्म में कुमार सानू के दो गाने गाने ‘दिल की हालत किसको बताएं, तुम भी पागल, हम भी पागल’ और ‘दिल धड़कने का बहाना ढूंढता है’ आज भी दिल को ठंडक देते हैं. 1994 में ही रिलीज हुई ‘नाराज’ फिल्म का एक गाना ‘संभाला था मैंने बहुत अपने दिल को’ को फेमस हुआ था. दिलचस्प बात यह है कि ‘नाराज’ मूवी में मिथुन चक्रवर्ती की जोड़ी पूजा भट्ट के साथ बनी थी. दोनों इससे पहले ‘तड़ीपार’ फिल्म में भी काम कर चुके थे. दोनों ही फिल्मों का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था.

1994 में मिथुन चक्रवर्ती की ‘चीता’ और ‘नाराज’ जैसी फिल्मों के गाने पॉप्युलर हुए थे. हरमेश मल्होत्रा के निर्देशन में बनी ‘चीता’ फिल्म 24 जून 1994 को रिलीज हुई थी. म्यूजिक जतिन-ललित का था. शिखा स्वरूप-अश्विनी भावे और मिथुन चक्रवर्ती लीड रोल में थे. इस फिल्म का एक गाना ‘ये तेरा सजना संवरना, बिन साजन के बेकार है’ आज भी शादी-विवाह, पार्टी-फंक्शन में सुनने को मिल जाता है. इसी साल रिलीज हुई ‘जनता की अदालत’ फिल्म में कुमार सानू के दो गाने गाने ‘दिल की हालत किसको बताएं, तुम भी पागल, हम भी पागल’ और ‘दिल धड़कने का बहाना ढूंढता है’ आज भी दिल को ठंडक देते हैं. 1994 में ही रिलीज हुई ‘नाराज’ फिल्म का एक गाना ‘संभाला था मैंने बहुत अपने दिल को’ को फेमस हुआ था. दिलचस्प बात यह है कि ‘नाराज’ मूवी में मिथुन चक्रवर्ती की जोड़ी पूजा भट्ट के साथ बनी थी. दोनों इससे पहले ‘तड़ीपार’ फिल्म में भी काम कर चुके थे. दोनों ही फिल्मों का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था.

प्रोड्यूसर टीएलवी प्रसाद ने मिथुन चक्रवर्ती के साथ एक दर्जन से ज्यादा फिल्में बनाईं. 1995 में ‘जख्मी सिपाही’ फिल्म में कुमार सानू ने मिथुन दा के लिए एक गाना ‘तुम शर्मा देखोगी जिसे, उस दिल पे कयामत आएगी’ गाएगी. यह गाना खूब पॉप्युलर हुआ. इसी साल रिलीज हुई मिथुन का एक और फिल्म ‘अहंकार’ का एक गाना ‘तेरे अंदर मेरी जान, मेरे अंदर तेरी जान’ को उदित नारायण ने बहुत ही खूबसूरती से गाया था. इसी तरह 1998 की फिल्म ‘लोहा’ का एक गाना ‘टूट गया दिल, टूट गया’ टूटे आशिक दिलों की पहचान बना. मिथुन चक्रवर्ती ने 1994 के आसपास मुंबई को छोड़ ऊटी को अपना नया ठिकाना बना लिया. उन्होंने ऊटी में अपना ‘मोनार्क’ होटल खोला. ज्यादातर फिल्में यहीं पर बनाईं. कम बजट की ये फिल्में सिनेमाघरों में तो जगह नहीं पाती थीं लेकिन इन फिल्मों की सीडी छोटे शहरों में खूब बिकती थी. हर फिल्मों की स्टोरी लगभग सेम होती थी. एक्शन भी अजीबो-गरीब होते थे.

मशहूर प्लेबैक सिंगर उदित नारायण ने मिथुन चक्रवर्ती की फिल्मों में कम ही गाने गाए हैं. मिथुन चक्रवर्ती के लिए उनके कुछ ही गाने पॉप्युलर हुए. उदित नारायण ने पहली बार 1985 में मिथुन चक्रवर्ती के लिए प्लेबैक सिंगिंग की थी. राजेश वकील के डायरेक्शन में बनी 1992 की फिल्म ‘सजना साथ निभाना’ में उदित नारायण ने सुपरहिट गाना ‘मंदिर टूटे जो बन जाए’ गाया था. यह एक सैड सॉन्ग था. फिर 1995 की फिल्म ‘जल्लाद’ में उदित नारायण का एक गाना ‘चुनाई चुन-चुन’ पॉप्युलर हुआ था. उदित नारायण ने मिथुन दा की चर्चित फिल्म ‘शपथ’ में दो सुपरहिट गाने गाए थे. ये गाने थे : मुंडा गोरा रंग देखके दीवाना हो गया और ‘चुस्की’. इसके अलावा, ‘सूरज’ फिल्म का एक गाना ‘कबूतरी बोले कबूतर से’ उदित नारायण की खनकती आवाज में था.

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