ANTF के तीन ‘सीक्रेट स्निफर’! तस्करों की उड़ा दी है नींद, सूंघते ही पाताल में छिपे ड्रग्स का खोल देते हैं राज

जयपुर. राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रही जंग में अब एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के प्रशिक्षित डॉग्स सबसे बड़े हथियार बनकर उभरे हैं. तस्करों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई में ANTF को बड़ी सफलता दिलाने में डॉग स्क्वॉड की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है. फोर्स के तीन विशेष प्रशिक्षित डॉग्स प्रिंस (पापा), सुजैन और नोंवी हर बड़े ऑपरेशन में टीम के साथ मौजूद रहते हैं और छिपाकर रखे गए ड्रग्स को ढूंढ निकालने में मदद करते हैं. राजस्थान पुलिस के अनुसार, ड्रग तस्कर अब मादक पदार्थों को छिपाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं. कई बार घरों के गुप्त कमरों, वाहनों के विशेष हिस्सों या जमीन में गाड़कर ड्रग्स छिपाए जाते हैं, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके.
लेकिन प्रशिक्षित डॉग्स अपनी तेज सूंघने की क्षमता के कारण इन छिपे हुए मादक पदार्थों तक भी आसानी से पहुंच जाते हैं. सेना और सुरक्षा एजेंसियों की तरह अब राजस्थान ANTF में भी डॉग स्क्वॉड को बेहद महत्वपूर्ण माना जाने लगा है. पिछले दो महीनों में राज्यभर में हुई कई बड़ी दबिशों में प्रिंस, सुजैन और नोंवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इनकी मदद से अफीम, गांजा, डोडा पोस्त और अन्य मादक पदार्थों की बड़ी खेप बरामद की गई है. अधिकारियों का कहना है कि इन डॉग्स की वजह से तस्करों के नेटवर्क तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान हुआ है और लगातार कार्रवाई से तस्करों में डर का माहौल भी बना है.
दो महीने में कई बड़ी कार्रवाई में निभाई अहम भूमिका
एएनटीएफ के अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों में राज्यभर में की गई 19 बड़ी दबिशों में इन तीनों डॉग्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में चल रहे अभियान के दौरान एएनटीएफ लगातार ड्रग तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई है. आईजी विकास कुमार ने बताया कि कई मामलों में तस्कर गिरफ्तारी के बाद भी मादक पदार्थों के छिपे ठिकानों की जानकारी नहीं देते. ऐसे हालात में डॉग स्क्वॉड पुलिस की सबसे बड़ी ताकत बन जाता है. प्रशिक्षित डॉग्स अपनी सूंघने की क्षमता से बेहद कम समय में छिपे हुए ड्रग्स का पता लगा लेते हैं.
सुजैन ने कई जिलों में दिलाई सफलता
डॉग सुजैन ने फलोदी, जोधपुर, बाड़मेर और पाली समेत कई जिलों में बड़ी कार्रवाई में अहम योगदान दिया. मार्च से अप्रैल 2026 के बीच उसने कई ऑपरेशन में अवैध अफीम, डोडा पोस्त और गांजा बरामद करवाने में मदद की. फलोदी में डोडा पोस्त और अफीम बरामदगी से लेकर जोधपुर पश्चिम में एक तस्कर की गिरफ्तारी तक, सुजैन लगातार टीम के साथ सक्रिय रही. बाड़मेर और डांगियावास में भी बड़ी मात्रा में डोडा पोस्त पकड़वाने में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही.
नोंवी ने बीकानेर और श्रीगंगानगर में पकड़े तस्कर
डॉग नोंवी ने बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में कई सफल ऑपरेशन में भाग लिया. बीछवाल थाना क्षेत्र में 20 किलो डोडा पोस्त पकड़वाने से लेकर घड़साना में करीब 19.5 किलो डोडा चूरा बरामद करवाने तक नोंवी ने कई बड़ी सफलताएं दिलाईं. चूरू के राजलदेसर क्षेत्र में भी नोंवी की मदद से अफीम बरामद की गई और दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया. एएनटीएफ अधिकारियों का कहना है कि नोंवी बेहद तेज सूंघने की क्षमता वाला प्रशिक्षित डॉग है, जो छिपे हुए मादक पदार्थों का जल्दी पता लगा लेता है.
पिछले दो महीनों में इन डॉग्स ने 19 बड़ी दबिशों में हिस्सा लेकर मादक पदार्थों की बड़ी खेप बरामद करवाई
प्रिंस उर्फ पापा भी ऑपरेशन में आगे
डॉग प्रिंस, जिसे टीम “पापा” नाम से भी बुलाती है, उदयपुर, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ में कई सफल कार्रवाइयों का हिस्सा रहा. उदयपुर के घासा थाना क्षेत्र में प्रिंस की मदद से अफीम बरामद की गई और करोड़ों रुपये की अवैध कमाई जब्त की गई. भीलवाड़ा के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गांजा बरामदगी और प्रतापगढ़ में अफीम, गांजा, डोडा पोस्त और गांजे के पौधे पकड़वाने में भी उसकी विशेष भूमिका रही.
तस्करों पर बढ़ा दबाव
एएनटीएफ अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड के कारण अब तस्करों के लिए मादक पदार्थ छिपाना आसान नहीं रह गया है. लगातार हो रही बरामदगी से तस्करों में डर का माहौल है. राजस्थान पुलिस का मानना है कि आने वाले समय में डॉग स्क्वॉड को और मजबूत किया जाएगा, ताकि ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और प्रभावी बनाई जा सके. फिलहाल प्रिंस, सुजैन और नोंवी एएनटीएफ की सबसे भरोसेमंद टीम का हिस्सा बन चुके हैं और तस्करों के खिलाफ “सूंघने वाले योद्धा” साबित हो रहे हैं.



