‘सालों चक्कर काटे’, मेकर्स के धोखे से डिप्रेशन में चले गए थे एक्टर पलाश दत्ता! बयां किया ग्लैमर वर्ल्ड का काला सच

Last Updated:June 18, 2026, 17:06 IST
एक्टर और कास्टिंग डायरेक्टर पलाश दत्ता ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का एक कड़वा सच उजागर किया है. उन्होंने बताया कि लंबे समय तक पेमेंट न मिलने की वजह से वह मानसिक रूप से टूट गए थे. पिता के निधन के बाद तंगी और दुख ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी थी. पलाश ने प्रोडक्शन टीम के वादों और भरोसे पर बिना एग्रीमेंट के काम पूरा किया, लेकिन महीनों का इंतजार सालों में बदल गया. लगातार फोन, मैसेज और ऑफिस के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें न तो पूरा मेहनताना मिला और न ही एग्रीमेंट.
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पलाश दत्ता ने सुनाई आपबीती. (फोटो साभार: IANS)
नई दिल्ली: सिनेमा जगत में बाहर से जितनी चमक-दमक दिखती है, वहां कलाकारों की जिंदगी उतनी ही मुश्किलों से भरी होती है. एक्टर और कास्टिंग डायरेक्टर पलाश दत्ता ने हाल में अपना दर्द बयां किया. उन्होंने बताया कि कैसे लंबे समय तक पेमेंट न मिलने की वजह से वे मानसिक रूप से टूट गए थे. पलाश मुच्छल ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर वे हमेशा अपने काम को पूरी जिम्मेदारी से निभाते आए हैं. काम के चक्कर में पर्सनल लाइफ के खास मौकों को छोड़ना और दिन-रात एक करना उनकी आदत का हिस्सा रहा है. मगर जब पूरी लगन से काम खत्म करने के बाद भी मेहनत की कमाई के लिए महीनों तरसना पड़ता है, तो इंसान अंदर से एकदम निराश हो जाता है. ऐसा लगता है जैसे आपकी मेहनत की कोई कद्र ही नहीं है.
पलाश ने अपनी जिंदगी के सबसे बुरे दौर का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने मेकर्स को साफ-साफ कहा था कि उनके पिता का निधन हो चुका है और वे इस वक्त बहुत बड़ी मुश्किल में हैं. इस घड़ी में उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी. अगर उनका मेहनताना समय पर मिल जाता, तो उन्हें काफी सहारा मिल जाता. मगर हालात नहीं बदले और उन्हें सिर्फ इंतजार ही मिला. एक तरफ पिता को खोने का गम और दूसरी तरफ पैसों की तंगी, इन दोनों हालातों ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद कमजोर कर दिया था. शुरुआत में उन्हें बस थोड़ा सा एडवांस दिया गया था. जब उन्हें अगले शेड्यूल के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने पुराना पेमेंट और एग्रीमेंट मांगा, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ झूठे भरोसे ही दिए गए.
प्रोडक्शन टीम ने तोड़ा भरोसा पलाश लंबे समय से ‘सिंटा’ (CINTA) के सदस्य रहे हैं. उन्होंने बताया कि वे इंडस्ट्री के सारे नियमों को अच्छी तरह जानते हैं और आमतौर पर शूटिंग से पहले एग्रीमेंट साइन करना जरूरी होता है, लेकिन उन्होंने प्रोडक्शन टीम पर भरोसा करके काम जारी रखा. अफसोस की बात यह है कि यह इंतजार महीनों से सालों में बदल गया, पर न तो उन्हें पूरा पेमेंट मिला और न ही एग्रीमेंट. उन्होंने पैसे पाने के लिए प्रोडक्शन ऑफिस के चक्कर काटे, लगातार फोन कॉल्स किए और अनगिनत मैसेजेस भेजे, लेकिन सामने से कोई सही जवाब नहीं मिला. पलाश का कहना है कि काम कराने के बाद इस तरह का बर्ताव और चुप्पी किसी भी कलाकार को मानसिक रूप से थका देती है और अंदर से पूरी तरह झकझोर कर रख देती है.
About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
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