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प्याज उत्पादक किसानों की चांदी, दिल्ली-पंजाब और हरियाणा से पहुंच रहे व्यापारी, जानें कितना मिल रहा भाव

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प्याज उत्पादक किसानों की चांदी, दिल्ली-पंजाब और हरियाणा से पहुंच रहे व्यापारी

Last Updated:May 16, 2026, 17:24 IST

Sikar Onion Farmers Relief: सीकर और शेखावाटी क्षेत्र के प्याज किसानों के लिए राहत की खबर है. लंबे समय से मंदी झेल रहे किसानों को अब बढ़ते दामों से उम्मीद जगी है. पिछले 10 दिनों में प्याज के भाव 5 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं. पहले जो प्याज 4 से 8 रुपए किलो बिक रहा था, वह अब 12 से 13 रुपए किलो तक पहुंच गया है. मंडियों में आवक घटने और अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की कमी के कारण व्यापारी सीधे खेतों से खरीद कर रहे हैं. किसानों को अब लागत निकलने के साथ मुनाफे की उम्मीद भी बढ़ी है.

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सीकर. लंबे समय से मंदी की मार झेल रहे प्याज उत्पादक किसानों के लिए अब राहत की खबर है. शेखावाटी क्षेत्र में लोकल प्याज का सीजन खत्म होने के साथ ही बाजार में तेजी लौट आई है. पिछले 10 दिनों में प्याज के भाव में करीब 5 रुपए प्रति किलो तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जो प्याज कुछ दिन पहले 4 से 8 रुपए किलो बिक रहा था, वह अब 12 से 13 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है. बढ़ते दामों से किसानों को राहत मिलने लगी है और अब लागत निकलने के साथ मुनाफे की उम्मीद भी बढ़ गई है.

सीकर और रसीदपुरा मंडियों में प्याज की आवक लगातार घट रही है. पहले जहां दोनों मंडियों में प्रतिदिन करीब 40 हजार कट्टों की आवक होती थी, वहीं अब यह घटकर करीब 25 हजार कट्टे रह गई है. इनमें सीकर मंडी में करीब 15 हजार और रसीदपुरा मंडी में 10 हजार कट्टे प्याज पहुंच रहा है. अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की कमी के चलते व्यापारी अब सीधे खेतों में जाकर किसानों से खरीद कर रहे हैं. खेतों में ही थोक भाव से एक-दो रुपए अधिक देकर प्याज उठाया जा रहा है.

आने वाले दिनों में तेजी की उम्मीद

कारोबारियों के अनुसार, बाजार में मांग बढ़ने से स्टॉकिस्ट और बड़े व्यापारी सक्रिय हो गए हैं. वे आने वाले दिनों में और तेजी की उम्मीद में प्याज का स्टॉक जमा कर रहे हैं. खास बात यह है कि कमजोर गुणवत्ता वाला प्याज भी अब 8 से 13 रुपए किलो तक बिक रहा है, जबकि कुछ समय पहले यही प्याज 4 से 6 रुपए किलो में बिक रहा था. इस बार जिले में प्याज का रकबा भी बढ़ा है. पिछले साल 18 हजार हेक्टेयर में प्याज की खेती हुई थी, जबकि इस साल यह बढ़कर 23 हजार हेक्टेयर पहुंच गई.

प्याज के दाम बढ़ने के पीछे के कारण

किसान राम लाल जाट का कहना है कि एक किलो प्याज उगाने में औसतन 9 रुपए की लागत आती है. ऐसे में पहले मिल रहे 4-5 रुपए के भाव से भारी नुकसान हो रहा था. अब भाव बढ़ने से किसानों को राहत मिली है. प्याज के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. मई के पहले सप्ताह में हुई बेमौसम बारिश और अंधड़ से खेतों में रखे प्याज की गुणवत्ता खराब हो गई, जिससे अच्छी क्वालिटी का माल कम बचा. इसके अलावा गर्मी बढ़ने के साथ उत्तर भारत में प्याज की मांग भी तेज हो गई है. वहीं नासिक जैसी बड़ी मंडियों से आवक कम होने के कारण दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के व्यापारी अब शेखावाटी के प्याज पर निर्भर हो गए हैं. यही वजह है कि शेखावाटी का प्याज अब दूसरे राज्यों में बड़े स्तर पर भेजा जा रहा है.About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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Sikar,Rajasthan

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