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बंटवारे के बाद तंगी से जूझ रहा था एक्टर, 1 मूवी ने चमकाई किस्मत, अचानक एक्टिंग छोड़ एयर इंडिया में करने लगा नौकरी

Last Updated:July 04, 2026, 04:31 IST

साल 1964 में आई फिल्म ‘दोस्ती’ ने एक्टर सुशील कु्मार को स्टार बना दिया था. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और इसने नेशनल अवार्ड समेत कई फिल्मफेयर पुरस्कार जीते. उन्होंने फिल्म में बैसाखी के सहारे चलने वाले ‘रामनाथ’ का किरदार निभाया था. बंटवारे के बाद उनका परिवार तंगी से जूझ रहा था. उन्हें मुसीबत से छुटकारा तब मिला, जब राजश्री प्रोडक्शंस ने उन्हें 300 रुपये महीने की सैलरी पर 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट के लिए साइन किया. सुशील कुमार ने बाद में एयर इंडिया में नौकरी की और साल 2003 में रिटायर हुए.

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बंटवारे के बाद तंगी से जूझ रहा था एक्टर, 1 मूवी ने चमकाई किस्मतZoomफिल्म ‘दोस्ती’ से स्टार बने थे एक्टर

नई दिल्ली: फिल्म ‘दोस्ती’ की कहानी दिल को झकझोर देने वाली है. फिल्म लोगों को खूब पसंद आई थी. इसने साल 1964 में सिनेमाघरों में राज किया था. आज भी यह लोगों की पसंदीदा फिल्मों में से एक है. इसमें एक्टर सुशील कुमार ‘रामनाथ’ का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए थे. वे 4 जुलाई 1945 को कराची में जन्मे थे. बंटवारे के बाद उनका सिंधी परिवार सबकुछ छोड़कर भारत आ गया. सुशील को बचपन से ही डांस और एक्टिंग का बड़ा शौक था. घर के खराब हालातों को सुधारने के लिए उनकी मां ने उन्हें फिल्मों में काम करने की इजाजत दे दी. उन्होंने 1958 में एक सिंधी फिल्म से शुरुआत की और फिर कई फिल्मों में बतौर बाल कलाकार अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया.

सुशील कुमार की किस्मत तब पलटी, जब राजश्री प्रोडक्शंस के मालिक ताराचंद बड़जात्या फिल्म ‘दोस्ती’ के लिए नए चेहरों की तलाश कर रहे थे. दरअसल, ताराचंद बड़जात्या की बेटी ने सुशील को एक फिल्म में एक्टिंग करते देखा था. उन्होंने अपने पिता को सुशील का नाम सुझाया, जिसके बाद राजश्री प्रोडक्शंस ने सुशील कुमार के साथ पूरे तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लिया. उन्हें हर महीने 300 रुपये की सैलरी मिलती थी, जो आज के जमाने में भले ही बहुत कम लगे, लेकिन उस वक्त एक नए एक्टर और उनके परिवार के लिए यह बहुत बड़ा सहारा थी.

एक्टिंग छोड़ एयर इंडिया में पकड़ी नौकरीजब फिल्म ‘दोस्ती’ रिलीज हुई, तो इसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. सुशील कुमार और सुधीर कुमार की सादगी भरी जोड़ी ने दर्शकों को खूब रुलाया. मोहम्मद रफी के गाए गाने और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत ने फिल्म को अमर बना दिया, जिसे नेशनल अवार्ड और कई फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिले. ब्लॉकबस्टर कामयाबी के बाद सुशील को कई ऑफर मिले, पर बात नहीं बन पाई. उन्होंने बाद में फिल्मों को अलविदा कहकर अपनी पढ़ाई पूरी की और एयर इंडिया में नौकरी कर ली. मजेदार बात यह है कि फिल्म ‘हीरा पन्ना’ की शूटिंग जब फ्लाइट में हो रही थी, तब सुशील कुमार फ्लाइट पर्सर के रूप में कैमरे के सामने नजर आए थे. वे साल 2003 में अपनी नौकरी से रिटायर होकर एक शांत जीवन जी रहे हैं.

About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें

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