रिटायरमेंट बेनिफिट कार्ड का दिया झांसा, फौजी को रिफंड का लालच, साइबर ठगों ने ऐसे उड़ाए 4.39 लाख

Last Updated:August 08, 2026, 12:51 IST
Alwar Cyber Fraud Case: अलवर में साइबर ठगों ने रिटायर्ड बैंक मैनेजर और सेना के जवान को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाकर 4.39 लाख रुपए की ठगी कर ली. पहले मामले में सोशल मीडिया पर आए फर्जी बैंक विज्ञापन के जरिए रिटायर्ड बैंक मैनेजर को रिटायरमेंट बेनिफिट कार्ड का झांसा दिया गया. लिंक पर जानकारी भरते ही मोबाइल हैक कर खाते से 2.83 लाख रुपए निकाल लिए गए. दूसरे मामले में इटाराना कैंट में तैनात फौजी ने ऑनलाइन लोन की दो बार जमा हुई किश्त वापस लेने के लिए यूट्यूब से कस्टमर केयर नंबर लिया. फर्जी कस्टमर केयर कर्मचारी ने ओटीपी लेकर उनके नाम से 1.56 लाख रुपए का नया लोन उठा लिया. पुलिस ने मामले दर्ज कर लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है.
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अलवर में साइबर ठगों ने रिटायर्ड बैंक मैनेजर और सेना के जवान को निशाना बनाकर 4.39 लाख रुपए की ठगी कर ली
अलवर. राजस्थान के अलवर जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. साइबर ठग नए तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन खातों से रकम पार कर रहे हैं. ताजा मामलों में रिटायर्ड बैंक मैनेजर और इटाराना कैंट में तैनात फौजी से कुल 4.39 लाख रुपए ठगे गए. दोनों मामलों में सोशल मीडिया पर दिखे फर्जी विज्ञापन और गूगल-यूट्यूब से मिले कस्टमर केयर नंबर के जरिए ठगी की गई. साइबर थाना पुलिस के अनुसार काला कुआं निवासी रिटायर्ड बैंक मैनेजर रामअवतार अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है.
उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर सेंट्रल बैंक के लोगो वाला विज्ञापन आया. इसमें रिटायर्ड बैंक अधिकारियों के लिए रिटायरमेंट बेनिफिट कार्ड बनवाकर लाभ लेने की बात कही गई थी. विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद ठग ने फोन कर वॉट्सएप पर लिंक भेजा और उसमें जानकारी भरने को कहा. लिंक खोलकर विवरण भरते ही ठग ने मोबाइल हैक कर लिया. इसके बाद चार बार में 73 हजार, 95 हजार, 30 हजार और 95 हजार रुपए, कुल 2.83 लाख रुपए खाते से निकाल लिए.
मोबाइल हैक कर साइबर ठग ने खाते से उड़ा लिए मोटी रकम
खाते से रकम कटने के मैसेज मिलने पर ठगी का पता चला. पोते को जानकारी देने पर मोबाइल हैक होने की बात सामने आई. नॉर्थ वेस्ट दिल्ली निवासी और इटाराना कैंट में कार्यरत फौजी आशीष कुमार राय ने एमआईए थाने में शिकायत दी. उन्होंने एक ऑनलाइन एप से लोन लिया था. इसकी किश्त गलती से दो बार जमा हो गई थी. एक किश्त वापस लेने के लिए उन्होंने यूट्यूब पर कस्टमर केयर नंबर खोजा. नंबर पर संपर्क करने वाले ठग ने खुद को कस्टमर केयर कर्मचारी बताया और रिफंड के नाम पर ओटीपी ले लिया. इसके बाद फाइनेंस लोन ऐप के जरिए उनके नाम से 1 लाख 56 हजार 861 रुपए का नया लोन उठा लिया.
पुलिस लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है
पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की. एसओजी जयपुर में जीरो नंबर एफआईआर दर्ज कर मामला एमआईए थाने भेजा गया है. पुलिस लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है. साइबर थाना पुलिस ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि सरकार या किसी बैंक द्वारा रिटायरमेंट बेनिफिट कार्ड नाम से कोई आधिकारिक, वैध या अन्य कार्ड जारी नहीं किया जाता. साइबर ठग इस नाम का इस्तेमाल कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को निशाना बना रहे हैं. ऐसे विज्ञापनों पर क्लिक न करें और अनजान लिंक पर अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें.About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Alwar,Rajasthan
First Published :
August 08, 2026, 12:51 IST



