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जयपुर में RTO की कार्रवाई, बस बॉडी मेकर्स की मनमानी उजागर, अवैध मॉडिफिकेशन और टैक्स चोरी के खेल का भंडाफोड़

Last Updated:June 17, 2026, 00:16 IST

Jaipur News: परिवहन विभाग की सख्ती के बावजूद बस बॉडी मेकर्स द्वारा नियमों की अनदेखी कर अवैध मॉडिफिकेशन का मामला सामने आया है. बसों में क्षमता से अधिक सीटें जोड़कर और सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर बदलाव किए जा रहे हैं. RTO प्रथम की टीम ने छापेमारी कर एक बस बॉडी निर्माण कारखाने में बिना ट्रेड लाइसेंस के हो रहे अवैध कार्यों को पकड़ा. इस दौरान बॉडी बिल्डर मुबिन और वाहन स्वामी अभिमन्यु के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जांच में यह भी सामने आया है कि टैक्स बचाने के लिए बसों का पंजीयन मध्यप्रदेश में कराया जा रहा है, जबकि उनका संचालन राजस्थान में हो रहा है.RTO की कार्रवाई: बस बॉडी कारखाने में अवैध मॉडिफिकेशन और टैक्स चोरी का खुलासाZoomबसों में अवैध मॉडिफिकेशन अब भी जारी

जयपुर. प्रदेश में परिवहन नियमों की सख्ती के बावजूद बस बॉडी मेकर्स द्वारा नियमों का उल्लंघन जारी है. बसों में क्षमता से अधिक सीटें जोड़कर मनमाने तरीके से मॉडिफिकेशन किया जा रहा है. इससे न केवल बसों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ रही है. परिवहन विभाग की लगातार कार्रवाई के बावजूद ऐसे कारखानों में गैरकानूनी गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं. RTO की टीम ने सूचना के आधार पर एक बस बॉडी निर्माण कारखाने में दबिश दी. जांच के दौरान पाया गया कि बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के बसों का अवैध निर्माण और मॉडिफिकेशन किया जा रहा था. मौके पर ही एक बस में अवैध बदलाव पकड़े गए, जिसे नियमों के खिलाफ मॉडिफाई किया जा रहा था. इस कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क की पोल खोल दी.

मामला दर्ज, दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई

परिवहन विभाग ने कार्रवाई करते हुए बॉडी बिल्डर मुबिन और वाहन स्वामी अभिमन्यु के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. दोनों पर बस बॉडी कोड के उल्लंघन और अवैध मॉडिफिकेशन के आरोप लगाए गए हैं. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी है और अन्य जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि कई बसों का पंजीयन मध्यप्रदेश में कराया गया है, जबकि उनका संचालन राजस्थान में किया जा रहा है. टैक्स बचाने के लिए दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन कराने का खेल भी सामने आया है. अधिकारियों का कहना है कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि राजस्व की भी हानि है.

डीटीओ की भूमिका की भी होगी जांच

परिवहन विभाग अब मध्यप्रदेश के डीटीओ की भूमिका की भी जांच कर रहा है. साथ ही पंजीयन को निरस्त करने के लिए संबंधित डीटीओ नीमच को पत्र लिखा जाएगा. मध्यप्रदेश परिवहन विभाग को भी इस पूरे मामले की जानकारी भेजी जाएगी ताकि अवैध पंजीयन पर रोक लगाई जा सके. गौरतलब है कि वर्ष की शुरुआत में प्रदेश में कई बस हादसे हुए थे, जिनमें कई लोगों की जान गई थी. इसके बाद विभाग ने सख्ती दिखाई थी, लेकिन एक बार फिर नियमों को दरकिनार कर अवैध बस संचालन और मॉडिफिकेशन का खेल शुरू हो गया है.

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

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